बागपत में 17 साल की नाबालिग लड़की की ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। युवती अपने प्रेमी संग हिमाचल प्रदेश भाग गई थी। उसके परिजन दोनों को कार में मारते-पीटते हुए गांव लाए। इसके बाद नलकूप में बांधकर दोनों को सरेआम पीटा। फिर बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। बीमारी से मौत बताते हुए उसकी लाश जमीन में गाड़ दी। लाश को दफनाते समय ग्रामीणों ने लड़की के गले पर निशान देखे। प्रेमी के परिवार ने जानकारी लगते ही मामले की शिकायत पुलिस से की। युवती के पिता और चाचा को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की। इस पर दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने शनिवार को जमीन खुदवाकर लड़की का शव बाहर निकलवाया। उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक, लड़की गांव के रसूखदार जाट समाज की है, उसके दादा राजनीति से जुड़े हैं। वहीं, प्रेमी अनुसूचित जाति का है। इसलिए लड़की के परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। घायल प्रेमी युवक का मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा है। 3 तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए… बड़ौत थाना क्षेत्र की पलड़ा गांव निवासी जाट परिवार की लड़की सोनिया (17) का गांव के ही युवक सागर कश्यप (19) से डेढ़ साल से अफेयर था। लड़की के परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। 15 जुलाई को दोनों हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले भाग गए। यहां दोनों एक ईंट भट्ठे में मजदूरी करने लगे। सूचना मिलने पर 16 जुलाई को लड़की के परिजन हिमाचल प्रदेश पहुंचे। दोनों को कार में बैठाकर मारते-पीटते हुए गांव ले आए। इसके बाद गांव में नलकूप में दोनों को बांधकर पीटा। सागर को उसके परिजनों को सौंप दिया। उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। लड़की की जिद पर उसकी हत्या की
सोनिया लगातार जिद करती रही कि वह सागर के साथ ही रहना चाहती है, उससे शादी करना चाहती है। इसी बात को लेकर 23 जुलाई को परिजनों ने फिर से सोनिया की पिटाई की। उसका गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। गांव वालों को बताया कि बेटी की टीबी से मौत हो गई है। शव दफनाने पहुंचे तो ग्रामीणों ने सोनिया के गले और शरीर पर चोट के निशान देखे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सागर के परिवार और दोघट चौकी पुलिस को दी। 24 जुलाई को सागर और उसके परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए बड़ौत कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मगर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। 25 जुलाई को सागर और उसके परिवार ने एसपी सूरज कुमार राय से न्याय की गुहार लगाई। एसपी के निर्देश पर बड़ौत पुलिस ने सोनिया के पिता अरुण कुमार और चाचा अनिल कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों ने लड़की की हत्या की बात स्वीकार कर ली है। रसूखदारों से डरा परिवार, 500 मीटर दूरी पर लड़का-लड़की के घर सागर के पिता रामपाल ने बताया- सोनिया के परिवार के लोग गांव के रसूखदार हैं। अक्सर लोगों को बंदूक दिखाकर डराते रहते हैं। मेरे बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। इसलिए हम शुरुआत में चुप थे। पर जब सोनिया की हत्या हुई तो हमने पुलिस की मदद ली कि कहीं मेरे बेटे को भी न मार दें। हमारी और लड़की के परिवार वालों के घर के बीच 500 मीटर की दूरी पर हैं। ग्रामीणों ने बताया- सोनिया के दादा सपा के पुराने कार्यकर्ता थे। उनका सपा में अच्छी पकड़ थी। हालांकि दोनों बेटे मजदूरी करते हैं। पर पिता की रसूख पर वे गांव में दबंगई करते हैं। अक्सर मारपीट करते हैं। एसपी बोले- पोस्टमॉर्टम से और साफ होगी तस्वीर एसपी सूरज कुमार राय ने बताया- मामले में लड़के के परिवार वालों की शिकायत पर बड़ौत थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। युवती के चाचा-पिता ने हत्या की बात कबूल की है। युवती की लाश को जमीन खुदवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया जा रहा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। दोघट पुलिस पर ड्यूटी में लापरवाही के आरोप की भी जांच की जा रही है। गांव में फोर्स तैनात है। मामले की जांच सीओ बड़ौत विजय तोमर और एसडीएम मनोज यादव कर रहे हैं। सीओ ने बताया- लड़की की बॉडी मिसिंग की सूचना मिली थी। उसके पिता और चाचा ने हत्या की बात कबूल कर ली है। ———————————— ये खबर भी पढ़िए… गोरखपुर में महिला डॉक्टर के पति का अपहरण:एक करोड़ फिरौती मांगी, 12 घंटे बाद चंगुल से छूटे तो पत्नी से लिपटकर खूब रोए गोरखपुर में बदमाशों ने रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मचारी को किडनैप कर लिया। डॉक्टर पत्नी को कॉल कर एक करोड़ रुपए मांगे। कहा- पति को जिंदा देखना चाहती हो तो पैसे भेज दो। पत्नी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। फिर पुलिस के प्लान के तहत महिला डॉक्टर पत्नी बदमाशों के बताए स्थान पर रुपए देने पहुंची। पुलिस ने पैसे लेने आए तीन बदमाशों को अरेस्ट कर लिया। 12 घंटे के अंदर किडनैप कर्मचारी को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। पूरी खबर पढ़िए…
सोनिया लगातार जिद करती रही कि वह सागर के साथ ही रहना चाहती है, उससे शादी करना चाहती है। इसी बात को लेकर 23 जुलाई को परिजनों ने फिर से सोनिया की पिटाई की। उसका गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। गांव वालों को बताया कि बेटी की टीबी से मौत हो गई है। शव दफनाने पहुंचे तो ग्रामीणों ने सोनिया के गले और शरीर पर चोट के निशान देखे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना सागर के परिवार और दोघट चौकी पुलिस को दी। 24 जुलाई को सागर और उसके परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए बड़ौत कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मगर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। 25 जुलाई को सागर और उसके परिवार ने एसपी सूरज कुमार राय से न्याय की गुहार लगाई। एसपी के निर्देश पर बड़ौत पुलिस ने सोनिया के पिता अरुण कुमार और चाचा अनिल कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों ने लड़की की हत्या की बात स्वीकार कर ली है। रसूखदारों से डरा परिवार, 500 मीटर दूरी पर लड़का-लड़की के घर सागर के पिता रामपाल ने बताया- सोनिया के परिवार के लोग गांव के रसूखदार हैं। अक्सर लोगों को बंदूक दिखाकर डराते रहते हैं। मेरे बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। इसलिए हम शुरुआत में चुप थे। पर जब सोनिया की हत्या हुई तो हमने पुलिस की मदद ली कि कहीं मेरे बेटे को भी न मार दें। हमारी और लड़की के परिवार वालों के घर के बीच 500 मीटर की दूरी पर हैं। ग्रामीणों ने बताया- सोनिया के दादा सपा के पुराने कार्यकर्ता थे। उनका सपा में अच्छी पकड़ थी। हालांकि दोनों बेटे मजदूरी करते हैं। पर पिता की रसूख पर वे गांव में दबंगई करते हैं। अक्सर मारपीट करते हैं। एसपी बोले- पोस्टमॉर्टम से और साफ होगी तस्वीर एसपी सूरज कुमार राय ने बताया- मामले में लड़के के परिवार वालों की शिकायत पर बड़ौत थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। युवती के चाचा-पिता ने हत्या की बात कबूल की है। युवती की लाश को जमीन खुदवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया जा रहा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। दोघट पुलिस पर ड्यूटी में लापरवाही के आरोप की भी जांच की जा रही है। गांव में फोर्स तैनात है। मामले की जांच सीओ बड़ौत विजय तोमर और एसडीएम मनोज यादव कर रहे हैं। सीओ ने बताया- लड़की की बॉडी मिसिंग की सूचना मिली थी। उसके पिता और चाचा ने हत्या की बात कबूल कर ली है। ———————————— ये खबर भी पढ़िए… गोरखपुर में महिला डॉक्टर के पति का अपहरण:एक करोड़ फिरौती मांगी, 12 घंटे बाद चंगुल से छूटे तो पत्नी से लिपटकर खूब रोए गोरखपुर में बदमाशों ने रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मचारी को किडनैप कर लिया। डॉक्टर पत्नी को कॉल कर एक करोड़ रुपए मांगे। कहा- पति को जिंदा देखना चाहती हो तो पैसे भेज दो। पत्नी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। फिर पुलिस के प्लान के तहत महिला डॉक्टर पत्नी बदमाशों के बताए स्थान पर रुपए देने पहुंची। पुलिस ने पैसे लेने आए तीन बदमाशों को अरेस्ट कर लिया। 12 घंटे के अंदर किडनैप कर्मचारी को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। पूरी खबर पढ़िए…