4 क्विंटल की कांवड़ दांतों से खींच रहा:दिव्यांग पति को पीठ पर हरिद्वार ले गई, राहुल गांधी को जलाभिषेक करने यूपी बुलाया

उत्तर भारत की सबसे लंबी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू हो चुकी है। हरिद्वार में हर की पैड़ी से गंगाजल भरकर कांवड़िए सैकड़ों किलोमीटर का पैदल सफर कर रहे हैं। रास्ते भर वो लोग ‘बोल–बम’ का जयघोष करके आगे बढ़ रहे हैं। नंगे पैर हैं, पैरों में छाले पड़े हैं, कंधे पर कांवड़ है और जुबां पर भोले का नाम है। अनुमान है कि इस बार 4 करोड़ से ज्यादा कांवड़िए हरिद्वार पहुंचेंगे। इन सबके बीच कुछ कांवड़िए ऐसे हैं, जिनके कांवड़ लाने की कहानियां एकदम अलग हैं। कोई दिव्यांग पति को पीठ पर बैठाकर हरिद्वार ले आई, तो कोई अपनी मां को कांवड़ में बैठाकर ले जा रहा। कोई कांवड़ को दांतों से खींच रहा, तो कोई गंगाजल के साथ दंडवत चल रहा। ‘दैनिक भास्कर’ की ‘कांवड़ यात्रा’ स्पेशल सीरीज में आज हम आपको कुछ ऐसी ही कहानियों से रूबरू कराएंगे। पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट… गोमाता को राष्ट्र-माता का दर्जा दिलाने के लिए 4 क्विंटल की कांवड़ दांतों से खींच रहे रुतबा
मेरठ में खरखौदा क्षेत्र के गांव छतरी में रहने वाले रुतबा गुर्जर पहलवान दांतों से ही कांवड़ खींचकर हरिद्वार से ला रहे हैं। इस कांवड़ में 101 लीटर गंजाजल है। बुग्गी, इनवर्टर-बैटरा सहित कुल वजन 4 क्विंटल के आसपास है। रुतबा बताते हैं- मैं पिछले 8 साल से दांतों से कोई भी भारी चीज खींचने की प्रैक्टिस कर रहा हूं। इससे पहले स्कॉर्पियो, ट्रैक्टर खींच चुका हूं। 50 किलो चीनी का कट्टा दांतों से उठाकर एक किलोमीटर तक पैदल चल चुका हूं। मैंने प्रयागराज महाकुंभ में दांतों से स्कॉर्पियो खींचकर दिखाई थी। रुतबा इस अनूठी कांवड़ के जरिए गोमाता को राष्ट्र-माता का दर्जा देने की मांग सरकार से कर रहे हैं। कहते हैं- गोमाता पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए गोमाता को राष्ट्र-माता का दर्जा दिया जाना जरूरी है। हरिद्वार से एक कांवड़ राहुल गांधी के नाम जलाभिषेक के लिए राहुल को बुलाया
मुजफ्फरनगर जिले में खतौली के रहने वाले प्रजापति अनुज इंद्रवाल ‘एक कांवड़ राहुल गांधी’ के नाम लेकर आ रहे हैं। उन्होंने एक पिकअप वाहन पर चारों तरफ होर्डिंग लगवा रखे हैं। इसमें राहुल के अलावा अमर शहीद रामचंद्र विद्यार्थी, महाराजा दक्ष प्रजापति और स्वतंत्रता सेनानी रत्नप्पा कुम्हार की तस्वीर छपी है। अनुज इंद्रवाल कहते हैं- कांवड़ महादेव के आशीर्वाद से ही आती है। कुछ कांवड़िए अपनी मां, भाई, पिता के नाम पर कांवड़ लाते हैं। मैं राहुल गांधी को अपना आइडियल मानता हूं। इसलिए मैं उनके नाम पर कांवड़ ला रहा हूं। मैं 151 लीटर गंगाजल लेकर 2 जुलाई को हरिद्वार में हरकी पैड़ी से चला था। 23 जुलाई को मुजफ्फरनगर के शिवचौक पर पहुंचूंगा। मैंने राहुल गांधी को ई-मेल भेजकर रिक्वेस्ट किया है कि वो जलाभिषेक करने के लिए खुद मुजफ्फरनगर आएं। इसके लिए मैंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से भी फोन पर बात की है। वो हमारा मैसेज राहुल तक पहुंचा रहे हैं। अनुज इंद्रवाल पहले में राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से भी जुड़ चुके हैं। अनुज बताते हैं कि उस वक्त मेरी करीब 23 मिनट तक राहुल गांधी से मुलाकात हुई थी। तब मैंने जाना कि वो अच्छे और ईमानदार व्यक्ति हैं। मां को कांवड़ में बैठाकर ला रहे तीन बेटे 9 साल का पोता चल रहा सबसे आगे
शामली जिले के गांव कुरमाली में रहने वाले 3 भाई गुड्डू, विकास और संजीव अपनी 55 साल की मां हरकली देवी को कांवड़ की पालकी में बैठाकर हरिद्वार से ला रहे हैं। हरकली देवी का वजन 41 किलो है। इसलिए बेटों ने मां के वजन के बराबर 41 लीटर गंगाजल हर की पैड़ी से उठाया है। कांवड़ की एक पालकी में गंगाजल है, तो दूसरी पालकी में मां बैठी हैं। 9 साल का पोता भी उनके साथ पैदल चल रहा है। वह इन सबसे आगे रहता है। संजीव बताते हैं- हमारा बहुत मन था कि मां को गंगा स्नान कराना है। उन्हें कांवड़ में बैठाकर लाना है। हम हर रोज 10 से 12 किलोमीटर सफर करते हैं। एक बार में कम से कम 100 मीटर चलते हैं। तीनों भाई आपस में कंधे बदलते रहते हैं। क्या कोई मन्नत मांगी थी? इस पर संजीव कहते हैं- मन्नत बस यही थी कि श्रवण कुमार की तरह अपनी मां को भी कांवड़ में बैठाकर लाना है। मां हरकली देवी कहती हैं- बहुत अच्छा लग रहा है, जो बेटों ने मेरे बारे में इतना सोचा। मैं जब कांवड़ में बैठे-बैठे थक जाती हूं तो सड़क किनारे लेटकर थोड़ा आराम कर लेती हूं। मुझे फख्र है कि मेरे ऐसे बेटे हैं। दिव्यांग पति को पीठ पर बैठाकर कराया जलाभिषेक महादेव से मांगी मन्नत- मेरे पति को ठीक कर दो
गाजियाबाद में मोदीनगर की एक महिला अपने दिव्यांग पति सचिन को पीठ पर बैठाकर हरिद्वार के मंदिरों में दर्शन करवा रही है। 14 जुलाई को वो हर की पैड़ी हरिद्वार पहुंची। यहां गंगा स्नान किया। इसके बाद गंगाजल भरा और पति को पीठ पर बैठाकर करखल के दक्षिणेश्वर महादेव मंदिर पर पहुंचकर जलाभिषेक किया। अब वो चाहती है कि पति को इसी तरह पीठ पर बैठाकर 170 किलोमीटर दूर मोदीनगर ले जाए और वहां भी जलाभिषेक करे। पत्नी की यही इच्छा है कि पति पहले की तरह ठीक हो जाएं और अपने दोनों पैरों पर खड़े हों। सचिन बताते हैं- पिछले साल दिसंबर में मेरी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद मेरे दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया, मैं दिव्यांग जैसा हो गया। मैं लगातार 16 साल से हरिद्वार आ रहा हूं। अब तक 13 कांवड़ हरिद्वार से ला चुका हूं। पैरों की हालत देखकर इस बार लग रहा था कि कांवड़ नहीं ला पाऊंगा। 3 दिन पहले पत्नी ने मुझे हरिद्वार घुमाने की जिद की और हम यहां आ गए। अब पत्नी कह रही है कि मैं तुम्हें ऐसे ही पीठ पर बैठाकर गाजियाबाद वापस लेकर जाऊंगी। मैं सोच में हूं कि करूं तो क्या करूं। मेरा खुद का वजन 38 किलो है। बैग है। दो बच्चे भी साथ हैं। मुझे लगता है कि भोलेनाथ सबकी सुनते हैं। शायद भोलेनाथ ने ही हमें यहां बुलाया हो। महादेव की बजाय गायों का जलाभिषेक करेंगे हरियाणा के कांवड़िए
हरियाणा में भिवाणी जिले के गांव लोहारू निवासी कांवड़िए 3 कलश कांवड़ लेकर आ रहे हैं। एक कांवड़ में 41 लीटर, दूसरी में 31 लीटर और तीसरी कांवड़ में 11 लीटर गंगाजल है। महत्वपूर्ण बात है कि ये कांवड़िए शिवलिंग की बजाय गाय का जलाभिषेक करेंगे। अंकित बताते हैं- हमने कुछ दिन पहले ही अपने गांव में एक गोशाला खोली है। इसमें हम उन गायों को लाते हैं, जो रास्ते में चोटिल पड़ी होती हैं। या उन्हें किसी तरह के इलाज की जरूरत होती है। अभी इस गोशाला में 5-6 गाय मौजूद हैं। हमने फैसला लिया है कि इस बार हम गंगाजल से गायों का जलाभिषेक करेंगे। अंकित कहते हैं- गाय के अंदर सारे देवी-देवता मौजूद हैं। इसलिए इससे बढ़िया और क्या हो सकता है। इसके साथ ही हम सरकार से मांग करते हैं कि गायों को राष्ट्र-माता का दर्जा दिया जाए। ————————– ये खबर भी पढ़ें… PCS ज्योति मौर्य के पति को क्या मिलेगा गुजारा भत्ता?, पुरुष को भी भत्ता मांगने का अधिकार? दावा कितना मजबूत? यूपी की PCS अफसर ज्योति मौर्या के सफाईकर्मी पति आलोक मौर्या ने गुजारा भत्ता मांगा है। आलोक ने इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका पर हाईकोर्ट ने ज्योति मौर्या को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी। भारतीय समाज में पत्नी को गुजारा भत्ता मिलने की बात चलन में है। लेकिन, आलोक मौर्या की अपील ने नई बहस छेड़ दी है। क्या पुरुष को भी पत्नी से गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार है? कौन-कौन से एक्ट में इसका प्रावधान है? नियम और कानून क्या कहते हैं ? पढ़िए पूरी खबर…