सावन का आज आठवां दिन है। कांवड़िए गंगाजल लेकर पैदल शिव मंदिरों में अभिषेक के लिए जा रहे हैं। मुजफ्फरनगर में DSP ऋषिका सिंह ने कांवड़ियों के पैर दबाए, उनकी मरहम-पट्टी की और उन्हें पानी पिलाया। बागपत में डॉक्टर बाबू खान अपनी टीम के साथ कांवड़ शिविर पहुंचे और कांवड़ियों का इलाज किया। डॉक्टर खान ने कहा- भगवान के लिए तपस्या कर रहे लोगों की सेवा करना सौभाग्य की बात है। शिव भक्तों की सेवा से मुझे शांति मिलती है। बागपत से हरियाणा के चार कांवड़िए नीले ड्रम में कांवड़ लेकर निकले। उनका कहना है- मेरठ में सौरभ हत्याकांड में नीले ड्रम के इस्तेमाल के बाद से लोगों में भय और आशंका का माहौल था। इस डर को खत्म करने के लिए हमने यह विशेष पहल की है। इधर, एटा से एक तस्वीर सामने आई है। इसमें दो बेटे अपने माता-पिता को पालकी में बैठाकर खींचते नजर आ रहे। बताया जा रहा है कि ये कासगंज के सोरों से गंगा जल भरकर लौटे हैं। काशी में बाबा विश्वनाथ को जल चढ़ाने पहुंचे प्रज्जवल ने दैनिक भास्कर से कहा- मैं अमेठी से आ रहा हूं। मेरे शादी जल्दी हो जाए। इसलिए कांवड़ उठाई है। तस्वीरें देखिए-
यूपी में कांवड़ यात्रा से जुड़े VIDEO और अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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