आगरा के धर्मांतरण गैंग का पाकिस्तान से कनेक्शन:लूडो खेलकर हिंदू युवक-युवतियों को फंसाते थे; दो इन्फ्लूएंसर भी करते थे ब्रेनवॉश

आगरा में 2 बहनों के धर्मांतरण गैंग का कनेक्शन पाकिस्तान से जुड़ा है। पाकिस्तान के दो सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर तनवीर अहमद और साहिल अदीम भी गैंग से जुडे़ थे। जिन युवतियों का धर्म परिवर्तन कराया जाता था, उनकी बात पाकिस्तान में बैठे लोगों से कराई जाती थी। वो इनका ब्रेन वॉश करते थे। इसके अलावा आगरा के रहने वाला रहमान क्राउड फंडिंग के जरिए रुपए जमा करता था। उसने फिलिस्तीन के लिए भी क्राउड फंडिंग की थी। इनकी योजना 2050 तक पूरे भारत में इस्लाम फैलाने की थी। आगरा पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शनिवार को बताया कि अभी तक जो 14 लोग गिरफ्तार हुए हैं, उनसे पूछताछ में एक बात कॉमन सामने आई। ये सभी लोग गैंग के सरगना अब्दुल रहमान और आयशा उर्फ एसबी कृष्णा से जुडे़ हुए थे। ये दोनों ही गैंग की सबसे अहम कड़ी हैं। पुलिस ने जिन युवतियों का रेस्क्यू किया है, उनसे बातचीत में पता चला कि धर्म परिवर्तन करने वाले अधिकांश लोगों का संबंध कश्मीर और पाकिस्तान में बैठे लोगों से है। इन युवतियों का ब्रेनवॉश करने के लिए सबसे पहले कश्मीर की युवतियों का ग्रुप संपर्क करता था। वो इन्हें अपने प्रभाव में लेती थी। धर्म और परिवार बारे में भड़काती थी। इतना ही नहीं, उन्हें कश्मीर भी बुलाती थीं। जब उन्हें लगता था कि युवतियां प्रभावित हो गई हैं, तो इन्हें पाकिस्तान से जुड़े लोगों के साथ धर्म परिवर्तन के लिए उनके साथ जोड़ देती थीं। पाकिस्तान में बैठे लोग इनको इस्लाम की अच्छाई के बारे में बताते। लूडो खेलकर फंसाते हैं…
पूछताछ में सामने आया कि धर्म परिवर्तन के लिए 14 से 25 साल तक के युवाओं को टारगेट करते हैं। इसके लिए ऑनलाइन गेम का सहारा लेते हैं। पाकिस्तानी ऑनलाइन गेम लूडो स्टार के माध्यम से ये लोग संपर्क करते थे। इस एप पर लूडो खेलने वाले हिंदू लड़के-लड़कियों के साथ गेम के जरिए जुड़ते थे। इसके बाद उनको मैसेज भेजना शुरू करते थे। जो भी उनके द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करता था, उससे बातचीत शुरू कर देते थे। आगरा के रहमान ने फिलिस्तीन के लिए की क्राउड फंडिंग
आगरा का 12वीं फेल रहमान कुरैशी बेहद शातिर है। उसके द्वारा द सुन्नाह चैनल चलाया जाता है। वो अंग्रेजी में पॉड कास्ट करता है। इसके अलावा उसने क्राउड फंडिंग के जरिए फिलीस्तीन को मदद भेजी थी। उसके पास से डॉलर और क्रिप्टो करेंसी का आदान-प्रदान किया गया। अब धर्मांतरण के गैंग से छुड़वाई गई लड़कियों के पिता का दर्द पढ़िए… पिता कहते हैं- बड़ी बेटी ने बात की, तब ये दोनों वापस लौटी आगरा में जिस पिता की 2 बेटियां 24 मार्च, 2025 को बिना बताए घर से चली गई थीं। दोनों बहनों का धर्मांतरण कराकर हिंदू से मुस्लिम बनाया गया था। दैनिक भास्कर ने उनसे बात की। वह कहते हैं- दोनों बेटियां घर आने को तैयार ही नहीं थीं। साफ मना कर रहीं थीं। लेकिन, मंझली बेटी ने समझाया। वादा किया कि जो करना चाहती हो, घर आकर करना। बेटियों ने कहा कि नमाज पढ़ने दोगे, तभी वापस आऊंगी। उनकी जिद मानने के लिए मुझे मजबूर होना पड़ा और हामी भर दी। फिर दोनों बेटियां आगरा आईं। दोनों बेटियों को 10 दिन पहले पुलिस ने कोलकाता से कस्टडी में लिया था। अभी पुलिस उनकी काउंसिलिंग कर रही है। बड़ी बेटी मां से कहती- इस्लाम अपना लो
बड़ी बेटी पढ़ाई में बहुत होशियार है। एमएससी, एमफिल करने के बाद नेट एग्जाम की तैयारी कर रही थी। पीएचडी करना चाहती थी। नेट एग्जाम की तैयारी के लिए खंदारी जाती थी। वहीं साल- 2020 में उसकी दोस्ती अनंतनाग की साइमा उर्फ खुशबू से हुई। खुशबू ने ही उसका ब्रेनवॉश किया। उसे इस्लाम से जोड़ा। साइमा के कहने पर ही उनकी बड़ी बेटी 2021 में बिना बताए जम्मू चली गई थी। जहां उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। कुछ महीने बाद ही वहां से उसे वापस लाया गया। वहां से लौटने के बाद ही वो हिंदू धर्म से अलग हो गई थी। इस्लाम से जुड़ने की बातें करती थी। अपनी मां से भी कहती थी कि इस्लाम को अपना लो। उसकी मां घर में भजन चलाती थी, तो वो गुस्सा करने करती थी। ऑनलाइन इस्लाम से जुड़ी किताबें भी मंगवाई थी। छोटी बेटी का भी इस्लाम में लगाव बढ़ता गया
पिता ने बताया कि 2021 में मेरी छोटी बेटी की उम्र 14 साल थी। बड़ी बहन इस्लाम के लिए अपना घर छोड़ गई, तो छोटी बेटी में उत्सुकता हुई। उसने ऑनलाइन इस्लाम के बारे में पढ़ा। चोरी-छिपे अपनी बड़ी बहन से बातें करने लगी। धीरे-धीरे बड़ी बहन ने अपनी छोटी बहन का ब्रेनवॉश शुरू किया। इसके बाद छोटी बेटी भी इस्लाम के प्रति लगाव रखने लगी। जिन लोगों के संपर्क में बड़ी बहन थी, उन्होंने छोटी बहन के 18 साल का होने का इंतजार करने को कहा। इसमें 4 साल बीत गए। इसी बीच मंझली बेटी की शादी करा दी। आर्य समाज में करना चाहती थी शादी
पिता ने बताया कि बड़ी बेटी की उम्र अब 33 साल है। 2021 से पहले तक वो कहती थी कि मेरी शादी आर्य समाज में ही कराना। लड़का पूजा-पाठ करता हो। खुद भी पूजा पाठ करती थी, मंदिर भी जाती थी। लेकिन, 2021 से उसका व्यवहार पूरा बदल गया। वो जम्मू से घर लौटने के बाद चुप हो गई। न पूजा करती थी, न हमें करने देती थी। मोबाइल से भी दूरी बना ली थी। टीवी पर एक-दो सीरियल देखती थी। हम बातें करने लगते, तो दूसरे कमरे में जाकर बैठ जाती थी। शादी की बात करते, तो गुस्सा हो जाती थी। छोटी बेटी का मन पढ़ाई से हट गया
पिता ने बताया कि छोटी बेटी 2021 में 8वीं क्लास में थी। धीरे-धीरे पढ़ाई से दूर होने लगी। बहुत मुश्किल से 8वीं के एग्जाम दिए। फिर बहुत मुश्किल से 10वीं कराई। इसके बाद पढ़ना नहीं चाहती थी तो डमी 12वीं कराई। अपनी मां के मोबाइल से एक-डेढ़ महीने में ही ऑनलाइन पढ़ाई कर एग्जाम दिए। कोचिंग भी नहीं जाती थी, जबकि जब वो छोटी थी तो विदेश जाकर सैटल होना चाहती थी। आधार के ओटीपी से मिली जानकारी
पिता ने बताया कि मार्च में जब दोनों बेटियां अचानक घर से चली गईं तो हमने बहुत ढूंढा। लेकिन, पता नहीं चला। फिर एक दिन मेरे मोबाइल पर एक ओटीपी आया। वो ओटीपी मेरी छोटी बेटी के आधार कार्ड का था। तब हमें पता चला कि वो लोग कोलकाता में हैं। असल में छोटी बेटी के आधार कार्ड में मेरा नंबर अटैच था। वहां नौकरी के लिए दस्तावेज चाहिए थे, जिसके लिए आधार अपडेट कराया जा रहा था। यहीं से उनकी लोकेशन मिली थी। नमाज पढ़ना चाहें तो बेटियों को पढ़ने देंगे
पिता ने बताया कि मंझली बेटी की शादी हो चुकी है। लेकिन, अपनी बहनों के जाने के बाद वो नौकरी छोड़कर 2 महीने अपनी मां के पास रही। क्योंकि बेटियों के जाने के बाद पत्नी की स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। अभी कोलकाता भी वो साथ गई थी। वहां दोनों बेटियों ने आगरा आने से मना कर दिया। तब उसने ही अपनी बहनों को समझाया और मनाया। पहले छोटी बहन को प्यार से समझाया कि जो करना चाहती है, घर जाकर करना। कोई नहीं रोकेगा। छोटी बहन ने कहा कि हम इस्लाम को कबूल कर चुके हैं। नमाज पढ़ेंगे, वही नियम अपनाएंगे। इस पर बहन ने कहा कि जो करना हो करना। बस परिवार के साथ रहो। बड़ी बहन ने कहा कि पापा नहीं मानते हैं। जम्मू से लाने के बाद भी मुझे नमाज नहीं पढ़ने दी। किताबें नहीं पढ़ने दी। इस पर मंझली बेटी ने अपने पिता से कबूल करवाया कि वो नहीं रोकेंगे। इस पर पिता ने हामी भरते हुए कहा- अगर दोनों बेटियां घर में नमाज पढ़ना चाहेंगी तो पढ़ने देंगे। पिता की अपील- बच्चों को अपने धर्म से जोड़ें
दोनों बेटियों के वापस आने के बाद अब पिता सभी से अपील कर रहे हैं कि जिस तरह इस्लाम में छोटे बच्चों को कट्‌टर बनाया जाता है। वैसे ही हम भी अपने बच्चों को अपने धर्म से जोड़ें। उन्हें समझाएं, मंदिर ले जाएं। अपने धर्म के बारे में बताएं। उनके दोस्तों पर नजर रखें। मोबाइल का कम से कम इस्तेमाल करने दें। रात में मोबाइल से दूरी बनवाएं। उनसे बातें करते रहें और उन पर नजर भी रखें। जानिए पूरा मामला
आगरा सदर थाना क्षेत्र की रहने वाली 2 सगी बहनें 24 मार्च को शहर छोड़कर चली गई थीं। इनके पिता ने बेटियों की गुमशुदगी की एप्लिकेशन सदर थाने में दी। 41 दिन बाद (4 मई, 2025) पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। पिता ने पुलिस को बताया था कि उनकी बड़ी बेटी ने DEI से पढ़ाई की है, वह एमफिल है। वह 2021 में घर छोड़कर चली गई थी। बेटी की दोस्ती अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर की रहने वाली साइमा उर्फ खुशबू से है। उसने ही बेटी का ‘ब्रेनवॉश’ किया। काफी समझाने-बुझाने पर बड़ी बेटी घर लौटी थी। दोबारा घर आकर उसने अपनी छोटी बहन का भी ‘ब्रेनवॉश’ कर दिया। इसके बाद बड़ी बेटी अपनी छोटी बहन को भी लेकर 24 मार्च, 2025 को घर से भाग गई। —————————– ये खबर भी पढ़िए 2 बहनों का ‘केरल स्टोरी’ पैटर्न पर धर्मांतरण, आगरा में मुस्लिम दोस्त ने ब्रेनवॉश किया, कोलकाता में इब्राहिम ने कलमा पढ़वाया आगरा से गायब हुईं दो सगी बहनें 4 महीने बाद 1300 Km दूर कोलकाता से बरामद हुईं। साथ ही, यूपी को हिला देने वाले धर्मांतरण की नई कहानी के पन्ने भी खुल गए। इसके तार दुनिया के 5 देशों से जुड़े। जोकि भारत में इस्लाम को बढ़ावा देने के लिए फंडिंग कर रहे। आगरा पुलिस ने भारत के 6 राज्यों में रेड डालकर 10 लोगों को पकड़ा। मास्टर माइंड अभी पुलिस की पहुंच से दूर है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…