उर्वरक सब्सिडी घोटाले का मुख्य आरोपी चन्द्रभान गिरफ्तार:72 लाख के गबन का है आरोप, 19 साल से था फरार

उत्तर प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 72 लाख रुपये के उर्वरक सब्सिडी घोटाले के मामले में फरार चल रहे अभियुक्त चन्द्रभान वर्मा को 10 जुलाई 2025 को लखनऊ से गिरफ्तार किया। चन्द्रभान वर्मा, फर्म स्टार मिनरल्स और मून इंटरप्राइजेज, तालबेहट ललितपुर का व्यवस्थापक था, जो मैसर्स अवध फर्टिलाइजर्स प्रा. लि., मिहीपुरवा, बहराइच को रॉक फास्फेट और सिंगल सुपर फास्फेट की आपूर्ति करता था। यह घोटाला वर्ष 1998 से 2000 के बीच हुआ। इसमें फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित बिल-वाउचर के जरिए उर्वरक सब्सिडी की 72 लाख रुपये की राशि का गबन किया गया। मामले की जांच विशेष अनुसंधान शाखा (कृषि), लखनऊ ने की थी। जिसके बाद 2006 में थाना मोतीपुर, बहराइच में मुकदमा दर्ज हुआ। जांच में 14 अभियुक्त दोषी पाए गए। इसमें से तीन की मौत हो चुकी है और पांच के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। इस मामले में पांच अभियुक्तों की अब भी तलाश है।