SGPGI से KGMU 18 मिनट में पहुंचाया लिवर:लखनऊ पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर, ब्रेन डेड मरीज को 2 गाड़ियों से एस्कॉर्ट किया

लखनऊ में 42 साल के ब्रेड मरीज से 3 लोगों को नई जिंदगी मिली है। इसके साथ ही दो लोगों की आंखों की रोशनी भी लौटी है। मरीज SGPGI के अपेक्स ट्रॉमा में भर्ती था। रविवार 22 फरवरी को डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसके परिजनों की काउंसलिंग उसके ऑर्गन (अंदरूनी अंग) दान करने के लिए की। जैसे ही परिजन राजी हुए, डॉक्टरों ने फौरन प्रक्रिया शुरू कर दी। पहले दोनों किडनी को ट्रांसप्लांट के लिए वहीं निकाल लिया गया। उसके बाद KGMU को लिवर के लिए सूचना देते हुए पुलिस की मदद मांगी गई। पुलिस ने मरीज की एंबुलेंस को 2 गाड़ियों से एस्कॉर्ट करते हुए दोनों के संस्थान के बीच की 14 किमी की दूरी 18 मिनट में तय करवा दी। 2 तस्वीरें देखिए… 7 फरवरी को दुर्घटना में हुए थे घायल मरीज लखनऊ के संदीप कुमार (42) थे। वह 7 फरवरी को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका इलाज कई अस्पतालों में चला, पर इस दौरान उन्हें राहत नहीं मिली। 21 फरवरी को परिजनों ने उन्हें SGPGI के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट कराया। अगले ही दिन 22 फरवरी को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद SGPGI के डॉक्टरों ने परिजनों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए राजी किया। अनुमति मिलने के बाद डॉक्टरों ने ऑर्गन ट्रांसप्लांट की दिशा में कदम बढ़ाए गए। दो किडनी, एक लिवर और आंखों को रिकवर किया गया। इनमें से लिवर और आंखों को KGMU भेजकर वहां के मरीजों के उपयोग में लाने के लिए भेजा गया। जबकि दोनों किडनी को SGPGI के मरीजों को ही ट्रांसप्लांट किया गया। इस दौरान ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 18 मिनट के भीतर SGPGI से लिवर और आंख KGMU भेजी गई।