IT इंस्पेक्टर के घर में 4 साल से सेक्स रैकेट:रिश्ते के साले के पास कस्टमर के रिकॉर्ड, मोहल्ले वालों ने पथराव किया, तब खुला पूरा मामला

प्रयागराज के नैनी के पीडीए कॉलोनी के एक मकान में शनिवार को सेक्स रैकेट पकड़ा गया। पुलिस ने मकान से 2 महिलाएं और चार पुरुषों को अरेस्ट किया। पकड़े गए लोग बिहार, पश्चिम बंगाल, मेरठ, चित्रकूट के रहने वाले हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि 4 साल से सेक्स रैकेट चल रहा था। जिस मकान में सेक्स रैकेट चल रहा था। वह वह मकान आयकर निरीक्षक हिमांशु कुमार का है। जो बनारस में तैनात हैं। पॉश कॉलोनी में चल रहे सेक्स रैकेट की भनक लोगों को कब लगी? पुलिस से शिकायत की या नहीं? मकान में किस समय कौन-कौन आता-जाता था? यह जानने के लिए दैनिक भास्कर एप की टीम शहर 6 किमी दूर नैनी की पीडीए कॉलोनी पहुंची। यहां मोहल्ले के लोगों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट….। 4 साल से चल रहा था सेक्स रैकेट
कॉलोनी पहुंचे तो वहां महिलाओं की भीड़ जुटी हुई थी। हमने महिलाओं से बात की। श्रुति ने बताया कि 8 साल पहले हिमांशु कुमार ने यह मकान बनवाया है। यह मकान 3BHK बना है। मकान मालिक बनारस में आयकर निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। मकान मालिक हिमांशु कुमार ने अपने साले संतोष कुमार को देखरेख के लिए दे दिया। जब लोग उससे पूछते थे कि मकान में क्या होता है तो वह कहता था कि यह गेस्ट हाउस है। फिर संतोष ने यह मकान अपने साथी अशोक शुक्ला और अनुज को सौंप दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर यहां सेक्स रैकेट शुरू कर दिया। नीरा ने बताया, मैं यहीं रहती हूं। कुछ समय पहले मैं अपनी बालकनी में खड़ी थी। हिमांशु के मकान में ताला पड़ा था। मगर एक कमरे की खिड़की खुली थी, मैंने अंदर लड़के-लड़की को आपत्तिजनक स्थिति में देखा। फिर मैंने अपने पति को बुलाया। पति ने भी देखा। हम लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, मगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मकान में बंद रहता था हमेशा ताला
मैंने इस मकान में कभी मकान मालिक को नहीं देखा। यहां न दूध वाला आता है और न सब्जी वाला। ऐसा कोई नहीं दिखता है। अंदर से ताला बंद रहता है। मकान के आस पास लड़के खड़े होकर सिगरेट पीते रहते है। अगर कोई रहता तो ताला क्यों बंद होता। मैं 6 साल से रह रही हूं। रोज सुबह निकलती हूं टहलने के लिए। रोज भोर में लड़की लड़के आ जाते है। कल जब यहां लोग पकड़े गए तो पुलिस ने यहां की महिलाओं और इस्कॉन के गुरु जी को धक्का दिया। पुलिस डंडा लेकर मारने के लिए आगे आई। पुलिस बोली तुम लोग यहां के नहीं हो तो क्यों बोल रहे हों। लेकिन हम इस कॉलोनी के भले न हो पर इस देश के जरूर है। यहां गलत नहीं होने देंगे। दिन और रात लड़के-लड़कियां आते-जाते थे मकान के गेट का ताला कभी खुलता नहीं है। कभी भोर में 4 बजे तो 5 बजे दिन भर रात भी लोगों का आना जाना शुरू रहता है। लोग दीवार को फांदकर अंदर जाते है और बाहर आते है। जब कभी कोई पूछता है कि यहां क्या काम होता है तो जवाब में गेस्ट हाउस चलने की बात बताई जाती थी। बताया- यहां पहले एनटीपीसी में काम करने वाले लोग रहते थे। इसके बाद उन्हें करा खाली करा दिया गया। बाद में एक फैमिली रहने के लिए आई। कुछ दिनों के बाद उन्हें भी खाली करा दिया गया। बाद में मकान मालिक के रिश्तेदार ने यहां पर धंधा शुरू करा दिया। यह यहां पर चार साल से चल रहा है। इस्कॉन मंदिर के गुरु जी क्या बोले, वो पढ़िए-
यादव विशाल कृष्ण दास ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के बाद कॉलोनी की महिलाओं को धमकाया जा रहा है। उन्हें सड़क पर रोका जा रहा है। यहां की महिलाओं और सभी नागरिक का कहना है कि इस कलंक को यहां से मिटाया जाए। प्रशासन की ओर से इस मकान को सील किया जाए। नहीं तो यह बात ऊपर तक जाएगी। इसकी लड़ाई लड़ी जाएगी। बताया- आयकर निरीक्षक के इस मकान में चल रहे सेक्स रैकेट को चलाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा था। इसकी सेटिंग पुलिस और दलालों से सीधे संपर्क रखा गया था। सुबह से शाम तक आने वाले कस्टमर को मकान के अंदर रहने वाला एक बूढ़ा आदमी बुलाता था और गेट का ताला खोलकर अंदर कर लेता था। वह चाहे लड़की हो या फिर लड़का। इसके लिए पहले से आने वालो की पहचान कराई जाती थी। किसी बाहरी व्यक्ति का इस मकान में प्रवेश नहीं होता था। यह प्रक्रिया पूरे दिन और रात भर चलती रहती थी। भोर के समय भी लोग आते थे और जाते थे। कई बार कॉलोनी में सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाला लोगों ने भी देखा था। कस्टमर से मुलाकात के पहले तय होता था रेट
मकान में आने वाले कस्टमर से मुलाकात के पहले रेट तय किया जाता था। इसके लिए बकायदा लड़कियों की फोटो भेजी जाती थी। मसाज पार्लर के नाम पर चलने वाले इस सेक्स रैकेट में 2000 से 10 हजार तक का रेट तय किया जाता था। इस रैकेट में दिल्ली, मुंबई, बिहार, पश्चिम बंगाल के साथ लॉज में रहने वाली स्थानीय लड़कियों को मसाज पार्लर में काम करने की बात पर पैसे का लालच देकर बुलाया जाता था। अब पढ़िए कैसे खुला मामला शनिवार को मोहल्ले के लोगों ने लड़के-लड़कियों को मकान के अंदर जाते देखा। मकान में अंदर से ताला था। लोगों ने शोर मचाकर अन्य लोगों को भी बुला लिया। इसके बाद लोगों ने मकान में बाहर से ताला बंद कर दिया। लोगों ने मकान के अंदर मौजूद लोगों को बाहर बुलाया। मगर कोई नहीं आया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने घर पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में मकान के अंदर मौजूद लड़के-लड़कियों ने भी पत्थर मारने शुरू कर दिए। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस ने मकान में कैद लोगों को बाहर बुलाने के बजाए हम लोगों को लाठियों से डराने धमकाने लगी। लाठी फटकार हम लोगों को वहां से भगाने का प्रयास किया। मगर हम लोग नहीं हटे। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस भी इस रैकेट से जुड़े लोगों के साथ है। मामला बढ़ने के बाद पुलिस पहुंची। पुलिस ने ताला खुलवाकर मकान के अंदर से दो युवतियों और चार पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 6,640 और नगद व 6 मोबाइल फोन बरामद किया। संतोष बोला- जीजा के मकान में मैं सेक्स रैकेट चलाता था
आरोपियों में अशोक कुमार शुक्ला, निवासी ग्राम पचौखर थाना पहाडी, चित्रकूट, आमिर निवासी सौदत्त थाना परीक्षितगढ मेरठ, इंगलेश कुमार पाण्डेय निवासी अयोध्या, संतोष कुमार निवासी प्रयागराज, कंचन देवी निवासी बेगुसराय बिहार, शोभारानी मंडल पश्चिम बंगाल शामिल हैं। आरोपियों ने बताया- मकान में सेक्स रैकेट चल रहा था। ग्राहकों से मिले रुपयों को आपस में बांट लेते थे। मकान के केयर टेकर संतोष कुमार, अशोक कुमार शुक्ला और अनुज जायसवाल हम लोगों को मसाज करने के नाम पर लाते थे। संतोष ने पुलिस को पूछताछ में बताया- मकान मेरे जीजा हिमांशु कुमार का है। मैं इसकी देखरेख करता था। मैंने सेक्स रैकेट चलाने के लिए अशोक कुमार शुक्ला एवं अनुज जायसवाल को दे दिया। हम तीनों मिलकर यहां सेक्स रैकेट चला रहे थे।