लखनऊ विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आवासीय परिसर के मंदिर में मां संतोषी और मां काली की मूर्ति क्षतिग्रस्त मिली। इसके पीछे निर्माण विभाग के एक कर्मचारी का नाम सामने आया है। दूसरी ओर घटना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जबरदस्त रोष व्यक्त किया है। संगठन ने माता की मूर्ति खंडित करने वाले कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। परीक्षा नियंत्रक के घर के बगल का मामला विश्वविद्यालय के परिसर में शिक्षकों के आवास हैं। वहां पर परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी के घर के बगल में मंदिर है। इसमें कई देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। यहां पर शिक्षक और कर्मचारी पूजा करने जाते हैं। शिक्षकों के अनुसार शुक्रवार को मंदिर में स्थापित माता संतोषी और माता काली की मूर्ति खंडित मिली। सूचना मिलते ही काफी संख्या में कर्मचारी और शिक्षक मौके पर एकत्र हो गए। खंडित मूर्ति को देखकर लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया। वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों का कहना है कि निर्माण विभाग में ड्राइवर के पद पर कार्यरत एक कर्मचारी ने माता की मूर्तियों को खंडित किया है। घटना के बाद से छात्रों में आक्रोश इस घटना पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। संगठन के विकास तिवारी और विंध्यवासिनी शुक्ला ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे कर्मचारी, जिसने माता जी की मूर्ति को खंडित किया उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे अन्यथा छात्र उसके उग्र तरीके से प्रदर्शन करेंगें। जिसका जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन मूर्ति को सही तरीके से जल्द से जल्द फिर से स्थापित कराए। ऐसी धार्मिक क्षति पहुंचाने वाले विधर्मी लोगों के खिलाफ अगर लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन सशक्त नहीं हुआ तो ABVP बहुत बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे।