SDM ज्योति मौर्या बोलीं- मैं फूटी कौड़ी नहीं देने वाली:बहराइच में कहा- तलाक के बदले 50 लाख मांग रहा, अभी कुछ नहीं बोलूंगी

बहराइच जिले की नानपारा चीनी मिल की प्रबंधक एसडीएम ज्योति मौर्या एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके पति आलोक मौर्या ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर गुजारा भत्ता दिलाने की मांग की है। हाईकोर्ट ने याचिका मंजूर कर ली है। 8 अगस्त को सुनवाई होगी। फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ आलोक मौर्या ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है। यह अपील 77 दिन की देरी से दाखिल की गई। इसके लिए उन्होंने डिक्री की अनुपलब्धता के कारण देरी माफ करने का आवेदन भी दिया। पति के तमाम आरोपों पर ज्योति मौर्या से दैनिक भास्कर ने संपर्क किया। इस मसले पर बात करने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। कहने लगीं- कोर्ट में केस लंबित है, अभी कुछ नहीं बोलूंगी। हालांकि, अनौपचारिक चर्चा में उन्होंने जिंदगी के कुछ दर्द साझा किए। बोलीं- तलाक के एवज में आलोक को 50 लाख रुपए चाहिए। उसे गुजारा भत्ता किस आधार पर चाहिए? जब दोनों बच्चों को मैं पाल रही हूं। कौन सी जिम्मेदारी उठा रहे हैं? मैं एक फूटी कौड़ी नहीं देने वाली। एसडीएम ज्योति मौर्या को कुछ दिन पहले ही नानपारा चीनी मिल की प्रबंधक का दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने इस सरकारी चीनी मिल का काम भी संभाल लिया है। हमने नानपारा में ही उनसे संपर्क कर बात करने की कोशिश की। पढ़िए ज्योति मौर्या ने क्या कुछ कहा… टीचर से एसडीएम का सफर तय किया है ज्योति मौर्या ने
आलोक मौर्या आजमगढ़, जबकि ज्योति वाराणसी की रहने वाली हैं। उनकी शादी करीब 15 साल पहले 2010 में हुई थी। इसके पहले 2009 में आलोक का चयन पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हो चुका था। शादी के 2 साल के अंदर ही ज्योति मौर्या सरकारी टीचर बन गईं। टीचर की जॉब मिलने के बाद भी उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रही। सचिवालय में समीक्षा अधिकारी पद भी उनका चयन हुआ। फिर उनका चयन एसएससी में भी हुआ। लेकिन, महाराष्ट्र लोकेशन मिलने की वजह से ज्वॉइनिंग नहीं दी। साल-2015 में उनका चयन यूपी-पीसीएस में हुआ और वह एसडीएम बनीं। उसी साल जुड़वां बच्चों की मां भी बनीं। दोनों बेटियां उनके साथ रहती हैं और पढ़ रही हैं। मौर्या दंपती के रिश्ते 2014 से ही बिगड़ने लगे थे
ज्योति मौर्या और आलोक के रिश्ते साल-2014 से ही बिगड़ने लगे थे। हालांकि ज्योति ने इसकी वजह तो नहीं बताई, लेकिन कुछ देर की खामोशी ओढ़ ली। फिर कुछ देर रुकने के बाद कहने लगीं- अब गुजरे जख्म को क्या कुरेदना? हमारे इस सवाल पर कि क्या आपकी सफलता से आलोक को जलन होने लगी थी कि वह सफाई कर्मचारी ही रह गए और पत्नी बड़ी पोस्ट पर है? उन्होंने कहा- ऐसी बात नहीं है। वो आदमी वहां से निकलना ही नहीं चाहता है। बच्चों के होने के बाद रिश्ते में और तल्खी आने लगी थी। ये 2020 तक चलता रहा। फिर अचानक आलोक ने कुछ मैसेज वायरल कर दिए। इसे लेकर मुझ पर कई गंभीर आरोप लगाए। क्या सास-ससुर ने बात संभालने का प्रयास नहीं किया?
इस सवाल पर ज्योति कहती हैं- मेरे सास-ससुर से मुझे कभी कोई शिकायत नहीं रही। वे काफी अच्छे लोग हैं। जो कुछ परेशानी थी, वो आलोक के चलते थी। आलोक की वजह से जिंदगी में बहुत कुछ झेल रही हूं। मैं तो चाहती थी कि जब साथ नहीं निभ रहा, तो तलाक लेकर अलग हो जाती हूं। पहले वह तैयार भी हो गया था, पर बाद में उसने निर्णय बदल लिया। तलाक के एवज में 50 लाख की डिमांड रख दी है। मैं कोई पैसे नहीं देने वाली हूं। तलाक का केस फैमिली कोर्ट में लंबित है। कोर्ट ही कोई निर्णय लेगा। ज्योति ने कहा कि कोर्ट का निर्णय आने दीजिए, तब मैं अपनी बात रखूंगी। आलोक के गुजारा भत्ता मांगने पर बोलीं- कोर्ट में जवाब दूंगी
आलोक के हाईकोर्ट में गुजारा भत्ता मांगने की याचिका लगाए जाने पर उनका कहना है- इसका कोई आधार तो होना चाहिए। कानून में साफ है कि पति या पत्नी कोई भी गुजारा भत्ता पा सकता है। लेकिन, इसके लिए कुछ शर्तें तय हैं। जैसे दोनों में कोई एक शारीरिक रूप से दिव्यांग हो और आय का कोई स्रोत न हो। दूसरा आय का स्रोत हो, लेकिन उसकी देनदारी इतनी अधिक हो कि वह अकेले देने में सक्षम न हो। तीसरा बच्चों का पालन-पोषण का खर्च उठाने के एवज में गुजारा-भत्ता मांगा जा सकता है। मेरे केस में ऐसी कोई परिस्थिति नहीं है। दोनों बच्चे मेरे पास रहते हैं। उनका सारा खर्च मैं उठाती हूं। आलोक शारीरिक रूप से भी स्वस्थ हैं। सरकारी जॉब है। इस वजह से आर्थिक परेशानी भी नहीं है। गुजारा-भत्ता मांगे जाने की सूचना मुझे न्यूज के जरिए ही मिली है। मुझे अभी कोर्ट का कोई नोटिस नहीं मिला है। फिर भी मैं अपना जवाब कोर्ट में रखूंगी। आलोक ने पत्नी ज्योति मौर्या के अफेयर सहित रिश्वत के भी आरोप लगाए हैं
आलोक ने पत्नी ज्योति मौर्या पर दूसरे अधिकारी से अफेयर के आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि उसने शादी के बाद पत्नी को पढ़ाया-लिखाया। प्रयागराज में रखकर कोचिंग कराई, सारा खर्च उठाया। जब वह एसडीएम बन गईं, तो मुझसे दूरी बना ली। उसने पहले एक डायरी पेश करते हुए दावा किया था कि इसमें ज्योति के एसडीएम पद पर रहते हुए हर महीने ली जाने वाली रिश्वत की रकम का जिक्र है। हालांकि बाद में वह इस दावे को जांच टीम के सामने साबित नहीं कर पाए और आरोप वापस ले लिए। ज्योति मौर्या ने आलोक पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। ये मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। वहीं, आलोक ने ज्योति पर खुद के मर्डर कराने का गंभीर आरोप भी लगा चुके हैं। ————————- ये खबर भी पढ़ें… PCS ज्योति मौर्य के पति को क्या मिलेगा गुजारा भत्ता?, पुरुष को भी भत्ता मांगने का अधिकार? दावा कितना मजबूत? यूपी की PCS अफसर ज्योति मौर्या के सफाईकर्मी पति आलोक मौर्या ने गुजारा भत्ता मांगा है। आलोक ने इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका पर हाईकोर्ट ने ज्योति मौर्या को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी। भारतीय समाज में पत्नी को गुजारा भत्ता मिलने की बात चलन में है। लेकिन, आलोक मौर्या की अपील ने नई बहस छेड़ दी है। पढ़ें पूरी खबर