हॉस्टल में कैद छात्रों का फंदा लगाते VIDEO:160 स्टूडेंट ने खुद को कैद किया, बोले-प्रिसिंपल को हटाओ, गेट तोड़कर निकाले गए

लखीमपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। कुल 160 छात्रों ने सुबह 8 बजे खुद को हॉस्टल में बंद कर लिया। इनमें कक्षा 9 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स शामिल थे। छात्रों ने डीएम को लेटर लिखकर प्रिंसिपल को हटाने की मांग की। फिर शाम को छात्रों ने फंदा लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। सुबह से भूखे-प्यासे छात्रों ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो फांसी लगा लेंगे। इसके बाद शाम 5 बजे गेट तोड़कर उनको बाहर निकाला गया। बाहर निकले बच्चों ने बताया कि प्रिंसिपल एसके सक्सेना अभद्र व्यवहार कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। स्कूल के स्टाफ को सबके सामने पीटते हैं। ऐसे प्रिंसिपल को स्कूल में नहीं रहना चाहिए। इनके चलते स्कूल में डर का माहौल है। उनका कहना है कि जब तक असिस्टेंट कमिश्नर नवोदय, डीएम या बड़े अधिकारी नहीं आते, तब तक हम किसी से बात नहीं करेंगे। इस घटना के 5 घंटे बाद (दोपहर करीब 1 बजे) सहायक आयुक्त नवोदय विद्यालय समिति (एसी) सुमन कुमार लखनऊ से लखीमपुर पहुंचे। छात्रों ने अपनी शिकायतें कागज पर लिखकर उनको दीं। साथ ही कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, हम बाहर नहीं निकलेंगे। वहीं प्रिंसिपल ने सभी आरोपों को निराधार बताया। इससे पहले मितौली SDM रेनू मिश्रा ने तहसीलदार ज्योति वर्मा को मौके पर भेजा था। तहसीलदार ने खिड़की से झांककर बच्चों से बात करने की कोशिश की, लेकिन बच्चों ने बात नहीं की। आखिर में खुद SDM रेनू मिश्रा विद्यालय पहुंचीं। तब पुलिसकर्मियों ने हॉस्टल का गेट तोड़कर सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला। मामला खीरी के मितौली में स्थित जवाहर नवोदय स्कूल का है। 2 तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरा घटनाक्रम
जवाहर नवोदय स्कूल में सोमवार सुबह रोज की तरह 8 बजे से कक्षाएं शुरू हुईं। 9 से 12वीं तक की किसी भी क्लास में कोई छात्र नहीं पहुंचा। केवल छात्राएं पहुंची थीं। टीचर्स ने हॉस्टल से बच्चों को बुलाने के लिए वार्डन को भेजा। वार्डन वहां पहुंचे, तो देखा करीब 160 छात्रों ने खुद को एक कमरे में बंद कर रखा था। वार्डन ने गेट खोलने को कहा, लेकिन छात्रों ने मना कर दिया। इसके बाद छात्रों ने एक लेटर और वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वार्डन की सूचना पर टीचर्स और प्रिंसिपल खुद हॉस्टल में पहुंचे, लेकिन छात्र बात करने और बाहर आने को तैयार नहीं हुए। हॉस्टल में छात्र-छात्राओं की संख्या 550 के करीब है। लेकिन, प्रदर्शन करने वालों में केवल 9 से 12वीं तक के छात्र शामिल थे, छात्राएं इससे दूर रहीं। अब जानिए बच्चों ने लेटर में क्या लिखा…
स्टूडेंट्स ने डीएम को सोशल मीडिया के जरिए पत्र में लिखा कि हम, प्रधानमंत्री श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मितौली खीरी के छात्र अपने विद्यालय के छात्रावासों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे। प्रधानाचार्य एसके सक्सेना और कर्मचारी कमल अहमद के दुर्व्यवहार और पद के दुरुपयोग के कारण हमें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। ये शिकायतें बच्चों ने सोशल मीडिया पर शेयर कीं स्टूडेंट्स ने वीडियो भी भेजे एक छात्र ने हॉस्टल के अंदर से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप शेयर किया। जिसमें कहा- मैं जवाहर नवोदय स्कूल का छात्र हूं। मैंने अपना चेहरा इसलिए ढक रखा है कि मेरे ऊपर आगे कोई कार्रवाई न हो। हम लोग शांति से हाउस में बैठे हैं। मेरा समिति से अनुरोध है कि समिति के उच्च अधिकारी एसी या डीसी हमसे आकर बात करें और हमारी समस्याओं को समझें। प्रधानाचार्य का तुरंत ट्रांसफर किया जाए और उनके व्यवहार की औपचारिक जांच की जाए। कमाल अहमद का तबादला हो और वो सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। कोई वरिष्ठ अधिकारी (एनवीएस के डीएम, एसी और डीसी) हमसे सीधे बात करने के लिए खुद आएं। बोले- हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे
छात्र ने कहा कि यह एक अहिंसक, शांतिपूर्ण विरोध है, लेकिन हम एकजुट हैं और अपने रुख पर अडिग हैं। हमारा एकमात्र लक्ष्य एक सुरक्षित, सम्मानजनक शिक्षण वातावरण बनाना है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि स्थिति बिगड़ने या छात्रों के कल्याण को और नुकसान पहुंचने से पहले तत्काल कार्रवाई करें। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इसलिए हमने अपने छात्रावास के भीतर ही विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया। बच्चों ने सुबह से कुछ नहीं खाया था
बच्चों ने सुबह से शाम तक कुछ भी नहीं खाया, न ही नाश्ता किया। उनका कहना था कि जब तक प्रिंसिपल और कमाल अहमद को हटाया नहीं जाएगा, तब तक बाहर नहीं आएंगे। बाद में उन्हें परेशान किया जाएगा और टीसी दी जाएगी, जिससे उनका भविष्य खराब हो जाएगा। एसडीएम के पहुंचने पर निकाला गया
एसडीएम रेनू मिश्रा और सीओ जितेंद्र परिहार की मौजूदगी में थानाध्यक्ष शिवाजी दुबे ने पुलिस की मदद से दरवाजा तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। पुलिस की सुरक्षा में सभी को पानी-बिस्किट दिया गया। उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनके साथ कोई ज्यादती नहीं होगी। एहतियातन एंबुलेंस बुलाई गई थी, लेकिन किसी बच्चे को कोई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत नहीं होने पाई। अब जानिए अधिकारियों ने क्या कहा
तहसीलदार ज्योति वर्मा ने बताया कि हमने बच्चों से बात करने की कोशिश की, लेकिन वो तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि केवल उच्च अधिकारियों से बात करेंगे। प्रिंसिपल बोले- बच्चे बात करने को तैयार नहीं
प्रिसिंपल संजीव कुमार सक्सेना ने बताया कि सीनियर सेक्शन के 50 से 70 बच्चे होंगे। वो केवल एसी-डीसी से बात करने को बोल रहे। इसलिए हमने लखनऊ इन्फॉर्म कर दिया। हमने बच्चों को कन्वेंस करने की कोशिश की, तहसीलदार और एसडीएम मैडम ने भी बात करने की कोशिश की, पर बच्चे तैयार नहीं हुए। प्रिंसिपल ने कहा- सारा मैटर उच्च अधिकारियों की जानकारी में है। जवाब भी वही लोग देंगे। छात्रों के सभी आरोप निराधार हैं। लखनऊ से पहुंचे एसी को छात्रों ने लिखित में की शिकायत सहायक आयुक्त नवोदय विद्यालय समिति सुमन कुमार लखनऊ से मौके पर पहुंचे। छात्रों ने कागज पर अपनी शिकायतें लिखकर दीं। उनसे कहा कि सबके सामने ये चारों शिकायतें पढ़कर सुनाइए। एसी ने बच्चों की लिखित शिकायत पढ़कर सुनाई। छात्रों ने एसी के सामने 6 मांगें रखीं —————————– यह खबर भी पढ़ें… लखनऊ में Zomato से पनीर मंगवाया, चिकन काली मिर्च आया:दो युवकों की तबीयत बिगड़ी, सावन का व्रत टूटा, बोले- धर्म भ्रष्ट कर दिया लखनऊ के एक रेस्टोरेंट की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक युवक ने Zomato (जोमैटो) से पनीर काली मिर्च का ऑनलाइन ऑर्डर किया, लेकिन रेस्टोरेंट ने चिकन काली मिर्च भेज दिया। डिश खाने के बाद युवक और उसके दोस्त की तबीयत बिगड़ गई। युवक शिकायत लेकर थाने पहुंचा। उसने पुलिस से कहा, रेस्टोरेंट संचालक ने सेहत और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। चिकन खाने के बाद उसका व्रत टूट गया और 4 हिंदुओं का धर्म भी भ्रष्ट हुआ। पुलिस ने केस दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर…