सिद्धार्थनगर में व्यापारी दंपती की लाशें कमरे में मिली हैं। दोनों का शव कमरे में खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। ऊपरी मंजिल पर सो रहा बेटा जब सुबह नीचे आया और कमरा खोला तो अंदर का नजारा देख उसके होश उड़ गए। पूरे कमरे में खून ही खून बिखरा पड़ा था। माता पिता के गले पर रेतने के गहरे निशान मिले। बेटे ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। मृतकों की पहचान मोहन अग्रवाल (65) और उनकी पत्नी अंजू अग्रवाल (55) के रूप में हुई है। वारदात बढ़नी कस्बे की है। दंपती स्टेट बैंक के सामने स्थित किराए के मकान में रह रहे थे। कमरे में सुसाइड नोट मिला है। बेटे का कहना है कि पापा पर कर्ज था। वो इससे परेशान थे। सूचना पर सीओ शोहरत गढ़ सुजीत राय, एसडीएम राहुल सिंह और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं, पुलिस ने मकान को सील कर इलाके को घेराबंदी में ले लिया है। पहले घटना के दो विजुअल देखिए अब पढ़िये पूरा मामला
मृतक मोहन अग्रवाल आर्य समाज रोड पर “अग्रवाल मेडिकल स्टोर” के नाम से दवा की दुकान चलाते थे। वह वर्षों से बढ़नी में किराए पर रह रहे थे और क्षेत्र के प्रमुख व्यापारियों में गिने जाते थे। घटना से व्यापारिक समुदाय में भी शोक और आक्रोश है। बेटे ने बताया पूरा मंजर बेटे राहुल अग्रवाल ने बताया- मैं फर्स्ट फ्लोर वाले कमरे में सोया था। पापा और मम्मी नीचे वाले कमरे में थे। सुबह जब वह अपने पिता के कमरे में गया तो माता-पिता मृत अवस्था में पड़े थे। मां का शव कमरे के अंदर बेड पर था जबकि पिता की लाश घर के बरामदे में पड़ी थी। मैंने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लाेगों ने ही पुलिस को सूचना दी है। सीओ सुजीत राय के अनुसार, बेटे राहुल ने बयान दिया है कि पिता भारी कर्ज को लेकर मानसिक तनाव में रहते थे। लेकिन बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कोई व्यक्ति खुद ही इतनी गहराई से अपना गला कैसे रेत सकता है? और अगर ये आत्महत्या है, तो दोनों पति-पत्नी की एक साथ मौत कैसे हुई? फिलहाल मामले की गहराई से जांच की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच के बाद ही सच सामने आ सकेगा। खबर अपडेट की जा रही है…
मृतक मोहन अग्रवाल आर्य समाज रोड पर “अग्रवाल मेडिकल स्टोर” के नाम से दवा की दुकान चलाते थे। वह वर्षों से बढ़नी में किराए पर रह रहे थे और क्षेत्र के प्रमुख व्यापारियों में गिने जाते थे। घटना से व्यापारिक समुदाय में भी शोक और आक्रोश है। बेटे ने बताया पूरा मंजर बेटे राहुल अग्रवाल ने बताया- मैं फर्स्ट फ्लोर वाले कमरे में सोया था। पापा और मम्मी नीचे वाले कमरे में थे। सुबह जब वह अपने पिता के कमरे में गया तो माता-पिता मृत अवस्था में पड़े थे। मां का शव कमरे के अंदर बेड पर था जबकि पिता की लाश घर के बरामदे में पड़ी थी। मैंने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लाेगों ने ही पुलिस को सूचना दी है। सीओ सुजीत राय के अनुसार, बेटे राहुल ने बयान दिया है कि पिता भारी कर्ज को लेकर मानसिक तनाव में रहते थे। लेकिन बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कोई व्यक्ति खुद ही इतनी गहराई से अपना गला कैसे रेत सकता है? और अगर ये आत्महत्या है, तो दोनों पति-पत्नी की एक साथ मौत कैसे हुई? फिलहाल मामले की गहराई से जांच की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच के बाद ही सच सामने आ सकेगा। खबर अपडेट की जा रही है…