4 फर्जी दूतावास खोल 100 करोड़ की प्रॉपर्टी बनाई:गाजियाबाद के PNB में मिले 8 करोड़, फर्जी दस्तावेजों से 34 देश घूमा

गाजियाबाद के महाठग हर्षवर्धन जैन ने 4 फर्जी दूतावास खोलकर 100 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी बनाई है। गाजियाबाद के एक बैंक (PNB) में 8 करोड़ रुपए मिले हैं। दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस और लंदन में उसकी प्रॉपर्टी होने की खबर है। अलग-अलग देशों में हर्षवर्धन ने 25 कंपनियां खोली थीं। उसकी पत्नी डिंपल जैन गाजियाबाद में चांदी की कारोबारी है। यूपी STF ने 5 दिन की जांच में हर्षवर्धन और उसकी पत्नी की प्रॉपर्टी को अटैच किया है। 22 जुलाई की रात कविनगर के घर से हर्षवर्धन को अरेस्ट किया गया था। अब तक STF को जांच में 34 देशों की 190 यात्राओं का डेटा मिल चुका है। इनमें लगाए गए सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। गाजियाबाद की कविनगर पुलिस ने भी कोर्ट में रिमांड के लिए आवेदन दिया। कोर्ट में आज इसकी सुनवाई होगी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दिल्ली-NCR में 9 बैंक खाते, कहीं 8 करोड़ तो कहीं 3 करोड़ जमा
STF हर्षवर्धन के मंत्रालयों के लिंक को तलाशने के लिए उसके बैंक खातों की डिटेल ट्रेस कर रही है। गाजियाबाद, दिल्ली और लंदन में उसके बैंक खातों का पता चला है। गाजियाबाद में पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में ही 8 करोड़ रुपए कैश मिला। दिल्ली के एक दूसरे बैंक में 3 करोड़ कैश होने की बात सामने आई। हर्षवर्धन जैन की पत्नी डिंपल जैन के भी दिल्ली-एनसीआर में 9 बैंक खाते सामने आए हैं। अब तक कुल 21 बैंक खाते सामने आए हैं। STF अब तक सामने आए सभी बैंक खातों में पिछले 2 साल में हुए ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। ये पैसा किन खातों से आया? फिर किन खातों में ट्रांसफर हुआ? ये खाते किसके थे? जाहिर है, मंत्रालयों में काम कराने का दावा करने वाले हर्षवर्धन के ब्यूरोक्रेसी में अच्छे लिंक थे। किसको, कब, कितना फायदा पहुंचाया गया, यही STF की जांच का मुख्य पॉइंट है। सोमवार को बैंक डिटेल मिलने के बाद कुछ नए नाम भी सामने आ सकते हैं। फर्जी डिप्लोमेटिक पासपोर्ट बनवाए
हर्षवर्धन जैन, उसके पिता जेडी जैन, पत्नी डिंपल जैन, 12वीं में पढ़ने वाले बेटे और अन्य रिश्तेदारों तक इंटेलिजेंस और STF पहुंच रही है। फर्जी दूतावास के ऑफिस और घर से जांच एजेंसियों को डिप्लोमेटिक पासपोर्ट मिले थे। उनकी जांच में सभी फर्जी पाए गए। ये दस्तावेज कहां से तैयार कराए गए, एजेंसियां इसकी भी जांच कर रही हैं। एजेंसी की पूछताछ का एक पॉइंट ये भी है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे 8 साल से एक व्यक्ति 34 देशों की 190 यात्रा कर लेता है, लेकिन कहीं पकड़ा कैसे नहीं गया? वहीं हर्षवर्धन के 2 पैनकार्ड मिले हैं। एक ही व्यक्ति के 2 पैनकार्ड मिलने को लेकर जांच एजेंसियां मान रही हैं कि यह फ्रॉड करके बनवाए गए हैं। 5 दिन की रिमांड पर सोमवार को सुनवाई
STF नोएडा ने हर्षवर्धन जैन के खिलाफ गाजियाबाद के कविनगर थाने में केस दर्ज कराया है। अब पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। कविनगर पुलिस ने गाजियाबाद कोर्ट से 5 दिन की रिमांड मांगी है। आज इसकी सुनवाई होनी है। पुलिस रिमांड के दौरान 3 पॉइंट पर सवाल पूछने की तैयारी कर रही है।
1. दिल्ली, यूपी की ब्यूरोक्रेसी में हर्षवर्धन के वो लिंक कौन से हैं, जिनकी मदद से वह विदेशी क्लाइंट के काम करवा लेता था। 2. फर्जी दस्तावेज कहां से तैयार कराए? दिल्ली, गाजियाबाद में ऐसे दस्तावेज तैयार करने वाले बदमाशों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। 3. विदेशी क्लाइंट से कब-कब और कैसे काम आए? कितनी दलाली खाई? विभागों में किस स्तर पर कितनी रिश्वत दी गई? 100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति का मालिक है हर्षवर्धन
STF के अधिकारी ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया, लेकिन हर्षवर्धन और उसकी पत्नी डिंपल को 100 करोड़ से अधिक संपत्ति का मालिक होना बताया जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस, लंदन और दूसरे देशों में संपत्तियों को ट्रेस किया जा रहा है। उसने अलग-अलग देशों में 25 कंपनियां बनाई थीं। मुंबई से टेबल मंगवाई, नोटों की गड्डियां सजाकर रखता
हर्षवर्धन जैन की लाइफ स्टाइल विदेश मंत्रालय के किसी बड़े ऑफिसर से भी शानदार रही है। उसने कविनगर में अपने पिता की कोठी से 100 मीटर की दूरी पर किराए पर कोठी ली है। इसी कोठी में नकली दूतावास खड़ा करते हुए पूरा ऑफिस बनाया गया था। इसके लिए मुंबई से टेबल मंगाई गई थी। यह भी सामने आया आया कि उसकी टेबल पर नोटों की गड्डियां रहती थीं। इस कोठी में नकली दूतावास चलाने के लिए 2016 में 50 हजार रुपए सिर्फ किराया देता था। इसके बाद किराए बढ़ता गया, इस समय हर्षवर्धन 80 हजार रुपए किराए देता था। जिस कोठी में दूतावास चलता था, उसमें अनूप सिंह का नाम लिखा है। अनूप सिंह एक राजनीतिक पार्टी में रहे हैं। इसमें विदेश संबंधित जो भी काम होता था, वह इसी नकली दूतावास में होता था। इसमें कई बार पार्टी भी चलती थीं। दूसरे देशों में जो भी कॉल आती-जाती थीं, वह सभी इंटरनेट के जरिए होती थीं। हर्षवर्धन को ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी
गाजियाबाद के कविनगर में 4 फर्जी दूतावास चलाने वाले हर्षवर्धन जैन के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। यूपी एसटीएफ ने इंटरपोल के जरिए यह नोटिस जारी कराया। इससे सभी देशों से हर्षवर्धन जैन से संबंधित जानकारी मांगी गई है। हर्षवर्धन फ्रांस से पीएचडी और लंदन से एमबीए कर चुका है। ऐसे में पुलिस, जांच एजेंसियों और एसटीएफ को लगातार गुमराह करने का प्रयास करता रहा है। केंद्रीय एजेंसी की टीमें भी इसमें जांच कर रही हैं। रिमांड पर लेकर उसे दिल्ली और दूसरे स्थानों पर भी ले जाकर पूछताछ की जा सकती है। ————————– ये खबर भी पढ़ें : पिता की मौत के बाद हर्षवर्धन कारोबार नहीं संभाल सका, गाजियाबाद में 4 फर्जी दूतावास खोले खुद को चार देशों का राजनयिक सलाहकार और दो देशों का राजदूत होने का दावा करने वाले हर्षवर्धन का परिवार राजनीतिक रसूख रखता है। UP STF के मुताबिक, हर्षवर्धन के ससुर आनंद जैन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के युवा विंग के 26 साल तक अध्यक्ष रहे हैं। वह 1976 से लेकर 2000 तक इस पद पर थे। पढ़िए पूरी खबर…