गोरखपुर मां-बेटी हत्याकांड- जिंदा बची खुशबू की कहानी कितनी सच्ची?:जिसे हत्यारा कहा, उसके खिलाफ सबूत नहीं, कमरे में बंद थी, तो आवाज कैसे पहचानी
‘मेरे पापा की जब मौत हुई थी, तब मैं 10 साल की थी। मेरा भाई 5 साल का और छोटी बहन मां के पेट में ही थी। उस वक्त कोटेदार संजय ने मेरी मम्मी से कहा था- तुम्हारा पूरा ख्याल रखेंगे। उसने मां से संबंध बनाए। वह मेरे घर के बारे में सब कुछ जान […]