कानपुर देहात में दो धाराएं पैरलल चल रही हैं, जो कभी मिल नहीं सकती हैं। एक है सांसद भोले सिंह और दूसरा विधायक प्रतिभा शुक्ला। उनकी और हमारी विचारधारा नहीं मिलती है। वो (भोले सिंह) अनैतिक काम करते हैं, हम उनके साथ नहीं रह सकते हैं। हमारे कार्यकर्ता सच्चे हैं। सांसद और उनके कार्यकर्ता गुंडागर्दी, जमीनों पर कब्जा और जुआं खिलवाने के साथ हर अनैतिक कामों में लिप्त हैं। सीधे लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं। – प्रतिभा शुक्ला, राज्यमंत्री ब्राह्मण ही सबसे ज्यादा BJP को वोट करता है। इसके बाद भी भाजपा में ब्राह्मण बुरी तरीके से उपेक्षित हैं। साढ़े तीन साल से प्रतिभा शुक्ला मंत्री बनी हैं। मैंने तो कई बार कहा कि तुम इस्तीफा दे दो। जब साढ़े तीन साल में एक भी फाइल तुम्हारे पास नहीं आई। किसी मीटिंग में तुम्हें बुलाया नहीं जाता है… तो क्यों मंत्री बनी हो। – अनिल शुक्ल वारसी, पूर्व सांसद और प्रतिभा शुक्ला के पति ये बातें राज्यमंत्री और उनके पति ने शुक्रवार को दैनिक भास्कर से कही। दरअसल, कानपुर देहात की अकबरपुर कोतवाली में प्रतिभा शुक्ला के समर्थक के खिलाफ SC-ST का मुकदमा दर्ज होने के बाद बखेड़ा खड़ा हुआ। राज्यमंत्री और उनके पति ने समर्थकों के साथ थानेदार को हटवाने को लेकर धरना दिया। जांच के बाद थानेदार के खिलाफ एक्शन-आश्वासन पर गुरुवार देर शाम धरना तो खत्म हो गया, लेकिन अब कानपुर देहात ही नहीं, पूरी पार्टी में राजनैतिक माहौल गरमा गया है। अब सिलसिलेवार दोनों की बातचीत पढ़िए… सांसद भोले सिंह नहीं, उनकी पूरी टीम गलत कामों में लिप्त
राज्यमंत्री और अकबरपुर रनिया से BJP विधायक प्रतिभा शुक्ला ने कहा- जब उत्तर प्रदेश में हमारे CM उचित शासन व्यवस्था दे रहे हैं, तो कानपुर देहात इससे वंचित क्यों रहे। लेकिन, हम लोग फोन करते हैं तो यहां का इंस्पेक्टर सुनवाई नहीं करता है। मामला ये है कि पुलिस ने एक झूठा दलित उत्पीड़न का मुकदमा लिखा, जबकि मैं खुद मौके पर थी। थानेदार ने सिर्फ दबाव में आकर झूठा मुकदमा लिख लिया। हमारे कार्यकर्ता के खिलाफ झूठा मुकदमा लिखा। हमने विधायक बनने के बाद कभी दलित उत्पीड़न का झूठा मुकदमा किसी पर नहीं लगने दिया। BJP सांसद भोले सिंह और उनका चेला गुड्डन सिंह जो चेयरमैन का पति है, वो लोगों को परेशान करता रहता है। सिर्फ सांसद की बात नहीं, उनकी पूरी टीम गलत कामों में लिप्त है। SO पर कार्रवाई नहीं तो 10 हजार लोगों के साथ SP को घेरेंगे
अभी तो लालपुर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर किया गया है। अगर, SO के खिलाफ कार्रवाई हो जाती है तो ठीक है। नहीं तो कल SP को घेरेंगे। अभी तो अचानक थाने पर धरने पर बैठ गए थे, लेकिन अब प्लानिंग के साथ जाएंगे तो हमारे साथ 10 हजार कार्यकर्ता SP को घेर लेंगे। मेरी ताकत क्या है, ये सबको पता है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने हमारे अहिल्याबाई वाले कार्यक्रम में कहा भी था कि प्रदेश में नंबर वन का कार्यक्रम आपका है। क्योंकि जितना आदमी हॉल में था, उससे दोगुना आदमी सड़क पर खड़ा था। ब्रजेश पाठक को लग रहा कि पूरी दुनिया उनके पीछे चल रही
हमने तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से कहा है कि तुम्हारी पहचान ब्राह्मणों से है। तुमको इसलिए डिप्टी सीएम बनाया गया है कि ब्राह्मणों का प्रतिनिधित्व करो। लेकिन, अगर उनको न्याय नहीं दिला पाओगे और अपने स्ट्रक्चर को ही तोड़ डालोगे तो तुम्हें नेता कौन मानेगा। फिर उन्हें अगली बार ताे ये पद मिलेगा नहीं। अगर ब्राहम्ण के साथ अन्याय हो रहा है तो उसका साथ तो देना चाहिए। डिप्टी सीएम के यहां सुबह-सुबह 400-500 आदमी आ जाते हैं, तो उन्हें लग रहा कि पूरी दुनिया हमारे पीछे-पीछे चल रही है। मैं पत्नी से कहता हूं- ऐसे पद से इस्तीफा दो
मुझे पता होता कि मंत्री बनने के बाद इस तरह पत्नी के हालात हो जाएंगे, तो मैं इनको मंत्री बनने नहीं देता। अगर मंत्री नहीं बनती तो हम 2024 का चुनाव लड़ते। अगर हम लोकसभा का चुनाव लड़ते, तो भोले सिंह की जमानत जब्त करा देते। मेरे आदमी हर विधानसभा में हैं। मैं तीन चुनाव लड़ चुका हूं। BJP में आने के बाद तीन चुनाव ड्रॉप किया है। हम तो आज भी प्रतिभा से कह रहे कि इस तरह के मंत्री पद पर इस्तीफा फेंको। इस पद की क्या जरूरत है। क्या ब्राह्मण और ठाकुर आमने-सामने आ गए हैं?
इस सवाल पर अनिल शुक्ला ने कहा- देखिए, ब्राह्मण और ठाकुर आमने-सामने नहीं आए हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसा नरेटिव गढ़ रहे हैं। कुछ लोग हैं जो सीएम को बदनाम कर रहे हैं। लेकिन, सीएम साहब का कोई ऐसा ध्येय नहीं है। उनका कोई इस तरह का मकसद नहीं है। लेकिन, उनको ये लग रहा कि मेरा मुख्यमंत्री है, लेकिन हकीकत सबको पता है। अगर ब्राह्मण समाज की बात करें तो ब्राह्मण समाज ने हमेशा वाद का विरोध किया। हमने ही नारा दिया था- चढ़ गुंडों की छाती पर…मोहर लगेगी हाथी पर
जब समाजवादी पार्टी से पूरे प्रदेश में त्राहि-त्राहि मची थी तो हमने ही 2007 में बसपा में रहते हुए नारा दिया था- चढ़ गुंडों की छाती पर…मोहर लगेगी हाथी पर। ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा… ब्राहम्ण दिल्ली जाएगा।’ ये हमारा ही नारा था। हमने ही मुलायम सिंह जी को उतारकर बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। लेकिन, उन पांच सालों में बहन जी भी न्याय नहीं कर पाईं। उनका भी मायावाद चालू हो गया। मायावाद का नतीजा हुआ कि ब्राह्मण फिर आगे आया और अखिलेश पर भरोसा जताया। अखिलेश की पूर्ण बहुमत की सरकार बना दी, लेकिन उन्होंने तो मुलायम सिंह से आगे बढ़कर जातिवाद फैलाया। इसके बाद फिर से ब्राह्मण आगे आया और भाजपा के साथ खड़ा होकर योगी आदित्यनाथ को सीएम बना दिया, लेकिन एक बार फिर से वाद शुरू हो गया है। सभी जगह वाद चल रहा है। वाद की वजह से फिर पब्लिक शिकार हो रही है। ब्राह्मण परेशान हैं। यूपी में सबसे ज्यादा अगर किसी ने वोट किया है तो ब्राह्मण समाज ने किया है। ब्राह्मण फिर से आगे आकर वाद का विरोध करेगा। BJP हिंदुत्व की वजह से चल रही, लेकिन वाद पैदा हाे गया
BJP हिंदुत्व की वजह से खड़ी है, लेकिन अब यूपी भाजपा में भी वाद शुरू हो गया है। अब भाजपा के लिए 2027 और 2029 भी आसान नहीं होगा। अनिल शुक्ला ने सांसद भोले सिंह की तुलना बंदर को उस्तरा देने से की। उन्होंने कहा कि वे सभी गुंडों और अपराधियों को संरक्षण दिए हैं। चाहे जितना बड़ा बदमाश हो, उसे सांसद संरक्षण दे रहे हैं। सभी सक्रिय भूमाफिया को सांसद ने संरक्षण दे रखा है। सारे लोग पैसा कमाने में जुटे हैं। ——————————– ये खबर भी पढ़िए यूपी की मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने थाने में धरना दिया, हंगामा-नारेबाजी; ब्रजेश पाठक से पूर्व सांसद बोले-फांसी पर लटक जाएं? महिला कल्याण और बाल विकास राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कानपुर देहात के थाने में गुरुवार को 6 घंटे धरना दिया। इंस्पेक्टर सतीश सिंह के खिलाफ धरने पर बैठ गईं। एसपी अरविंद मिश्रा और डीएम आलोक सिंह ने मंत्री को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह इंस्पेक्टर को तुरंत हटाए जाने की बात पर अड़ी रहीं। रात 10 बजे आश्वासन पर मंत्री ने धरना खत्म किया। मंत्री के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से फोन पर बात की। कहा- आप कहें तो हम लोग राजनीति छोड़ दें और फांसी पर लटक जाएं। पढ़ें पूरी खबर…
राज्यमंत्री और अकबरपुर रनिया से BJP विधायक प्रतिभा शुक्ला ने कहा- जब उत्तर प्रदेश में हमारे CM उचित शासन व्यवस्था दे रहे हैं, तो कानपुर देहात इससे वंचित क्यों रहे। लेकिन, हम लोग फोन करते हैं तो यहां का इंस्पेक्टर सुनवाई नहीं करता है। मामला ये है कि पुलिस ने एक झूठा दलित उत्पीड़न का मुकदमा लिखा, जबकि मैं खुद मौके पर थी। थानेदार ने सिर्फ दबाव में आकर झूठा मुकदमा लिख लिया। हमारे कार्यकर्ता के खिलाफ झूठा मुकदमा लिखा। हमने विधायक बनने के बाद कभी दलित उत्पीड़न का झूठा मुकदमा किसी पर नहीं लगने दिया। BJP सांसद भोले सिंह और उनका चेला गुड्डन सिंह जो चेयरमैन का पति है, वो लोगों को परेशान करता रहता है। सिर्फ सांसद की बात नहीं, उनकी पूरी टीम गलत कामों में लिप्त है। SO पर कार्रवाई नहीं तो 10 हजार लोगों के साथ SP को घेरेंगे
अभी तो लालपुर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर किया गया है। अगर, SO के खिलाफ कार्रवाई हो जाती है तो ठीक है। नहीं तो कल SP को घेरेंगे। अभी तो अचानक थाने पर धरने पर बैठ गए थे, लेकिन अब प्लानिंग के साथ जाएंगे तो हमारे साथ 10 हजार कार्यकर्ता SP को घेर लेंगे। मेरी ताकत क्या है, ये सबको पता है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने हमारे अहिल्याबाई वाले कार्यक्रम में कहा भी था कि प्रदेश में नंबर वन का कार्यक्रम आपका है। क्योंकि जितना आदमी हॉल में था, उससे दोगुना आदमी सड़क पर खड़ा था। ब्रजेश पाठक को लग रहा कि पूरी दुनिया उनके पीछे चल रही
हमने तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से कहा है कि तुम्हारी पहचान ब्राह्मणों से है। तुमको इसलिए डिप्टी सीएम बनाया गया है कि ब्राह्मणों का प्रतिनिधित्व करो। लेकिन, अगर उनको न्याय नहीं दिला पाओगे और अपने स्ट्रक्चर को ही तोड़ डालोगे तो तुम्हें नेता कौन मानेगा। फिर उन्हें अगली बार ताे ये पद मिलेगा नहीं। अगर ब्राहम्ण के साथ अन्याय हो रहा है तो उसका साथ तो देना चाहिए। डिप्टी सीएम के यहां सुबह-सुबह 400-500 आदमी आ जाते हैं, तो उन्हें लग रहा कि पूरी दुनिया हमारे पीछे-पीछे चल रही है। मैं पत्नी से कहता हूं- ऐसे पद से इस्तीफा दो
मुझे पता होता कि मंत्री बनने के बाद इस तरह पत्नी के हालात हो जाएंगे, तो मैं इनको मंत्री बनने नहीं देता। अगर मंत्री नहीं बनती तो हम 2024 का चुनाव लड़ते। अगर हम लोकसभा का चुनाव लड़ते, तो भोले सिंह की जमानत जब्त करा देते। मेरे आदमी हर विधानसभा में हैं। मैं तीन चुनाव लड़ चुका हूं। BJP में आने के बाद तीन चुनाव ड्रॉप किया है। हम तो आज भी प्रतिभा से कह रहे कि इस तरह के मंत्री पद पर इस्तीफा फेंको। इस पद की क्या जरूरत है। क्या ब्राह्मण और ठाकुर आमने-सामने आ गए हैं?
इस सवाल पर अनिल शुक्ला ने कहा- देखिए, ब्राह्मण और ठाकुर आमने-सामने नहीं आए हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसा नरेटिव गढ़ रहे हैं। कुछ लोग हैं जो सीएम को बदनाम कर रहे हैं। लेकिन, सीएम साहब का कोई ऐसा ध्येय नहीं है। उनका कोई इस तरह का मकसद नहीं है। लेकिन, उनको ये लग रहा कि मेरा मुख्यमंत्री है, लेकिन हकीकत सबको पता है। अगर ब्राह्मण समाज की बात करें तो ब्राह्मण समाज ने हमेशा वाद का विरोध किया। हमने ही नारा दिया था- चढ़ गुंडों की छाती पर…मोहर लगेगी हाथी पर
जब समाजवादी पार्टी से पूरे प्रदेश में त्राहि-त्राहि मची थी तो हमने ही 2007 में बसपा में रहते हुए नारा दिया था- चढ़ गुंडों की छाती पर…मोहर लगेगी हाथी पर। ‘ब्राह्मण शंख बजाएगा… ब्राहम्ण दिल्ली जाएगा।’ ये हमारा ही नारा था। हमने ही मुलायम सिंह जी को उतारकर बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। लेकिन, उन पांच सालों में बहन जी भी न्याय नहीं कर पाईं। उनका भी मायावाद चालू हो गया। मायावाद का नतीजा हुआ कि ब्राह्मण फिर आगे आया और अखिलेश पर भरोसा जताया। अखिलेश की पूर्ण बहुमत की सरकार बना दी, लेकिन उन्होंने तो मुलायम सिंह से आगे बढ़कर जातिवाद फैलाया। इसके बाद फिर से ब्राह्मण आगे आया और भाजपा के साथ खड़ा होकर योगी आदित्यनाथ को सीएम बना दिया, लेकिन एक बार फिर से वाद शुरू हो गया है। सभी जगह वाद चल रहा है। वाद की वजह से फिर पब्लिक शिकार हो रही है। ब्राह्मण परेशान हैं। यूपी में सबसे ज्यादा अगर किसी ने वोट किया है तो ब्राह्मण समाज ने किया है। ब्राह्मण फिर से आगे आकर वाद का विरोध करेगा। BJP हिंदुत्व की वजह से चल रही, लेकिन वाद पैदा हाे गया
BJP हिंदुत्व की वजह से खड़ी है, लेकिन अब यूपी भाजपा में भी वाद शुरू हो गया है। अब भाजपा के लिए 2027 और 2029 भी आसान नहीं होगा। अनिल शुक्ला ने सांसद भोले सिंह की तुलना बंदर को उस्तरा देने से की। उन्होंने कहा कि वे सभी गुंडों और अपराधियों को संरक्षण दिए हैं। चाहे जितना बड़ा बदमाश हो, उसे सांसद संरक्षण दे रहे हैं। सभी सक्रिय भूमाफिया को सांसद ने संरक्षण दे रखा है। सारे लोग पैसा कमाने में जुटे हैं। ——————————– ये खबर भी पढ़िए यूपी की मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने थाने में धरना दिया, हंगामा-नारेबाजी; ब्रजेश पाठक से पूर्व सांसद बोले-फांसी पर लटक जाएं? महिला कल्याण और बाल विकास राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कानपुर देहात के थाने में गुरुवार को 6 घंटे धरना दिया। इंस्पेक्टर सतीश सिंह के खिलाफ धरने पर बैठ गईं। एसपी अरविंद मिश्रा और डीएम आलोक सिंह ने मंत्री को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह इंस्पेक्टर को तुरंत हटाए जाने की बात पर अड़ी रहीं। रात 10 बजे आश्वासन पर मंत्री ने धरना खत्म किया। मंत्री के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से फोन पर बात की। कहा- आप कहें तो हम लोग राजनीति छोड़ दें और फांसी पर लटक जाएं। पढ़ें पूरी खबर…