आगरा में बुधवार को अतिक्रमण हटाने को लेकर बवाल हो गया। नगर निगम टीम और स्थानीय लोगों में मारपीट हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि लोग लाठी-डंडे लेकर सड़क पर उतर आए। मारपीट में नगर निगम कर्मी सहित 5 लोग घायल हो गए। मौके पर दो थानों की फोर्स पहुंची। किसी तरह लोगों को शांत कराया। इसके बाद लोगों ने पुलिस चौकी पर भी जमकर हंगामा किया। ये मामला शाहगंज के सराय ख्वाजा क्षेत्र का है। अब विस्तार से पढ़िए… जानिए क्यों हुआ विवाद
नगर निगम की टीम दोपहर को अतिक्रमण हटाने गई थी। पहले तो यहां शराब के ठेके के पास पॉलीथिन का प्रयोग कर रहे दुकानदारों का चालान काटा। इसके बाद यहां नाले पर अतिक्रमण कर अस्थायी रूप से बनाई कई दुकानों को हटाया। त्रिपाल गिराने के साथ ही नाले पर रखा फर्नीचर ध्वस्त कर दिया। इससे गुस्साए लोगों ने नगर निगम की टीम को घेर लिया। दोनों तरफ से पहले कहासुनी हुई, फिर मारपीट शुरू हो गई। इसका दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने विरोध किया। वो लाठी-डंडा लेकर आ गए। इसमें सफाई इंस्पेक्टर प्रदीप गौतम समेत 5 लोग घायल हो गए। सड़क पर जाम लग गया। लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। इस पर नगर निगम की टीम ने पुलिस को कॉल की। तब तब दो पक्षों में मारपीट होने लगी। पुलिस दोनों चौकी लेकर आई। पुलिस चौकी पहुंचे दोनों पक्ष
सराय ख्वाजा पुलिस चौकी में भी दोनों पक्षों में जमकर तकरार हुआ। पुलिस चौकी के अंदर ही हंगामा किया।पुलिस ने बड़ी मुश्किल से गुस्साए लोगों को संभाला। घायल लोगों का मेडिकल कराया जा रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस चौकी पर तहरीर रहे हैं। विधायक का करीबी से हुआ विवाद
नगर निगम की टीम जिस दुकानदार से विवाद हुआ, वह खेरागढ़ के विधायक भगवान सिंह कुशवाह का करीबी है। सूचना के बाद विधायक के भाई भी पहुंच गए थे। उन्होंने हस्तक्षेप करके नगर निगम और दुकानदारों में समझौता करा दिया था। मगर, बाद में दुकानदार भड़क गए और हंगामा हो गया। नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी डा. संजय वर्मा ने बताया- टीम अतिक्रमण हटाने गई थी। इस दौरान विवाद हो गया। मामले की जांच कराई जा रही है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ————— ये खबर भी पढ़ें… कांवड़ लेकर मत जाना गाने वाले टीचर बोले-सरकार फांसीवादी; कावड़ को बढ़ावा दे रही, आवाज उठानी होगी, अखिलेश का तंज- क्या यही अमृतकाल सरकार स्कूल बंद कर शराब की दुकानें खुलवा रही है। कांवड़ यात्रा को बढ़ावा दे रही है। इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। सारे बुद्धिजीवी वर्ग को जाग जाना चाहिए। जहां-जहां भी शिक्षक वर्ग बोल रहा है, सरकार उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा रही है। सरकार की जो फांसीवादी मानसिकता है, उसका जनता को डटकर जवाब देना चाहिए। यह कहना है बरेली के एमजीएम इंटर कॉलेज में हिंदी के प्रवक्ता डॉ. रजनीश गंगवार का। पढ़िए पूरी खबर
नगर निगम की टीम दोपहर को अतिक्रमण हटाने गई थी। पहले तो यहां शराब के ठेके के पास पॉलीथिन का प्रयोग कर रहे दुकानदारों का चालान काटा। इसके बाद यहां नाले पर अतिक्रमण कर अस्थायी रूप से बनाई कई दुकानों को हटाया। त्रिपाल गिराने के साथ ही नाले पर रखा फर्नीचर ध्वस्त कर दिया। इससे गुस्साए लोगों ने नगर निगम की टीम को घेर लिया। दोनों तरफ से पहले कहासुनी हुई, फिर मारपीट शुरू हो गई। इसका दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने विरोध किया। वो लाठी-डंडा लेकर आ गए। इसमें सफाई इंस्पेक्टर प्रदीप गौतम समेत 5 लोग घायल हो गए। सड़क पर जाम लग गया। लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। इस पर नगर निगम की टीम ने पुलिस को कॉल की। तब तब दो पक्षों में मारपीट होने लगी। पुलिस दोनों चौकी लेकर आई। पुलिस चौकी पहुंचे दोनों पक्ष
सराय ख्वाजा पुलिस चौकी में भी दोनों पक्षों में जमकर तकरार हुआ। पुलिस चौकी के अंदर ही हंगामा किया।पुलिस ने बड़ी मुश्किल से गुस्साए लोगों को संभाला। घायल लोगों का मेडिकल कराया जा रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस चौकी पर तहरीर रहे हैं। विधायक का करीबी से हुआ विवाद
नगर निगम की टीम जिस दुकानदार से विवाद हुआ, वह खेरागढ़ के विधायक भगवान सिंह कुशवाह का करीबी है। सूचना के बाद विधायक के भाई भी पहुंच गए थे। उन्होंने हस्तक्षेप करके नगर निगम और दुकानदारों में समझौता करा दिया था। मगर, बाद में दुकानदार भड़क गए और हंगामा हो गया। नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी डा. संजय वर्मा ने बताया- टीम अतिक्रमण हटाने गई थी। इस दौरान विवाद हो गया। मामले की जांच कराई जा रही है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ————— ये खबर भी पढ़ें… कांवड़ लेकर मत जाना गाने वाले टीचर बोले-सरकार फांसीवादी; कावड़ को बढ़ावा दे रही, आवाज उठानी होगी, अखिलेश का तंज- क्या यही अमृतकाल सरकार स्कूल बंद कर शराब की दुकानें खुलवा रही है। कांवड़ यात्रा को बढ़ावा दे रही है। इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। सारे बुद्धिजीवी वर्ग को जाग जाना चाहिए। जहां-जहां भी शिक्षक वर्ग बोल रहा है, सरकार उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा रही है। सरकार की जो फांसीवादी मानसिकता है, उसका जनता को डटकर जवाब देना चाहिए। यह कहना है बरेली के एमजीएम इंटर कॉलेज में हिंदी के प्रवक्ता डॉ. रजनीश गंगवार का। पढ़िए पूरी खबर