मुजफ्फरनगर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने एक सम्मान समारोह और विचार गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें क्षत्रिय समाज की एकता, सामाजिक मुद्दों और कानूनी चुनौतियों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने SC-ST एक्ट के कथित दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कानून में संशोधन की मांग की। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह तथा राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह (राजू) उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने फोन पर सभा को संबोधित करते हुए क्षत्रिय समाज के हित में संगठन के प्रयासों की सराहना की। पूर्व विधायक संगीत सिंह सोम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। समारोह में विशिष्ट अतिथियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को फूलमालाओं, पटका, पगड़ी तथा प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। पदाधिकारियों को सम्मान पत्र भी प्रदान किए गए। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने, एकता बनाए रखने और भविष्य में निर्णायक भूमिका निभाने पर जोर दिया। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. ए.पी. सिंह ने SC-ST एक्ट के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस कानून के नाम पर समाज के एक वर्ग को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है, जिसके लिए ठोस नीति और संवाद की आवश्यकता है। डॉ. सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इसे क्षेत्र की जनता के लिए न्याय की बड़ी मांग बताते हुए कानून मंत्री से सीधी चर्चा की आवश्यकता पर बल दिया। हिंदू रक्षा सेवा राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद आनंद गिरि जी महाराज ने कार्यक्रम में पहुंचकर बांग्लादेश में हुई हिंसा को लेकर कहा कि भारत को अब इस मामले में निर्णय लेना चाहिए बांग्लादेश पर परमाणु हमला करना चाहिए या बांग्लादेश को दो हिस्सों में विभाजित करना चाहिए जिसमें हिंदू रहे और एक में मुसलमान देश के नेता अब सेकुलर हो चुके हैं हिंदुओं की हत्या हो रही है लेकिन कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है इनको चाहिए कि इस पूरे मामले में ठोस कदम उठाया जाए।