लड़खड़ाई राजनीति को हमेशा साहित्य ने ही मिलकर संभाला:कविता उस युग की ओर लौटने वाली है, जब कवि का काम केवल राजा को खुश करना था
हिटलर की तानाशाही का मजाक बनाते हुए चार्ली चैपलिन ने एक फिल्म बनाई थी, जिसका नाम था ‘द ग्रेट डिक्टेटर’। सुना है, इस फिल्म को देखने महान वैज्ञानिक आइंस्टाइन भी गए थे और फिल्म देखने के बाद आइंस्टाइन ने हिटलर को पत्र लिखा- ‘हिटलर, निश्चिंत रहो, यह फिल्म लोगों को उतना नहीं हंसा पाएगी, जितना […]