मैं शाह मार्केट काम से गया था वहां से बाहर निकलकर अंडे खाने के लिए ठेले पर पहुंचा। वहां पहले से ही तीन युवक सोहेल, राजा और शाहरुख बैठे थे। मैं जैसे ही पहुंचा पीछे से सोहेल ने मेरे कान पर तमंचा सटा दिया। मैं जैसे ही पलटा और हाथ मारा। तब तक उसने गोली मार दी। मेरा हाथ लगने से असलहा का मुंह दूसरी ओर हो गया और छर्रे मेरे कान में लगे। मैं खून से लथपथ हो गया। अगर, मेरा हाथ नहीं लगता तो मेरा भेजा उड़ जाता। मैं बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। तब तक हमलावर भाग निकले। ये कहना आगरा के भाजपा नेता और व्यवसायी सुमित दिवाकर का। बुधवार रात उन पर जान से मारने कि नीयत से कान में सटाकर गोली मारी गई। गोली उनके कान को छूते हुए निकल गई। जिससे वह घायल हो गए। लेकिन वह बाल-बाल बच गए। कुछ देर बाद होश आने पर वे खुद ही थाने पहुंचे। उनकी शिकायत पर पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है। पूरा मामला बुधवार देर रात आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र के शाहपुर का है। जानिए क्या था पूरा घटनाक्रम
न्यू आगरा के नगला पदी निवासी सुमित दिवाकर डेयरी संचालक हैं। इसके साथ ही वे भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक हैं। सुमित दिवाकर बुधवार रात 11.30 बजे हरिपर्वत के शाह मार्केट के बाहर ठेले पर अंडे खाने आए थे। वहां पर जज कंपाउंड निवासी तीन युवक सोहेल, राजा और शाहरुख बैठे थे। जैसे ही सुमित वहां पहुंचे सोहेल ने पीछे से उनके कान में तमंचा सटा दिया। और उन पर गोली चला दी। सुमित दिवाकर कुछ समझ पाते इससे पहले ही सुमित को लहूलुहान करते हुए निकल गई। भाजपा नेता को जख्मी समझकर तीनों युवक वहां से फरार हो गए। गोली लगने से सुमित वहीं बेहोश होकर गिर पड़े। रात का समय होने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बेहोश होकर गिरे फिर खुद ही पहुंचे थाने लहूलुहान हालत में थाने पहुंचे सुमित दिवाकर ने बताया कि वह गोली लगने से जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए। उन्होंने बताया कि हमलावरों के भाग जाने के बाद कुछ लोग ठेले के पास पहुंचे। मेरे चेहरे पर पानी डाला। इसके बाद मैं घटना स्थल से 500 मीटर दूर थाना हरीपर्वत पहुंचा। जहां से पुलिस ने घायल भाजपा नेता को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उन्होंने बताया कि हमलावर युवक की आहट से मैं सतर्क हो गया। उसने मेरे कान से तमंचा सटा दिया। मुझे लगा कि मेरे कान में चींटी रेंग रही है। इसी कारण मैंने कान के पास हाथ मारा और पीछे की तरफ घूम गया। जिससे तमंचे की इसकी वजह से गोली की दिशा मुड़ गई और मैं बच गया। उन्होंने बताया कि ठेले के आसपास खड़े लोगों में भगदड़ मच गई। वे दूर भाग निकले। इसी बीच हमलावर भी मौका पाकर भाग निकले। अब जानिए क्या हो सकती है हमले की वजह
सुमित ने बताया कि मैं विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, विद्यार्थी परिषद की राजनीति करता हूं। जबकि गोली मारने वाले लोग विशेष समुदाय से आते हैं। उन्होंने बताया कि गोली मारने वाले आरोपी मुस्तफा क्वार्टर निवासी सोहेल के मामा चांद ने दो महीने पहले मुझे जान से मारने की धमकी दी थी। तब मैंने हरीपर्वत थाने में ही शिकायत की थी। इस पर पुलिस ने दो लोगों को शांतिभंग में पकड़ा गया था। मगर, चांद पुलिस के हाथ नहीं आया था। चांद के कहने पर ही सोहेल ने मुझ पर हमला किया होगा।
उस समय मैंने पुलिस को सारे साक्ष्य दिए थे। मुझे जान से मारने की जो धमकी थी, उसकी रिकॉर्डिंग भी दी थी। आरोपी के मामा ने फोन करके दी थी धमकी
सुमित दिवाकर ने बताया कि मेरा चांद से कोई विवाद नहीं था। बजरंग दल के एक कार्यकर्ता सोनू से उन लोगों का झगड़ा हुआ था। वे लोग उसे मारने आए थे। तब मैंने सोनू का साथ दिया था। इस पर चांद ने मुझे धमकाने के लिए फोन किया था। तब चांद ने कहा था कि मैंने मर्डर किए हैं। मैं हरेंद्र राणा के साथ रहता हूं। इसके बाद उसने मुझे कुछ और बदमाशों के नाम बताए। साथ ही इन सब मामलों से दूर रहने की धमकी दी थी। तब मैंने पुलिस में इसकी शिकायत की थी। उसी रंजिश के चलते मुझ पर ये हमला किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी जज कंपाउंड के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके रह रहे हैं। उन लोगों ने यहां पर परमानेंट डेरा डाल दिया है। पुलिस-प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए कि ये लोग कौन हैं, कहां से आए हैं।यहां पर इन लोगों ने लगभग 15-20 मकान बना लिए हैं। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया-हमलावरों के खिलाफ रात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई हैं। सभी के ठिकानों में दबिश दी जा रही है जल्दी ही गिरफ्तारी की जाएगी। ———– ये खबर भी पढ़िए प्रयागराज में एनकाउंटर में मारा गया झारखंड का बदमाश:AK-47 से STF पर फायरिंग की, 4 लाख का इनामी था प्रयागराज में यूपी STF ने झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर छोटू धनबादिया उर्फ आशीष रंजन को ढेर कर दिया। आशीष रंजन पर 4 लाख रुपए का इनाम था। STF इंस्पेक्टर प्रयागराज जेपी राय ने बताया- वह एमपी के रास्ते शंकरगढ़ पहुंचा था। सर्विलांस से उसकी लोकेशन ट्रेस हुई। शंकरगढ़ के शिवराज चौराहे पर घेराबंदी की गई। यहां बाइक से आशीष रंजन आता हुआ नजर आया। STF ने उसे रोकने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़िए
न्यू आगरा के नगला पदी निवासी सुमित दिवाकर डेयरी संचालक हैं। इसके साथ ही वे भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक हैं। सुमित दिवाकर बुधवार रात 11.30 बजे हरिपर्वत के शाह मार्केट के बाहर ठेले पर अंडे खाने आए थे। वहां पर जज कंपाउंड निवासी तीन युवक सोहेल, राजा और शाहरुख बैठे थे। जैसे ही सुमित वहां पहुंचे सोहेल ने पीछे से उनके कान में तमंचा सटा दिया। और उन पर गोली चला दी। सुमित दिवाकर कुछ समझ पाते इससे पहले ही सुमित को लहूलुहान करते हुए निकल गई। भाजपा नेता को जख्मी समझकर तीनों युवक वहां से फरार हो गए। गोली लगने से सुमित वहीं बेहोश होकर गिर पड़े। रात का समय होने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बेहोश होकर गिरे फिर खुद ही पहुंचे थाने लहूलुहान हालत में थाने पहुंचे सुमित दिवाकर ने बताया कि वह गोली लगने से जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए। उन्होंने बताया कि हमलावरों के भाग जाने के बाद कुछ लोग ठेले के पास पहुंचे। मेरे चेहरे पर पानी डाला। इसके बाद मैं घटना स्थल से 500 मीटर दूर थाना हरीपर्वत पहुंचा। जहां से पुलिस ने घायल भाजपा नेता को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उन्होंने बताया कि हमलावर युवक की आहट से मैं सतर्क हो गया। उसने मेरे कान से तमंचा सटा दिया। मुझे लगा कि मेरे कान में चींटी रेंग रही है। इसी कारण मैंने कान के पास हाथ मारा और पीछे की तरफ घूम गया। जिससे तमंचे की इसकी वजह से गोली की दिशा मुड़ गई और मैं बच गया। उन्होंने बताया कि ठेले के आसपास खड़े लोगों में भगदड़ मच गई। वे दूर भाग निकले। इसी बीच हमलावर भी मौका पाकर भाग निकले। अब जानिए क्या हो सकती है हमले की वजह
सुमित ने बताया कि मैं विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, विद्यार्थी परिषद की राजनीति करता हूं। जबकि गोली मारने वाले लोग विशेष समुदाय से आते हैं। उन्होंने बताया कि गोली मारने वाले आरोपी मुस्तफा क्वार्टर निवासी सोहेल के मामा चांद ने दो महीने पहले मुझे जान से मारने की धमकी दी थी। तब मैंने हरीपर्वत थाने में ही शिकायत की थी। इस पर पुलिस ने दो लोगों को शांतिभंग में पकड़ा गया था। मगर, चांद पुलिस के हाथ नहीं आया था। चांद के कहने पर ही सोहेल ने मुझ पर हमला किया होगा।
उस समय मैंने पुलिस को सारे साक्ष्य दिए थे। मुझे जान से मारने की जो धमकी थी, उसकी रिकॉर्डिंग भी दी थी। आरोपी के मामा ने फोन करके दी थी धमकी
सुमित दिवाकर ने बताया कि मेरा चांद से कोई विवाद नहीं था। बजरंग दल के एक कार्यकर्ता सोनू से उन लोगों का झगड़ा हुआ था। वे लोग उसे मारने आए थे। तब मैंने सोनू का साथ दिया था। इस पर चांद ने मुझे धमकाने के लिए फोन किया था। तब चांद ने कहा था कि मैंने मर्डर किए हैं। मैं हरेंद्र राणा के साथ रहता हूं। इसके बाद उसने मुझे कुछ और बदमाशों के नाम बताए। साथ ही इन सब मामलों से दूर रहने की धमकी दी थी। तब मैंने पुलिस में इसकी शिकायत की थी। उसी रंजिश के चलते मुझ पर ये हमला किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी जज कंपाउंड के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके रह रहे हैं। उन लोगों ने यहां पर परमानेंट डेरा डाल दिया है। पुलिस-प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए कि ये लोग कौन हैं, कहां से आए हैं।यहां पर इन लोगों ने लगभग 15-20 मकान बना लिए हैं। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया-हमलावरों के खिलाफ रात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई हैं। सभी के ठिकानों में दबिश दी जा रही है जल्दी ही गिरफ्तारी की जाएगी। ———– ये खबर भी पढ़िए प्रयागराज में एनकाउंटर में मारा गया झारखंड का बदमाश:AK-47 से STF पर फायरिंग की, 4 लाख का इनामी था प्रयागराज में यूपी STF ने झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर छोटू धनबादिया उर्फ आशीष रंजन को ढेर कर दिया। आशीष रंजन पर 4 लाख रुपए का इनाम था। STF इंस्पेक्टर प्रयागराज जेपी राय ने बताया- वह एमपी के रास्ते शंकरगढ़ पहुंचा था। सर्विलांस से उसकी लोकेशन ट्रेस हुई। शंकरगढ़ के शिवराज चौराहे पर घेराबंदी की गई। यहां बाइक से आशीष रंजन आता हुआ नजर आया। STF ने उसे रोकने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़िए