बेसहारा लोगों की अंतिम यात्रा का सहारा बनीं दो महिलाएं:गोरखपुर की ‘अम्मा’; मुजफ्फरनगर की ‘क्रांतिकारी’ बेटों का फर्ज निभा रहीं
हर इंसान की तमन्ना होती है कि जब वह इस दुनिया से जाए तो उसे अपनों का कंधा मिले। पूरे सम्मान और विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार हो। लेकिन हर किसी की किस्मत में ऐसा नहीं होता…। कई लोग गुमनामी में इस दुनिया से चले जाते हैं, जिनके शवों को लेने वाला तक कोई नहीं […]