यूपी के भदोही के एक मिठाई कारोबारी ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट MYNTRA से एक जैकेट मंगाई। इसकी कीमत 26,520 रुपए थी। लेकिन, उन्हें जैकेट की जगह हाफ पैंट भेज दी गई। इसके बाद कारोबारी ने गलत सामान भेजने की शिकायत की और ऑर्डर वापस भेजा। लेकिन, शिकायतों के बाद भी न पैसे वापस नहीं मिले और न ही जैकेट आई। इसके बाद कारोबारी ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। 3 साल बाद उपभोक्ता फोरम ने MYNTRA पर जैकेट की कीमत लौटाने के साथ 25 हजार का जुर्माना भी लगाया। इस तरह MYNTRA को कुल 56 हजार रुपए लौटाने का आदेश दिया है। मामला ज्ञानपुर शहर का है। अब जानिए पूरा मामला ज्ञानपुर भदोही में रहने वाले अरुण कुमार मोदनवाल की शहर में ही मिठाई की शॉप है। अरुण ने बताया- 21 नवंबर, 2023 को मैंने MYNTRA से 26,520 रुपए में ‘कार्ल लेगरफेल्ड मॉक कॉलर पफर जैकेट’ (लार्ज साइज) ऑर्डर की थी। एक हफ्ते बाद ऑर्डर मेरे घर पहुंचा। जब उसे खोला गया, तो मेरे होश उड़ गए। पार्सल में जैकेट की जगह बच्चों की हाफ जींस निकली। यह देखते ही मैंने तुरंत MYNTRA के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की। इसके बाद मुझसे ऑर्डर वापस करने को कहा गया। 3 महीने बाद की शिकायत
अरुण ने बताया- ऑर्डर वापस करने के बाद भी मेरे पैसे रिफंड नहीं किए गए। हर बार यही मैसेज आता रहा कि वापस आए सामान की गुणवत्ता चेक करने बाद पैसे खाते में भेजे जाएंगे। करीब 3 महीने तक इंतजार पर भी जब पैसे वापस नहीं आए, मैंने तो रिटर्न अनुरोध और नोटिस भेजा। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके बाद 21 फरवरी, 2024 को मैंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। 2 साल तक इस मामले में सुनवाई चली। आयोग ने कहा- सही सामान देना कंपनी की जिम्मेदारी
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव और उपभोक्ता आयोग के पेशकार स्वतंत्र रावत ने बताया- सुनवाई के दौरान MYNTRA की तरफ से तर्क दिया गया कि कंपनी केवल एक ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म है। लेकिन, आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया। आयोग ने माना कि प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के प्रति अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकता। आयोग ने साफ कहा कि प्लेटफॉर्म का दायित्व है कि उसके जरिए बेचे जा रहे उत्पादों की डिलीवरी सही और विश्वसनीय हो। आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे, सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव और विजय बहादुर सिंह की पीठ ने MYNTRA ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी पर कार्रवाई निर्देश दिए। इसके बाद जुर्माने के साथ मूल धन वापस करने का फैसला सुनाया। 6% ब्याज के साथ लौटाने होंगे पैसे
आदेश के मुताबिक, कंपनी को अरुण कुमार को 26,520 रुपए खरीद की तारीख 21 नवंबर 2023 से आदेश की तारीख तक 6% साधारण ब्याज के साथ वापस करने होंगे। इसके अलावा MYNTRA को मानसिक एवं आर्थिक क्षति के लिए 25,000 रुपए और मुकदमे के खर्च के रूप में 5,000 रुपए का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है। इस तरह MYNTRA को कुल 56 हजार हजार रुपए चुकाने होंगे। आयोग ने अपने आदेश में यह भी साफ किया कि अगर फैसले के 2 महीने के अंदर पैसे वापस नहीं किए जाते, तो पूरी रकम पर वास्तविक भुगतान की तारीख तक 12% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से भुगतान करना होगा। ———————— ये खबर भी पढ़ें जर्मनी से यूपी आई बारात, दूल्हा-दुल्हन ने लकड़ी काटी, गुस्ताव ने खुशी के नाम की मेहंदी लगाई विदेश से आई बारात, देसी अंदाज में शादी की रस्में, स्टेज पर आरी से लकड़ी काटते दूल्हा और दुल्हन…फिरोजाबाद की इस अनोखी शादी ने हर किसी को चौंका दिया। जर्मनी से आए दूल्हे गुस्ताव ने न सिर्फ भारतीय रीति-रिवाजों से शादी रचाई, बल्कि दुल्हन खुशी के नाम की मेहंदी लगाकर प्यार का इजहार किया। पूरी खबर पढ़ें
अरुण ने बताया- ऑर्डर वापस करने के बाद भी मेरे पैसे रिफंड नहीं किए गए। हर बार यही मैसेज आता रहा कि वापस आए सामान की गुणवत्ता चेक करने बाद पैसे खाते में भेजे जाएंगे। करीब 3 महीने तक इंतजार पर भी जब पैसे वापस नहीं आए, मैंने तो रिटर्न अनुरोध और नोटिस भेजा। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके बाद 21 फरवरी, 2024 को मैंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। 2 साल तक इस मामले में सुनवाई चली। आयोग ने कहा- सही सामान देना कंपनी की जिम्मेदारी
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव और उपभोक्ता आयोग के पेशकार स्वतंत्र रावत ने बताया- सुनवाई के दौरान MYNTRA की तरफ से तर्क दिया गया कि कंपनी केवल एक ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म है। लेकिन, आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया। आयोग ने माना कि प्लेटफॉर्म उपभोक्ता के प्रति अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकता। आयोग ने साफ कहा कि प्लेटफॉर्म का दायित्व है कि उसके जरिए बेचे जा रहे उत्पादों की डिलीवरी सही और विश्वसनीय हो। आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे, सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव और विजय बहादुर सिंह की पीठ ने MYNTRA ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी पर कार्रवाई निर्देश दिए। इसके बाद जुर्माने के साथ मूल धन वापस करने का फैसला सुनाया। 6% ब्याज के साथ लौटाने होंगे पैसे
आदेश के मुताबिक, कंपनी को अरुण कुमार को 26,520 रुपए खरीद की तारीख 21 नवंबर 2023 से आदेश की तारीख तक 6% साधारण ब्याज के साथ वापस करने होंगे। इसके अलावा MYNTRA को मानसिक एवं आर्थिक क्षति के लिए 25,000 रुपए और मुकदमे के खर्च के रूप में 5,000 रुपए का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है। इस तरह MYNTRA को कुल 56 हजार हजार रुपए चुकाने होंगे। आयोग ने अपने आदेश में यह भी साफ किया कि अगर फैसले के 2 महीने के अंदर पैसे वापस नहीं किए जाते, तो पूरी रकम पर वास्तविक भुगतान की तारीख तक 12% वार्षिक साधारण ब्याज की दर से भुगतान करना होगा। ———————— ये खबर भी पढ़ें जर्मनी से यूपी आई बारात, दूल्हा-दुल्हन ने लकड़ी काटी, गुस्ताव ने खुशी के नाम की मेहंदी लगाई विदेश से आई बारात, देसी अंदाज में शादी की रस्में, स्टेज पर आरी से लकड़ी काटते दूल्हा और दुल्हन…फिरोजाबाद की इस अनोखी शादी ने हर किसी को चौंका दिया। जर्मनी से आए दूल्हे गुस्ताव ने न सिर्फ भारतीय रीति-रिवाजों से शादी रचाई, बल्कि दुल्हन खुशी के नाम की मेहंदी लगाकर प्यार का इजहार किया। पूरी खबर पढ़ें