खूनी शादी- 5:पति के टुकड़े करके सेप्टिक टैंक में डाला; 4 महीने रिश्तेदारों को धोखा देती रही, अपने भाई की वजह से फंस गई
अब वो अकेला नहीं था। सुबह काम पर निकलता और शाम को घर लौटकर उससे दिनभर की बातें करता। नोक-झोंक, हंसी-मजाक और चाय की चुस्कियां… सब कुछ किसी फिल्म के जैसा था। कभी-कभी उसे काम के सिलसिले में बाहर रुकना पड़ जाता था। तब वो अकेली रह जाती थी। घर में ऐसा कोई नहीं था, […]