PCS ज्योति के पति को कभी झाड़ू लगाते नहीं देखा:गांववाले बोले- जबसे पत्नी अफसर बनी, सिर्फ प्रधान के घर आकर हाजिरी लगाते हैं

यूपी की चर्चित PCS अफसर ज्योति मौर्या और उनके सफाईकर्मी पति आलोक मौर्या एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आलोक ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें अफसर पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाने की मांग की है। कोर्ट ने ज्योति मौर्या को नोटिस जारी कर 8 अगस्त को सुनवाई करने का फैसला किया है। पति-पत्नी के विवाद के बीच दैनिक भास्कर ने आलोक मौर्या से लगातार बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मीडिया से दूरी बना रखी है। वह जिस गोगौर गांव में सफाईकर्मी हैं, वहां की हमने हकीकत देखी, गांववालों से बात की। यह गांव प्रतापगढ़ के बिहार विकास खंड में आता है। गांववालों का कहना है- आलोक के हाथ में कभी फावड़ा-झाड़ू नहीं देखी। गांव की नालियां बजबजा रही हैं। वह सिर्फ प्रधान के घर आते हैं, हफ्तेभर की हाजिरी लगाकर चले जाते हैं। आलोक मौर्या बतौर सफाईकर्मी साल 2009 से इसी गांव में तैनात हैं। गांववालों ने क्या कहा, पढ़िए- आलोक को कभी सफाई करते नहीं देखा
प्रयागराज मुख्यालय से करीब 39 किमी दूर प्रतापगढ़ जिले के बिहार विकास खंड में गोगौर गांव है। यहां की जनसंख्या ज्यादा नहीं है। इस वजह से यहां पर एक ही सफाई कर्मचारी की तैनाती की गई है। गांव की सड़कें पक्की हैं। सड़क के बगल में लोगों के खेत हैं। वहां कुछ लोग काम करते दिखे। गांव बहुत ज्यादा पिछड़ा नहीं है, विकास के काम हुए हैं। आलोक मौर्या का नाम सुनते ही गांववालों में गंदगी को लेकर गुस्सा दिखा। कुछ कहने से पहले उन्होंने हमें गांव के हालात और बजबजाती नालियों को दिखाया। कहा- हमने कभी आलोक को गांव में सफाई करते नहीं देखा। पूर्व प्रधान प्रतिनिधि अरविंद पांडेय कहते हैं- आलोक मौर्या की जॉइनिंग गांव में कैसे हुई? आजमगढ़ का व्यक्ति कैसे यहां सफाईकर्मी बना? इसकी जानकारी हमें तो नहीं है। लेकिन, यह सच है कि आलोक मौर्या हमारे ही गांव के सफाईकर्मी हैं। वह ज्यादातर समय ब्लॉक में ही दिखाई देते हैं। कभी-कभार आ गए तो ठीक, वर्ना ब्लॉक से ही लौटकर प्रयागराज चले जाते हैं। आलोक मौर्या की PCS पत्नी के सवाल पर उन्होंने इसे निजी मामला बता कर कुछ भी कहने से मना कर दिया। हम लोग ही नाली साफ करते हैं
दिनेश कुमार ने कहा- मैंने न्यूज में देखा और सुना है कि हमारे गांव के सफाईकर्मी आलोक की पत्नी SDM है। उनका विवाद भी चल रहा है। गांव की गंदगी और बजबजाती नाली की तरफ इशारा करते हुए कहा कि हम लोग खुद साफ करें, तभी सफाई होती है। आलोक कभी सफाई करने नहीं आते। इतनी गंदगी में नाली से बहुत ज्यादा बदबू आती है। इतनी बदबू में कोई नहीं रह सकता। ऊपर से बीमारियों का खतरा अलग बढ़ जाता है। आलोक को गांव में कभी फावड़ा चलाते नहीं देखा
राम कैलाश ने कहा- गांव के हालात आप खुद देख लीजिए, नाली और सड़क कैसे हैं। अभी आलोक को गांव के दो-चार लोगों ने ही देखा होगा। पत्नी के SDM होने की बात पर उन्होंने कहा कि समाचार में देखा-सुना है कि उनका विवाद चल रहा है। संजय कुमार ने कहा कि आलोक गांव के चौराहे पर कभी-कभार बाइक से आते दिख जाते हैं। उन्हें गांव में सफाई करते या फावड़ा चलाते कभी नहीं देखा। आलोक मौर्या खुद को BLO बताते हैं
राज कुमार तिवारी ने कहा- हम आलोक मौर्या को अच्छे से जानते हैं। वह खुद को सफाईकर्मी नहीं, बल्कि BLO बताते हैं। एक बार हमने उन्हें बताया कि वह गांव के सफाईकर्मी हैं तो उन्होंने पूरे विश्वास के कहा कि सफाईकर्मी नहीं, BLO हूं। विजय कुमार ने कहा- मैंने आलोक मौर्या के हाथ में कलम जरूर देखी है। गांववाले बोले- प्रधान के घर आकर हफ्तेभर की हाजिरी लगा जाते हैं आलोक
गांव में हमें कुछ लोग ऐसे भी मिले जिन्होंने हमसे कैमरे पर बात नहीं की। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी के तौर पर तैनात आलोक मौर्या अपनी नौकरी के शुरुआती दिनों में सफाई करते थे। लेकिन, जबसे उनकी पत्नी PCS अफसर बनीं। फिर विवादों के बाद चर्चा में आए। तब से वह ठाठ का जीवन जी रहा। वह गांव में कम, ब्लॉक में ज्यादा रहते हैं। इसके अलावा अब उनकी पत्नी से विवाद के बाद वह ज्यादातर समय विवाद में ही उलझे रहते हैं। इसके चलते गांव के मौजूदा प्रधान उनकी भरपूर मदद करते हैं। वह गांव में सप्ताह में एक दिन चौराहे पर आ गए या फिर प्रधान के घर आ गए। फिर पूरे सप्ताह की हाजिरी भरकर सफाईकर्मी की पूरी सैलरी 47,500 रुपए उठा रहे हैं। वकील बोले- आलोक तलाक केस लड़ने की हालत में नहीं
आलोक मौर्या के एडवोकेट गौरव त्रिपाठी ने बताया- मेरे मुवक्किल की पत्नी SDM ज्योति मौर्या ने उनसे तलाक लेने की अर्जी दाखिल की। आलोक तलाक के मुकदमे में कानूनी लड़ाई लड़ने की हालत में नहीं है। इसके चलते उसे अफसर पत्नी से गुजारा भत्ता (मेंटेनेंस) दिलाया जाए। आलोक मौर्य की मांग को जिला अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद मैंने अपने मुवक्किल आलोक मौर्या की तरफ से गुजारा भत्ता के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। वहीं, ज्योति मौर्या ने हमसे फोन पर कहा- आलोक खुद सरकारी नौकरी में है। मैं 2 बच्चों को लेकर रहती हूं। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च भी मैं ही देती हूं। उन्हें किस बात का भत्ता चाहिए। मैं अपनी बात कोर्ट में रखूंगी। अब ज्योति और आलोक मौर्या का विवाद जानिए ज्योति वाराणसी और आलोक आजमगढ़ के रहने वाले
ज्योति-आलोक की शादी 2010 में हुई थी। ज्योति वाराणसी, जबकि आलोक मौर्या मूल रूप से आजमगढ़ का रहने वाला है। प्रयागराज में इन दिनों रहता है। ज्योति मौर्या अभी लखनऊ में शुगर मील में जीएम हैं। 2009 में आलोक का चयन पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हो गया था। पोस्टिंग प्रतापगढ़ में हुई। आलोक का दावा है कि शादी के बाद उन्होंने ज्योति को पढ़ाया-लिखाया। प्रयागराज में कोचिंग कराई। 2015 में ज्योति का चयन यूपी पीसीएस में हो गया। ज्योति की महिलाओं में तीसरी और ओवरऑल 16वीं रैंक थी। परिवार में सभी लोग बहुत खुश थे। 2015 में जुड़वां बच्चियां हुईं। 2020 तक सब कुछ ठीक चला। पति आलोक ने तब बताया था- 2020 में ज्योति की जान-पहचान जिला कमांडेंट होमगार्ड मनीष दुबे से हुई। दोनों में बातचीत होने लगी। 2022 में एक बार घर के मोबाइल में अपना फेसबुक लॉगिन करके ज्योति भूल गईं। दोनों के बीच अश्लील चैट थी। इसे देखकर मेरा माथा ठनका। आलोक ने कहा कि जब मैंने इसका विरोध किया, तो लड़ने-झगड़ने और जेल भिजवाने की धमकी देने लगी। आलोक ने दावा किया था कि 22 दिसंबर 2022 को दोनों (ज्योति-मनीष) को होटल मैरियट, लखनऊ में रंगे हाथ पकड़ लिया था। फिर सफाई देने लायक कुछ नहीं बचा। विरोध करने पर दोनों ने हमला कर दिया। मैं वहां से जान बचाकर भागा। आलोक ने कहा था कि थोड़े दिन बाद ज्योति ने फोन करके धमकाया था कि स्वेच्छा से तलाक दे दो, नहीं तो जान से मार देंगे। वह आए दिन मुझे रेप केस में फंसाने की धमकी देती थी। मेरे खिलाफ धूमनगंज थाने में फर्जी दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया। ————————– ये खबर भी पढ़िए- PCS ज्योति मौर्या के पति को क्या मिलेगा गुजारा भत्ता?, पुरुष को भी भत्ता मांगने का अधिकार? दावा कितना मजबूत? यूपी की PCS अफसर ज्योति मौर्या के सफाईकर्मी पति आलोक मौर्या ने गुजारा भत्ता मांगा है। आलोक ने इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका पर हाईकोर्ट ने ज्योति मौर्या को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी। भारतीय समाज में पत्नी को गुजारा भत्ता मिलने की बात चलन में है। लेकिन, आलोक मौर्या की अपील ने नई बहस छेड़ दी है। क्या पुरुष को भी पत्नी से गुजारा भत्ता मांगने का अधिकार है? कौन-कौन से एक्ट में इसका प्रावधान है? नियम और कानून क्या कहते हैं? सारे सवालों के जवाब भास्कर एक्सप्लेनर में पढ़िए…