कांवड़ियों को पीटने वाले मुस्लिम परिवारों को मिली सुरक्षा:हिंदू आबादी से घिरे हैं 12 परिवार; दरशत में अब भी सन्नाटा, मार्केट बंद

28 जुलाई, शाम 5 बजे। सावन के तीसरे सोमवार को मुस्लिम लड़कों ने जंसा मार्ग पर स्थित मस्जिद के सामने कांवड़िए शुभम यादव और पल्टू को घेरकर पीट दिया। इसके 24 घंटे के अंदर वाराणसी पुलिस ने 2 काम किए। पहला- 12 आरोपियों के खिलाफ FIR लिखी। दूसरा- रानी बाजार की जिस गली में इन 12 आरोपियों के परिवार रहते थे, वहां फोर्स तैनात की। कोई भी बिना अनुमति इस गली में जा नहीं सकता है। क्योंकि, ये परिवार चारों तरफ से हिंदू आबादी से घिरे हैं। परिवारों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने क्या इंतजाम किए? जिन कांवड़ियों को पीटा गया, उनके परिवार क्या सोचते हैं? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर टीम उस स्पॉट पर पहुंची, जहां कांवड़ियों पर हमला हुआ। पढ़िए रिपोर्ट… घटना स्थल का माहौल… मार्केट बंद, पुलिस का पहरा, दहशत में सन्नाटा पसरा
वाराणसी से 20Km दूर राजातालाब पुलिस चौकी के बगल से जाखिनी जाने वाले मार्ग पर रानी बाजार पड़ता है। यहीं पर सोमवार को कांवरिये को पीटा गया। फिर सैकड़ों कांवड़िए इकट्ठा हुए और 4 घंटे बवाल चला। रानी बाजार इलाके में जहां कांवड़ियों के साथ मारपीट हुई थी। मंगलवार को इस स्पॉट से 100-100 मीटर दोनों तरफ दुकानें (मार्केट) बंद थीं। कपड़े और किराने की दुकानों के शटर गिरे हुए थे। इनके बाहर PAC, RAF और थाने की पुलिस बल का पहरा था। टीम धीरे-धीरे उस गली की तरफ बढ़ी, जिसमें 12 आरोपियों के परिवार रहते हैं। अर्द्ध सैन्य बल के जवानों ने हमें रोक दिया। पूछा- कहां जा रहे हो? हमने परिचय दिया। अपना ID कार्ड दिखाया। तब उन्होंने बताया कि बिना अनुमति इस गली में कोई नहीं जा सकता है। हमने देखा तो गली के मुहाने पर रस्सी बांधी हुई थी। बताया गया कि डीसीपी और एडीसीपी भी मौके पर हैं, अगर वो कहते हैं, तभी आप अंदर जा सकेंगे। जवानों ने बताया कि यहां 12-12 घंटे की दो शिफ्ट में इन परिवारों को प्रोटेक्शन देनी पड़ रही है। गली के मुहाने पर एक वज्र वाहन भी खड़ा था। जिसमें लगा CCTV एक-एक मिनट की मूवमेंट रिकॉर्ड कर रहा था। बताया गया कि ये इलाका चारों तरफ से हिंदू आबादी से घिरा हुआ है। मुस्लिम परिवार के पुरुष भागे हुए हैं, अब घरों पर सिर्फ महिलाएं और बच्चे हैं। ऐसे में अब इन परिवारों को ही सुरक्षा देनी पड़ रही है, जिन पर कांवड़ियों से मारपीट करने का आरोप है। घटनास्थल आरजू टेलर की गली के सामने अपनी कार में डीसीपी गोमती आकाश पटेल बैठे हुए थे। उनके हाथ में कुछ कागजात थे, जिसे वो पलट रहे थे। वहीं एडीसीपी गोमती, एसीपी रोहनिया, एसीपी राजातालाब और फोर्स मौजूद थी। आरजू टेलर की गली में सन्नाटा था और उसमें से किसी को आने-जाने की इजाजत नहीं थी। बस जिनके घर गली में हैं, वही अंदर जा सकते थे। गली के रास्ते में रस्सी बांधकर रास्ते को ब्लॉक किया गया था। 50 से अधिक दुकानें बंद, दुकानदार बोले- आरोपी पकड़े जाएं, तब खोलेंगे
रानी बाजार में घटनास्थल के आस-पास की 50 से ज्यादा दुकानें बंद थीं। हमने आसपास ही मौजूद कुछ दुकानदारों से बात करनी चाही तो उन्होंने मना कर दिया। बोले- कल से यहां दहशत का माहौल है। फिर कुछ हो न जाए, इसलिए दुकानें स्वेच्छा से बंद कर रखी हैं। पहले पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर ले, तब ही खोलेंगे। वहीं कुछ दुकानदारों ने दुकान खोली थी, उन्होंने कहा- कल के बवाल के बाद ग्राहक अब यहां रुक नहीं रहे हैं। त्योहार का सीजन है, मगर कोई ग्राहक नहीं आ रहा है, इसलिए हम भी अब कुछ दिन के लिए दुकानें बंद ही रखेंगे। अब घायल कांवड़िए शुभम का हाल जानिए कांवड़िया बोला- मैं पूछता रहा, क्यों पीट रहे हो
घायल कांवरिया शुभम यादव को पहले पुलिस ने जाखिनी सीएचसी में भर्ती कराया था। वहां हालत में सुधार आने के बाद उसे उसके घर भिजवा दिया गया। बाइक पर उसे दो लोग घटनास्थल से 7 किमी दूर उसके घर जंसा बाजार में छोड़कर आए थे। अब परिजनों ने शुभम को पास के ही एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया है। इस अस्पताल में शुभम से मिलने जब दैनिक भास्कर की टीम पहुंची तो उसकी ड्रेसिंग हो रही थी। परिजनों ने बताया- डॉक्टर ने सिटी स्कैन के लिए कहा है। शुभम ने हमें बताया- हम सभी एक दिन पहले रात में अदलपुरा के लिए निकले थे। वहां से जल लेकर हम वापस जंसा आ रहे थे। जखिनी मार्ग पर स्थित रेलवे क्रासिंग बंद थी तो डीजे और बाकी लोग वहीं रुक गए पर मैं आगे निकल आया। आरजू टेलर की गली के सामने पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद 2 लड़कों ने मुझे कुछ खाने को दिया। मैंने जैसे ही उसे खाया, मेरा सिर घूमने लगा। शुभम ने बताया- उसके बाद कुछ लोगों ने मुझे पकड़ लिया और फिर मेरी पिटाई शुरू कर दी। मैं पूछता रहा कि क्यों मार रहे हो? मगर वो लोग मुझे लगातार मारते रहे। इतने में और कांवड़िए भी आ गए। इसके बाद वो लोग वहां से भाग गए। मुझे तो चोट लगी थी, मगर साथियों ने रास्ता जाम कर दिया। वो यही चाहते थे कि जिन्होंने हमारे साथ मारपीट की, वो पकड़े जाएं। फिर पुलिस आयी और मुझे अस्पताल भेज दिया गया। जहां से मुझे दो लोग घर लेकर आये। वो कौन थे? मैं यह भी नहीं जानता हूं। हमने जब पूछा कि क्या उन लोगों को जानते हो, जिन्होंने तुम्हें पीटा था? इस पर शुभम ने कहा कि जब कोई मार खाता है, तो उसे कहां से याद रहेगा कि किसने मारा है। हां इतना तो बता ही सकता हूं कि लोग ज्यादा थे। क्योंकि वो लगातार पीट रहे थे। अब मां का दर्द… 4 बहनों में अकेला भाई, कुछ हो जाता, तो हम क्या करते
शुभम के सिरहाने उसकी मां ऊषा देवी बैठीं थीं। हमने उनसे पूछा कि शुभम को घर लेकर कौन आया था? उन्होंने कहा- दो लड़के बाइक से उसे लेकर घर आए और बेटे को उतारकर चले गए। 4 बेटियों के बाद इकलौता लड़का शुभम है। इसे कुछ हो जाएगा तो हम क्या करेंगे? चश्मदीद मोनू बोले- हमें देखकर हमलावर भाग निकले
शुभम के साथ कांवर लेकर जाने वाले उसके ताऊजी के बेटे मोनू यादव ने आंखों देखी बताई- हम लोग भीमचंडी से पानी भरकर, स्नान करके ऊपर चढ़े और जंसा आ रहे थे। डीजे आगे-आगे था और शुभम उसके आगे चल रहा था। रेलवे क्रासिंग पर डीजे पीछे रह गया और शुभम आगे चला गया था। मैं भी कुछ देर बाद उसके पीछे ही चल पड़ा। आगे बढ़े तो देखा कि कुछ लोग उसे पकड़े हुए हैं। मैंने देखा तो वापस क्रासिंग पर पहुंचा और सबको जानकारी दी। जिसके बाद लोग वहां पहुंचे तो मारने वाले उसे छोड़कर भाग गए। इसके बाद वहां चक्का जाम हुआ और पुलिस आई। हाईस्कूल में अच्छे नंबर के लिए उठाई थी कांवड़
शुभम ने बताया- मैं और मेरी बहन, हम दोनों इस बार हाईस्कूल में हैं। अच्छे नंबरों से पास हों, इसी मन्नत के साथ मैंने कांवड़ उठाई थी। इसके पहले कांवड़ के जत्थे में गया हूं, मगर पहली बार मैंने खुद कांवड़ उठा ली थी। अदलपुरा से जल लेकर जंसा में अर्पित करना था। मगर शिव जी को कुछ और ही मंजूर था। अब जानिए कि हंगामे के दौरान हुआ क्या था… 10-12 मुस्लिम युवकों ने कहा- अल्लाह हूं अकबर बोलो
सावन के तीसरे सोमवार पर हाईवे पर मुस्लिम लड़कों ने कांवड़ियों शुभम यादव और उसके दोस्त पल्टू को घेरकर मारपीट की। पल्टू यादव ने बताया- हम अपने दोस्त शुभम के साथ अदलपुरा से जल लेकर जंसा शिव मंदिर जा रहे थे। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे लगा रहे थे। राजातालाब के रेलवे फाटक के पास 10-12 मुस्लिम युवकों ने हमें रोक लिया। आरोपियों ने कहा- बोल बम और हर-हर महादेव मत बोलो। यह तुम्हारे लिए नहीं है। अल्लाह हू अकबर बोलो। हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म अपना लो। हमने विरोध किया तो धारदार हथियार से मेरे सिर पर हमला कर दिया। इससे मेरा सिर फट गया। शुभम शोर मचाते हुए भागा। उसे सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पुलिस ने पल्टू की शिकायत पर 12 पर केस दर्ज किया गया। मुनव्वर समेत 6 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। करीब 4 घंटे हंगामा चला। पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश पांडे को हिरासत में लिया है। दरअसल, वो बंदूक लेकर उस स्पॉट की तरफ जा रहे थे, जहां ये विवाद हो रहा था। उनकी बंदूक भी जब्त हुई है। विहिप के राजेश पांडेय ने कहा- ये लोग हिंदुओं पर लाठी भांज रहे
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश पांडे ने कहा- मुझे बताया गया कि कांवड़ियों को बंधक बनाकर पीटा गया है। इसकी सूचना पर मैं साथियों के साथ वहां पहुंचा। पुलिस पहले से मौजूद थी। पुलिस ने कहा कार्रवाई हो रही है, हमने कहा कि ठीक है एफआईआर की कॉपी दे दीजिए। कुछ तो आपने किया होगा। जिन्होंने पीटा है, वो तो सामने ही हैं, उन्हें पकड़िए। तब ये लोग कहने लगे कि आपके आने से हिंदू-मुस्लिम दंगा भड़क सकता है। आप समझिए कि मेरे जाने से दंगा भड़कने से रुक गया। क्योंकि जब हिंदू मारे गए, तो हिंदू लामबंद हो रहे थे। मैंने उन्हें समझाया, शांत करवाया। फिर मुझे ही पुलिस वाले गाड़ी में बैठाकर ले गए। मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया। राजा तालाब थाने में मुझे हवालात में रखा गया। 10 मिनट बाद मुझे बाहर निकाला गया। देर शाम छोड़ा गया। अब हम पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन देंगे। मुस्लिम को ही सुरक्षा दी जा रही है। हिंदुओं पर लाठी भांजी गई। ………… ये भी पढ़ें : काशी में कांवड़ियों से कहा- अल्लाह हू अकबर बोलो:मुस्लिम बोले- इस्लाम अपनाओ, मना करने पर पीटा; विहिप नेता हिरासत में हम अपने दोस्त शुभम के साथ अदलपुरा से जल लेकर जंसा शिव मंदिर जा रहे थे। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे लगा रहे थे। राजातालाब के रेलवे फाटक के पास 10-12 मुस्लिम युवकों ने हमें रोक लिया। आरोपियों ने कहा- बोल बम और हर-हर महादेव मत बोलो। यह तुम्हारे लिए नहीं है। अल्लाह हू अकबर बोलो। हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म अपना लो। हमने विरोध किया तो धारदार हथियार से मेरे सिर पर हमला कर दिया। इससे मेरा सिर फट गया। शुभम शोर मचाते हुए भागा। उस सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।’ पढ़िए पूरी खबर…