गोरखपुर में NEET छात्र की हत्या में शामिल पशु तस्कर की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोपी बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ICU में भर्ती था। शुक्रवार सुबह 10:37 बजे उसने दम तोड़ दिया। उसकी पहचान बिहार के गोपालगंज निवासी 21 साल के अजहर उर्फ अजब हुसैन के रूप में हुई है। दरअसल, 15 सितंबर की रात गांव में घुसे पशु तस्करों की ग्रामीणों से भिड़ंत हो गई थी। तस्कर NEET की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता को अपनी गाड़ी में खींच ले गए थे। उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस दौरान भीड़ ने अजहर को पकड़ लिया था। उसे पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। उसे छुड़ाने में SP और दरोगा घायल हो गए थे। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर हंगामा किया और पुलिसवालों पर पत्थरबाजी की थी। इस मामले में 2 दिन पहले यानी बुधवार को पुलिस ने बाइक से जा रहे तीनों बदमाशों (छोटू, राजू और रहीम) को कुशीनगर में एनकाउंटर में पकड़ा था। इस दौरान आरोपी रहीम के दोनों पैरों में गोली लगी थी। उधर, कुशीनगर में ADG मुकेश अशोक जैन ने दो थाना इंचार्ज, 5 दरोगा समेत 25 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। एसपी संतोष मिश्रा को लखनऊ मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। कुशीनगर में क्यों हुआ एक्शन, जानिए… दरअसल, गोरखपुर का पिपराइच थाना क्षेत्र कुशीनगर जिले से जुड़ा है। शुक्रवार देर रात गोरखपुर जोन के एडीजी मुकेश अशोक जैन ने कुशीनगर के कई थानों का औचक निरीक्षण किया। कामकाज की स्थिति उन्हें गड़बड़ मिली। इस पर ADG ने सख्त कार्रवाई की है। ये अफसर हुए लाइन हाजिर
कसया थाना प्रभारी निरीक्षक अमित शर्मा, तमकुहीराज थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील शुक्ला, कुशीनगर चौकी प्रभारी गौरव शुक्ला, बहादुरपुर चौकी प्रभारी अनुराग शर्मा, पटहेरवा दरोगा पवन कुमार सिंह, तमकुहीराज दरोगा अर्सलाम अहमद, हाटा दरोगा मंगेश मिश्रा। इन सिपाहियों-हवलदारों पर भी गिरी गाज
हाटा, तरयासुजान, चौराखास, खड्डा, पटहेरवा थानों और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल से जुड़े कुल 18 हवलदार-सिपाही को भी लाइन हाजिर किया गया। इनमें राजेश कुमार सिंह, राहुल कुमार पांडेय, नवनीत कुमार शुक्ल, विशाल सिंह, सतीश चंद, सुधीर कुमार यादव, बृजेश यादव, अजय तिवारी, मोहित कुमार उपाध्याय, दिलीप कुमार, विकास प्रजापति, शशिकेश गोस्वामी, फूलचंद चौधरी, श्याम सिंह यादव, अर्जुन खबरवार, विनोद कुमार यादव सहित अन्य शामिल हैं। अब जानिए क्या था मामला 15 सितंबर की रात 11.30 बजे 13 पशु तस्कर दो गाड़ियों (पिकअप) से पिपराइच के मऊआचापी गांव पहुंचे। गांव के एंट्री पॉइंट पर ही दुर्गेश गुप्ता की फर्नीचर की दुकान है। तस्करों ने जब सुनसान जगह देखी, तो लूट के इरादे से दुकान का ताला तोड़ने लगे। दुकान की ऊपरी मंजिल में ट्रैवल का ऑफिस है। यहां दुर्गेश का भांजा सो रहा था। शटर खटखटाने की आवाज हुई, तो वह उठ गया। उसने देखा तो नीचे 13 लोग खड़े थे। उसने तुरंत मामा दुर्गेश के बेटे दीपक को कॉल किया। दीपक ने शोर मचाया और तुरंत स्कूटी से दुकान की तरफ भागा। उसके पीछे 10-15 गांव वाले भी वहां पहुंच गए। शोर-शराबा सुनकर तस्कर भागने लगे, तभी उनका गांववालों से आमना-सामना हो गया। इसी बीच, तस्करों ने फायरिंग कर दी। दीपक सबसे आगे था। ऐसे में तस्करों ने उसको अपनी गाड़ी में खींच लिया। उधर, गांववालों ने भी तस्कर अजहर को पकड़ लिया। उसकी गाड़ी फूंक दी और पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। इसी दौरान पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने तस्कर को अपनी गिरफ्त में लेने की कोशिश की, तो गांव वाले एसपी से उलझ गए। इसके बाद पुलिस और गांववालों में झड़प हो गई। इसमें एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और पिपराइच थाना प्रभारी घायल हो गए। जैसे-तैसे पुलिस ने तस्कर को भीड़ से छुड़ाया और हॉस्पिटल में एडमिट कराया था। एसपी और दरोगा को गंभीर चोटें आईं। इधर, जिस तरफ तस्कर भागे थे, पुलिस ने उसी दिशा में तलाश शुरू की। वहां 4 किमी दूर दीपक का खून से लथपथ शव पड़ा था। 16 सितंबर की सुबह 7 बजे छात्र की हत्या की खबर फैलते ही गुस्साए लोगों ने गोरखपुर–पिपराइच रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की तो पुलिस पर पथराव कर दिया था। योगी ने कहा था- दोषियों को बख्शेंगे नहीं
मामला सीएम योगी तक पहुंच गया था। उन्होंने अफसरों को जल्द से जल्द मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए थे। साथ ही कहा था- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद DIG शिवसिंपी चनप्पा और SSP राजकरण नय्यर घटनास्थल पर पहुंचे थे। दोनों अफसरों ने छात्र के घरवालों से बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद घरवाले धरना खत्म करने के लिए राजी हुए। इस दौरान करीब 5 घंटे तक जाम लगा रहा। पोस्टमॉर्टम के बाद छात्र की बॉडी को परिवार के हवाले कर दिया गया। बॉडी घर पर आने के सिर्फ 10 मिनट बाद पुलिस दाह संस्कार कराने का दबाव बनाने लगी। इस पर गुस्साई महिलाओं ने दोपहर करीब 3.30 बजे फिर पुलिस पर पथराव कर दिया। 4 बजे पुलिस सिक्योरिटी में दीपक का दाह संस्कार किया गया था। 23 घंटे बाद SSP ने 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया घटना के करीब 23 घंटे के बाद 16 सितंबर की रात SSP राज करन नय्यर ने जंगल धूषण चौकी इंचार्ज ज्योति नारायण तिवारी समेत 4 कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया। पूरी चौकी के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी थी। अब इस मामले में हुई सियासत को समझिए ————————— यह खबर भी पढ़ें गोरखपुर में पशु तस्करों ने की NEET छात्र की हत्या, SP घायल, बवाल-आगजनी गोरखपुर में पशु तस्करों और ग्रामीणों में भिड़ंत हो गई। पशु तस्करों ने NEET की तैयारी कर रहे छात्र को खींच लिया। उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। लाश को घर से 4 किमी दूर फेंक दिया। साढ़े चार घंटे बाद घरवालों को छात्र की खून से लथपथ लाश मिली। उसका सिर कुचला हुआ था। पढ़िए पूरी खबर…
कसया थाना प्रभारी निरीक्षक अमित शर्मा, तमकुहीराज थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील शुक्ला, कुशीनगर चौकी प्रभारी गौरव शुक्ला, बहादुरपुर चौकी प्रभारी अनुराग शर्मा, पटहेरवा दरोगा पवन कुमार सिंह, तमकुहीराज दरोगा अर्सलाम अहमद, हाटा दरोगा मंगेश मिश्रा। इन सिपाहियों-हवलदारों पर भी गिरी गाज
हाटा, तरयासुजान, चौराखास, खड्डा, पटहेरवा थानों और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल से जुड़े कुल 18 हवलदार-सिपाही को भी लाइन हाजिर किया गया। इनमें राजेश कुमार सिंह, राहुल कुमार पांडेय, नवनीत कुमार शुक्ल, विशाल सिंह, सतीश चंद, सुधीर कुमार यादव, बृजेश यादव, अजय तिवारी, मोहित कुमार उपाध्याय, दिलीप कुमार, विकास प्रजापति, शशिकेश गोस्वामी, फूलचंद चौधरी, श्याम सिंह यादव, अर्जुन खबरवार, विनोद कुमार यादव सहित अन्य शामिल हैं। अब जानिए क्या था मामला 15 सितंबर की रात 11.30 बजे 13 पशु तस्कर दो गाड़ियों (पिकअप) से पिपराइच के मऊआचापी गांव पहुंचे। गांव के एंट्री पॉइंट पर ही दुर्गेश गुप्ता की फर्नीचर की दुकान है। तस्करों ने जब सुनसान जगह देखी, तो लूट के इरादे से दुकान का ताला तोड़ने लगे। दुकान की ऊपरी मंजिल में ट्रैवल का ऑफिस है। यहां दुर्गेश का भांजा सो रहा था। शटर खटखटाने की आवाज हुई, तो वह उठ गया। उसने देखा तो नीचे 13 लोग खड़े थे। उसने तुरंत मामा दुर्गेश के बेटे दीपक को कॉल किया। दीपक ने शोर मचाया और तुरंत स्कूटी से दुकान की तरफ भागा। उसके पीछे 10-15 गांव वाले भी वहां पहुंच गए। शोर-शराबा सुनकर तस्कर भागने लगे, तभी उनका गांववालों से आमना-सामना हो गया। इसी बीच, तस्करों ने फायरिंग कर दी। दीपक सबसे आगे था। ऐसे में तस्करों ने उसको अपनी गाड़ी में खींच लिया। उधर, गांववालों ने भी तस्कर अजहर को पकड़ लिया। उसकी गाड़ी फूंक दी और पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। इसी दौरान पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने तस्कर को अपनी गिरफ्त में लेने की कोशिश की, तो गांव वाले एसपी से उलझ गए। इसके बाद पुलिस और गांववालों में झड़प हो गई। इसमें एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और पिपराइच थाना प्रभारी घायल हो गए। जैसे-तैसे पुलिस ने तस्कर को भीड़ से छुड़ाया और हॉस्पिटल में एडमिट कराया था। एसपी और दरोगा को गंभीर चोटें आईं। इधर, जिस तरफ तस्कर भागे थे, पुलिस ने उसी दिशा में तलाश शुरू की। वहां 4 किमी दूर दीपक का खून से लथपथ शव पड़ा था। 16 सितंबर की सुबह 7 बजे छात्र की हत्या की खबर फैलते ही गुस्साए लोगों ने गोरखपुर–पिपराइच रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की तो पुलिस पर पथराव कर दिया था। योगी ने कहा था- दोषियों को बख्शेंगे नहीं
मामला सीएम योगी तक पहुंच गया था। उन्होंने अफसरों को जल्द से जल्द मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए थे। साथ ही कहा था- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद DIG शिवसिंपी चनप्पा और SSP राजकरण नय्यर घटनास्थल पर पहुंचे थे। दोनों अफसरों ने छात्र के घरवालों से बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद घरवाले धरना खत्म करने के लिए राजी हुए। इस दौरान करीब 5 घंटे तक जाम लगा रहा। पोस्टमॉर्टम के बाद छात्र की बॉडी को परिवार के हवाले कर दिया गया। बॉडी घर पर आने के सिर्फ 10 मिनट बाद पुलिस दाह संस्कार कराने का दबाव बनाने लगी। इस पर गुस्साई महिलाओं ने दोपहर करीब 3.30 बजे फिर पुलिस पर पथराव कर दिया। 4 बजे पुलिस सिक्योरिटी में दीपक का दाह संस्कार किया गया था। 23 घंटे बाद SSP ने 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया घटना के करीब 23 घंटे के बाद 16 सितंबर की रात SSP राज करन नय्यर ने जंगल धूषण चौकी इंचार्ज ज्योति नारायण तिवारी समेत 4 कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया। पूरी चौकी के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी थी। अब इस मामले में हुई सियासत को समझिए ————————— यह खबर भी पढ़ें गोरखपुर में पशु तस्करों ने की NEET छात्र की हत्या, SP घायल, बवाल-आगजनी गोरखपुर में पशु तस्करों और ग्रामीणों में भिड़ंत हो गई। पशु तस्करों ने NEET की तैयारी कर रहे छात्र को खींच लिया। उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। लाश को घर से 4 किमी दूर फेंक दिया। साढ़े चार घंटे बाद घरवालों को छात्र की खून से लथपथ लाश मिली। उसका सिर कुचला हुआ था। पढ़िए पूरी खबर…