मायावती जोर से चिल्लाईं- आप हरिजन कहकर जलील कर रहे…:यही तेवर देखकर कांशीराम ने चुना; 70वें जन्मदिन पर पढ़िए बहनजी के अनसुने किस्से
दिल्ली का इंदरपुरी इलाका। एक छोटा-सा खस्ताहाल मकान। दिसंबर, 1977 की एक सर्द रात थी। अचानक रात 11 बजे किसी ने घर की कुंडी खटखटाई। घर के मालिक प्रभुदास ने दरवाजा खोला, तो देखा कि बाहर मुड़े-तुड़े कपड़ों में गले में मफलर डाले, लगभग गंजा हो चला एक अधेड़ शख्स खड़ा था। उस अधेड़ ने […]