80 साल की सास को बहू ने सड़क पर फेंका:अयोध्या में रात भर कैंसर के दर्द से तड़पती रही, सुबह दम तोड़ा, 3 अरेस्ट

अयोध्या में 80 साल की महिला को उसकी बहू ने सिर्फ इसलिए सड़क पर फेंक दिया, क्योंकि उसे कैंसर था। राह चलते लोगों ने जब बुजुर्ग महिला को सड़क पर पड़े देखा, तो पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन अगले ही दिन उसकी मौत हो गई थी। 23 जुलाई की रात हुई इस पूरी घटना का CCTV सामने आने के बाद पुलिस एक्शन में आ गई थी। पुलिस ने CCTV के आधार पर बुधवार को बुजुर्ग महिला की बहू, एक महिला और युवक को हिरासत में लिया है। बहू की हरकत 3 तस्वीरों में देखिए… गोंडा की रहने वाली थी बुजुर्ग महिला
जिस बुजुर्ग महिला भगवती को सड़क पर छोड़ा गया था, वह गोंडा की रहने वाली थी। आज हिरासत में ली गई महिला की बहू जया सिंह ने बताया- मेरे ससुर बृजलाल की पहले ही मौत हो चुकी है। मेरी सास को 3-4 महीने से कैंसर था। इस वजह से वो बीमार रहती थी। बहू जया ने बताया कि मेरी शादी राजू सिंह से हुई है। पति को मेरे सास-ससुर ने गोद लिया था। वह शराब पीने का आदी है। घर पर कोई खर्च नहीं देता है। इसलिए मैं अपनी सास का इलाज नहीं करा पा रही थी। 23 जुलाई की रात मैंने अपने पड़ोस में रहने वाली एक महिला और युवक को अपने साथ लिया। फिर एक ई-रिक्शा किया और सास को सड़क पर लिटा आई थी। वीडियो में क्या दिख रहा है, जानिए
इस पूरी घटना का 1 मिनट 22 सेकेंड का CCTV फुटेज सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि युवक ने जींस और शर्ट पहन रखी है, जबकि एक महिला सूट और दूसरी साड़ी पहने है। पुरुष और सूट पहने महिला बुजुर्ग को उठाकर सड़क किनारे रख देते हैं। फिर एक महिला उसे चादर से ढंक देती है। थोड़ी देर बाद दूसरी, साड़ी पहने महिला आती है और बुजुर्ग के चेहरे को देखती है। चेहरे से चादर हटा देती है। इसके बाद तीनों ई-रिक्शा में बैठकर चले जाते हैं। उनके जाने के बाद बुजुर्ग महिला करीब 10 मिनट तक हाथ-पैर हिलाती है, फिर हलचल बंद हो जाती है। बुजुर्ग महिला को फर्नीचर दुकान के बाहर छोड़ गए थे
बुजुर्ग महिला को जिस दुकान के बाहर छोड़कर गए थे, दैनिक भास्कर वहां पहुंचा। जिस दुकान पर महिला को छोड़ा गया था, वह फर्नीचर की दुकान थी। हमने यहां के दुकान मालिक और फर्नीचर कारीगर घनश्याम वर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि मैं सुबह 8.30 बजे आया, तो हमने देखा कि महिला यहां पर लेटी थी। मेरी दुकान में ही कैमरा लगा है, जिसमें पूरी घटना कैद हो गई। उन्होंने बताया कि मैंने पूछा कि माताजी आपका घर कहां है? लेकिन, वह कुछ बोल नहीं पा रही थीं। उनके गले में गांठ जैसा कुछ था। हमने पानी पिलाने की भी कोशिश की, लेकिन गांठ की वजह से वह पानी भी नहीं पी पा रही थीं। इसी बीच यहां पड़ोसी दुकानदार भी आ गए। फिर हमने पुलिस और एम्बुलेंस को बुलाया। जब बुजुर्ग महिला यहां से गई थी, तब उनको होश था। वहीं पड़ोसी दुकानदार रामदरश वर्मा ने कहा कि सुबह जब हम अपनी दुकान खोलने पहुंचे, तो महिला यहां पर लेटी थी। इसके बाद हमने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। उन्होंने कहा कि जो भी लोग महिला को यहां छोड़कर गए हैं, उन पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। गले की गांठ में पड़ गए थे कीड़े
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सत्यजीत वर्मा ने बताया- बुजुर्ग महिला को गुरुवार सुबह 10 बजे के आसपास लाया गया था। अस्पताल में आने के बाद महिला अचेत थी। सर्जन ने देखा तो गले में कई गांठें मिली थीं। उसकी ड्रेसिंग की गई। गांठों में कीड़े पड़ गए थे। डॉक्टरों की टीम ने महिला को बचाने का बहुत प्रयास किया। करीब 8 घंटे बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार पर कानून सख्त; कोर्ट छीन सकता है बच्चों से संपत्ति …………………. यह खबर भी पढ़ें- कांवड़ियों को पीटने वाले मुस्लिम परिवारों को मिली सुरक्षा, हिंदू आबादी से घिरे हैं 12 परिवार सावन के तीसरे सोमवार को मुस्लिम लड़कों ने जंसा मार्ग पर स्थित मस्जिद के सामने कांवड़िए शुभम यादव और पल्टू को घेरकर पीट दिया। इसके 24 घंटे के अंदर वाराणसी पुलिस ने 2 काम किए। पहला- 12 आरोपियों के खिलाफ FIR लिखी। दूसरा- रानी बाजार की जिस गली में इन 12 आरोपियों के परिवार रहते थे, वहां फोर्स तैनात की। यहां पढ़ें पूरी खबर