चित्रकूट में माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे पूर्व विधायक अब्बास अंसारी के गैंगस्टर मामले में विशेष न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। न्यायाधीश ने एसपी अरुण सिंह, सीओ राजकमल और अभियोजन पक्ष की कार्यशैली को लापरवाह करार दिया है। न्यायालय ने इस मामले में अपने आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को भेजने का निर्देश दिया है। साथ ही सदर कोतवाल को 18 अगस्त को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। अब्बास अंसारी के अधिवक्ता का कहना था कि गैंगस्टर नियमों का अनुपालन किए बिना मात्र एक मुकदमे के आधार पर अब्बास पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि एसपी अरुण कुमार सिंह ने गैंगस्टर एक्ट नियमावली, उच्चतम न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशों और विधिक प्रावधानों का अनुपालन जानबूझकर नहीं किया है। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि क्षेत्राधिकारी राजकमल ने भी इस मामले में उचित रीति से पर्यवेक्षण नहीं किया और अभियोजन पक्ष ने अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वाह नहीं किया। न्यायालय के अनुसार यह विधि विरुद्ध कार्य इन अधिकारियों द्वारा जानबूझकर अभियुक्त अब्बास अंसारी को अभियोजन की कमियों का लाभ देने के उद्देश्य से किया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि लोक सेवकों की इस प्रकार की लापरवाही से सरकार पर अनावश्यक रूप से मुकदमों का बोझ बढ़ता है और राजस्व की भी हानि होती है।