3 बच्चों को मारने वाली मां को फांसी की सजा:यूपी में प्रेमी को भी उम्रकैद; कोर्ट बोला- ऐसी मां को जीने का हक नहीं

यूपी के औरैया में 3 बच्चों को नदी में डुबोकर मारने वाली मां को फांसी की सजा हुई है। जिला कोर्ट ने उसके प्रेमी को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने इसे रेयर ऑफ रेयरेस्ट क्राइम मानते हुए कहा- जो महिला अपने बेटों को मार सकती है, उसे समाज में जीने का अधिकार ही नहीं है। जज ने लिखा- ऐसी घटना रिश्तों को शर्मसार करती हैं
एडीजे सैफ अहमद ने अपने फैसले में लिखा- प्रियंका ने एक के बाद एक 4 बच्चों को डुबोने का प्रयास किया। हर एक बच्चे को डुबोने के बाद उसके मन में किसी भी प्रकार की ग्लानि या ममता नहीं जागी। जो उसे एहसास कराती कि वह उनकी जननी है। वह अपने बच्चों के साथ ऐसा नहीं कर सकती। लेकिन, उसने बहुत ठंडे दिमाग से अपना उद्देश्य पूरा करने के लिए एक के बाद एक अपने बच्चों को डुबो दिया और घटना को अंजाम दिया। ऐसी घटना समाज में भय का माहौल पैदा करती है और रिश्तों को शर्मसार करती है। इस घटना के बाद कैसे कोई यह दावे से कह सकता है कि एक बच्चा अपनी मां के साथ सुरक्षित रहेगा। यह जरूरी है कि ऐसे अपराध में दोषसिद्धि को ऐसा कठोरतम दंड दिया जाए, जो समाज के लिए उदाहरण बने। भविष्य में कोई व्यक्ति ऐसा करने की न सोचे।
दरअसल, पिछले साल 27 जून, 2024 को आरोपी मां ने प्रेमी देवर के ताने से परेशान होकर 4 बच्चों को नदी में फेंक दिया था। जिसमें से 3 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि एक को गांव वालों ने बचा लिया था। जो बच्चा बचा था, उसने ही मां के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। कोर्ट ने जब महिला को फांसी की सजा सुनाई तो वह चुपचाप खड़ी रही। उसके चेहरे पर न शिकन थी, न ही किसी तरह का पछतावा। उसने अपनी सफाई में सिर्फ इतना कहा- पति की मौत के बाद ससुराल वालों ने मुआवजा के 5 लाख रुपए ले लिए और भैंस भी ले ली। वह बच्चों का गुजर बसर नहीं कर पा रही थी। जबकि प्रेमी देवर ने कहा- उसे फंसाया गया है। सरकारी वकील अभिषेक मिश्रा ने बताया- कोर्ट में कुल सात लोगों की गवाही हुई। 25 पेशी के बाद आज फैसला सुनाया गया। चौथा बेटे सोनू की गवाही अहम रही। इसके अलावा, बच्चों के चाचा मनीष ने भी महिला के खिलाफ गवाही दी। मनीष ने ही महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
जानिए पूरा मामला औरेया के फफूंद थाना के बरौआ गांव निवासी प्रियंका की शादी इटावा के लुईया गांव के रहने वाले अवनीश से हुई थी। प्रियंका के चार बच्चे सोनू, आदित्य, माधव और मंगल हुए। चार साल पहले पति अवनीश की करंट से मौत हो गई। इसके बाद प्रियंका चचेरे देवर आशीष के साथ रहने लगी। गांव में बदनामी होने पर मायके बरौआ आ गई। यहां पर आशीष भी आकर रहने लगा था। गांव वाले ताने मारने लगे। इसके बाद वह आशीष और बच्चों को लेकर औरैया शहर के बनारसीदास मोहल्ले में किराए पर कमरा लेकर रहने लगी। आशीष भी सैलून में काम करने लगा। इधर, बच्चों की परवरिश को लेकर घर में रोज कलह होने लगी। नशे में आशीष, प्रियंका और बच्चों से मारपीट करने लगा। वह बार-बार कहता था – तुम अपने बच्चों को मार डालो, तभी मैं तुम्हें साथ रखूंगा।
इसी गुस्से में 27 जून, 2024 की सुबह प्रियंका सभी बच्चों को ऑटो से लेकर सेंगुर नदी के केशमपुर घाट पर पहुंची। फिर 4 बच्चों को नदी में फेंक दिया। यह देखकर वहां मौजूद ग्रामीण आ गए। उन्होंने तुरंत बड़े बेटे को बचा लिया। दो और बच्चों को आनन-फानन में नदी से निकाला, लेकिन तब दोनों की मौत हो चुकी थी। सबसे छोटे बच्चे का शव तुरंत नहीं मिला, जिसे बाद में गोताखोरों ने ढूंढ निकाला था। ग्रामीणों ने प्रियंका को मौके से पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। जबकि प्रेमी आशीष को पुलिस ने औरैया शहर से पकड़ा था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि तीनों बच्चों की डूबने से जान गई। जिंदा बचे बेटे ने बताया था- मां हम लोगों को लेकर नदी किनारे आई और मेरे तीन भाइयों को कुछ खिला दिया। इसके बाद हम लोगों को नदी में धकेल दिया। मुझे गांव वालों ने बचा लिया। ————————— ये खबर भी पढ़ें- पत्नी ने दिया तमंचा, प्रेमी ने गोली मारी:अलीगढ़ में थाने पहुंचकर बोला- साहब! मैंने हत्या की है, गिरफ्तार कर लीजिए अलीगढ़ में महिला ने प्रेमी से पति की हत्या करवा दी। उसने हत्या के लिए खुद प्रेमी को तमंचा दिया था। आरोपी ने घर के बाहर खड़े व्यक्ति को गोली मार दी। उसने बचाने दौड़े भाई पर भी तमंचे से फायर कर दिया। मगर वह बाल-बाल बच गया। हत्या करने के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा। पुलिस के सामने बोला- साहब! मैंने हत्या कर दी है। मुझे गिरफ्तार कर लीजिए। पढ़ें पूरी खबर