बाराबंकी के श्रीराम स्वरूप यूनिवर्सिटी की घटना में स्टूडेंट्स के साथ अत्याचार हुआ है। दोषियों के खिलाफ बिना देर किए कार्रवाई की गई है। जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई होगी। चाहे कोई कितना बड़ा आदमी हो, अगर जांच में गलत मिला तो एक्शन भी जरूर होगा। ये कहना है यूपी के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा- श्रीराम स्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन, स्थानीय गुंडों और पुलिस प्रशासन ने मिलकर छात्रों पर अत्याचार किया है।ABVP छात्रों को पहले गुंडों ने फिर पुलिस ने पीटा। छात्रों ने घटना के वीडियो भी दिखाए थे। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : आप मानते हैं कि छात्रों के साथ अत्याचार हुआ?
जवाब : BCI की अनुमति के बगैर कोई भी विश्वविद्यालय लॉ कोर्स को नहीं चला सकता। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि उनके पास अप्रूवल था, लेकिन 3 साल के बाद वह खत्म हो गया। खत्म होने से पहले ही इन्होंने रिन्युअल के लिए अप्लाई कर दिया था। फीस भी जमा कर दी थी, पर अभी तक रिन्युअल नहीं हुआ। इस बारे में जैसे ही मुझे जानकारी हुई। मैंने तत्काल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार से बात की। पूछा कि जब आपको रिन्युअल नहीं मिला, तब आपको एडमिशन नहीं लेना चाहिए था। मैंने उनसे कहा कि तत्काल प्रभाव से किसी एक अधिकारी से कहिए कि वह दिल्ली में डेरा डालकर बैठे और बिना देर किए BCI का लेटर लेकर आए। इस बीच ABVP के छात्र अपनी मांग रखने गए थे, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ स्थानीय लोगों को बुलाकर छात्रों की पिटाई करानी शुरू कर दी। जिसका जब छात्रों ने विरोध किया तब पुलिस से उनको पिटवाया गया। यह बेहद अफसोसजनक था। घटना के बाद तुरंत निर्णय लेते हुए सीएम योगी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया। उन्हें निलंबित किया गया। मंडल आयुक्त के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए। हमारे उच्च शिक्षा विभाग को निजी विश्वविद्यालय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। तीनों ही एक्शन पर तत्काल कार्रवाई शुरू हो गई थी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सवाल : क्या उच्च शिक्षा विभाग और पुलिस आमने-सामने है?
जवाब : ऐसा नहीं है। पुलिस अपना काम कर रही है। उच्च शिक्षा विभाग अपना काम कर रहा है। दोनों ही मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तत्काल एक्शन ले रहे हैं। गृह विभाग ने दोषी पुलिस अफसरों पर एक्शन लिया है। जांच भी शुरू कर दी है। जबकि उच्च शिक्षा विभाग ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। सवाल : क्या यूनिवर्सिटी ओनर के हाई प्रोफाइल लोगों से संबंध हैं?
जवाब : मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। विश्वविद्यालय पुराना है, लेकिन जैसे ही मुझे इस प्रकरण की जानकारी मिली कि इसने बिना BCI के अप्रूवल के लॉ में एडमिशन लिया है। तुरंत मैंने रजिस्ट्रार से बात की थी। जांच निष्पक्ष होगी, यदि दोषी पाया गया तो बचेगा नहीं, चाहे कोई जितना बड़ा व्यक्ति हो। सवाल : ABVP के छात्रों का आक्रोश कम नहीं हो रहा, ऐसा क्यों?
जवाब : ABVP एक इंडिपेंडेंट संगठन है। मुझे ये कहने में कोई हिचक नहीं कि ये विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। उसकी हर परिसर में, हर शहर में इकाई है। बाराबंकी की घटना का असर सुदूर क्षेत्रों में बैठे छात्रों के दिल पर हुआ है। वो लोग अनुशासित ढंग से अपनी बात रख रहे हैं। हम भी अनुशासित ढंग से उन्हें समझा रहे हैं। सरकार कार्रवाई कर रही है। सवाल : हाल ही में NIRF रैंकिंग जारी हुई है, क्या कहेंगे?
जवाब : योगी जी की सरकार आने से पहले न केवल उच्च शिक्षा बल्कि प्रदेश की पूरी शिक्षा व्यवस्था का ही बंटाधार था। योगी सरकार आने के बाद इसमें जबरदस्त काम हुआ है। पहले NAAC, QAS वर्ल्ड रैंकिंग और QAS एशिया रैंकिंग में कोई विश्वविद्यालय नहीं थे। सवाल : LU के कुछ प्रोफेसर RSS-सरकार पर टिप्पणी करते हैं, क्या कार्रवाई होगी?
जवाब : प्रोफेसर किसी भी राजनीतिक दल की सदस्यता ले सकते हैं, इसमें कोई वैधानिक रोक नहीं है। व्यक्ति स्वतंत्र है। आलोचना करने के लिए या समर्थन करने के लिए। अगर आलोचना सीमा से बाहर जाएगी और कानून के ऊपर जाएगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। ————————— ये भी पढ़ें: शिवपाल बोले- अखिलेश ने विधानसभा के कई टिकट फाइनल किए:इटावा में कहा- कई प्रत्याशी तय होंगे; प्रधानी-बीडीसी नहीं लड़ेंगे ‘यूपी के विधानसभा चुनाव की तैयारी हमने शुरू कर दी है। अखिलेश यादव की तरफ से विधानसभा के कई टिकट फाइनल हो गए हैं। कुछ प्रत्याशियों के नाम तय किए जा चुके हैं, जल्द ही अन्य उम्मीदवारों की घोषणा हो जाएगी। इस बार सपा ग्राम सभा, प्रधानी और बीडीसी के चुनाव में भाग नहीं लेगी।’ यह दावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने इटावा में किया। (पढ़ें पूरी खबर)
जवाब : BCI की अनुमति के बगैर कोई भी विश्वविद्यालय लॉ कोर्स को नहीं चला सकता। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि उनके पास अप्रूवल था, लेकिन 3 साल के बाद वह खत्म हो गया। खत्म होने से पहले ही इन्होंने रिन्युअल के लिए अप्लाई कर दिया था। फीस भी जमा कर दी थी, पर अभी तक रिन्युअल नहीं हुआ। इस बारे में जैसे ही मुझे जानकारी हुई। मैंने तत्काल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार से बात की। पूछा कि जब आपको रिन्युअल नहीं मिला, तब आपको एडमिशन नहीं लेना चाहिए था। मैंने उनसे कहा कि तत्काल प्रभाव से किसी एक अधिकारी से कहिए कि वह दिल्ली में डेरा डालकर बैठे और बिना देर किए BCI का लेटर लेकर आए। इस बीच ABVP के छात्र अपनी मांग रखने गए थे, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ स्थानीय लोगों को बुलाकर छात्रों की पिटाई करानी शुरू कर दी। जिसका जब छात्रों ने विरोध किया तब पुलिस से उनको पिटवाया गया। यह बेहद अफसोसजनक था। घटना के बाद तुरंत निर्णय लेते हुए सीएम योगी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया। उन्हें निलंबित किया गया। मंडल आयुक्त के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए। हमारे उच्च शिक्षा विभाग को निजी विश्वविद्यालय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। तीनों ही एक्शन पर तत्काल कार्रवाई शुरू हो गई थी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सवाल : क्या उच्च शिक्षा विभाग और पुलिस आमने-सामने है?
जवाब : ऐसा नहीं है। पुलिस अपना काम कर रही है। उच्च शिक्षा विभाग अपना काम कर रहा है। दोनों ही मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तत्काल एक्शन ले रहे हैं। गृह विभाग ने दोषी पुलिस अफसरों पर एक्शन लिया है। जांच भी शुरू कर दी है। जबकि उच्च शिक्षा विभाग ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। सवाल : क्या यूनिवर्सिटी ओनर के हाई प्रोफाइल लोगों से संबंध हैं?
जवाब : मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। विश्वविद्यालय पुराना है, लेकिन जैसे ही मुझे इस प्रकरण की जानकारी मिली कि इसने बिना BCI के अप्रूवल के लॉ में एडमिशन लिया है। तुरंत मैंने रजिस्ट्रार से बात की थी। जांच निष्पक्ष होगी, यदि दोषी पाया गया तो बचेगा नहीं, चाहे कोई जितना बड़ा व्यक्ति हो। सवाल : ABVP के छात्रों का आक्रोश कम नहीं हो रहा, ऐसा क्यों?
जवाब : ABVP एक इंडिपेंडेंट संगठन है। मुझे ये कहने में कोई हिचक नहीं कि ये विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। उसकी हर परिसर में, हर शहर में इकाई है। बाराबंकी की घटना का असर सुदूर क्षेत्रों में बैठे छात्रों के दिल पर हुआ है। वो लोग अनुशासित ढंग से अपनी बात रख रहे हैं। हम भी अनुशासित ढंग से उन्हें समझा रहे हैं। सरकार कार्रवाई कर रही है। सवाल : हाल ही में NIRF रैंकिंग जारी हुई है, क्या कहेंगे?
जवाब : योगी जी की सरकार आने से पहले न केवल उच्च शिक्षा बल्कि प्रदेश की पूरी शिक्षा व्यवस्था का ही बंटाधार था। योगी सरकार आने के बाद इसमें जबरदस्त काम हुआ है। पहले NAAC, QAS वर्ल्ड रैंकिंग और QAS एशिया रैंकिंग में कोई विश्वविद्यालय नहीं थे। सवाल : LU के कुछ प्रोफेसर RSS-सरकार पर टिप्पणी करते हैं, क्या कार्रवाई होगी?
जवाब : प्रोफेसर किसी भी राजनीतिक दल की सदस्यता ले सकते हैं, इसमें कोई वैधानिक रोक नहीं है। व्यक्ति स्वतंत्र है। आलोचना करने के लिए या समर्थन करने के लिए। अगर आलोचना सीमा से बाहर जाएगी और कानून के ऊपर जाएगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। ————————— ये भी पढ़ें: शिवपाल बोले- अखिलेश ने विधानसभा के कई टिकट फाइनल किए:इटावा में कहा- कई प्रत्याशी तय होंगे; प्रधानी-बीडीसी नहीं लड़ेंगे ‘यूपी के विधानसभा चुनाव की तैयारी हमने शुरू कर दी है। अखिलेश यादव की तरफ से विधानसभा के कई टिकट फाइनल हो गए हैं। कुछ प्रत्याशियों के नाम तय किए जा चुके हैं, जल्द ही अन्य उम्मीदवारों की घोषणा हो जाएगी। इस बार सपा ग्राम सभा, प्रधानी और बीडीसी के चुनाव में भाग नहीं लेगी।’ यह दावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने इटावा में किया। (पढ़ें पूरी खबर)