उत्तराखंड को लेकर अखिलेश यादव की बयानबाजी पर प्रदेश में विरोध के स्वर तेज हो रहे हैं। उत्तराखंड सरकार और जनता की ओर से जवाब दिए जाने के बीच अब ज्योति अधिकारी ने भी अपने अंदाज में अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कुमाऊंनी बोली में अखिलेश यादव को जवाई (दामाद) बताते हुए व्यंग्य किया और उनसे अपने ससुराल यानी उत्तराखंड के लोगों से माफी मांगने की बात कही। ज्योति अधिकारी ने सिर्फ अखिलेश यादव ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विपक्षी दलों को भी घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि छोटी-छोटी बातों पर सड़कों पर उतरने और पुतले फूंकने वाले विपक्षी नेताओं की भावनाएं उत्तराखंड के सम्मान के मुद्दे पर क्यों आहत नहीं हो रही हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक फायदा देखकर मुद्दे उठाता है, लेकिन जब उत्तराखंड और पहाड़ के मान-सम्मान की बात आती है, तो उसकी आवाज सुनाई नहीं देती। ज्योति अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड बलिदानों, देवभूमि और वीर जवानों की भूमि है। प्रदेश के सैनिकों के योगदान को पूरा देश जानता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता अखिलेश यादव को जवाब देगी और जब तक वह अपने बयान पर माफी नहीं मांगते, तब तक विरोध जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह राजनीति से ऊपर उठकर उत्तराखंड के सम्मान के मुद्दे पर भी अपनी आवाज बुलंद करे। पहाड़ी अंदाज में कसा तंज
ज्योति अधिकारी ने अखिलेश यादव के बयान पर पहाड़ी अंदाज में तंज कसा है। उन्होंने अखिलेश यादव को ‘जवाई’ बताते हुए कहा कहा कि यह जो अखिलेश जी छी, यू हमर जवैं छी। कै न्ह्योरो, हमर चेली मणी छ गड़बड़गो। अब जवैं क हम अब बुलौण, भली-भांति छ पुजिद्युल और शांत ह्वै जाला।
अखिलेश से माफी मांगने की कही बात
ज्योति ने व्यंग्य करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोगों को ज्यादा गंभीर होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके जवाई को वे खुद संभाल लेंगे। ज्योति अधिकारी ने अपने इस व्यंग्यात्मक अंदाज में अखिलेश यादव से अपने ‘ससुराल’ यानी उत्तराखंड के लोगों से माफी मांगने की बात भी कही। पहाड़ी बोली और रिश्तों का सहारा लेकर उन्होंने अखिलेश यादव की बयानबाजी पर कटाक्ष किया। विपक्ष की चुप्पी पर उठाए सवाल
ज्योति अधिकारी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों पर जिनकी भावनाएं आहत हो जाती हैं और जो सड़कों पर उतरकर पुतले फूंकने लगते हैं, वे आज उत्तराखंड के सम्मान के मुद्दे पर चुप क्यों हैं? उन्होंने सवाल किया कि क्या विपक्ष की भावनाएं पत्थर की हैं, जो राजनीतिक फायदा दिखने पर ही जागती हैं। ज्योति अधिकारी ने कहा कि विपक्ष को केवल राजनीति चमकाने के लिए मुद्दे नहीं उठाने चाहिए, बल्कि जब उत्तराखंड और पहाड़ के मान-सम्मान की बात आए, तब भी आगे आकर आवाज उठानी चाहिए। उत्तराखंड के वीर जवानों के योगदान की दिलाई याद
अखिलेश यादव को जवाब देते हुए ज्योति अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड बलिदानों, देवभूमि और वीर जवानों की भूमि है। प्रदेश के वीर जवानों ने देश के लिए क्या योगदान दिया है, यह पूरा इतिहास और देश जानता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सम्मान से जुड़ी बयानबाजी को प्रदेश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। ज्योति अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार और जनता अखिलेश यादव को जवाब दे रही है और आगे भी देती रहेगी। जब तक वह अपने बयान पर माफी नहीं मांगते, तब तक विरोध जारी रहेगा। उत्तराखंड योगी जी की भूमि
ज्योति अधिकारी ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उत्तराखंड योगी जी की भूमि है और आज यूपी में एक और योगी घुसपैठिया पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोग अखिलेश यादव को जवाब देना जानते हैं। ज्योति अधिकारी ने पहाड़ी अंदाज में कहा कि उत्तराखंड में भी एक ‘योगी जी’ का जन्म हुआ है और सभी को घुसपैठियों को रोकने के लिए जोर लगाना चाहिए। उन्होंने अपने ‘भौका’ का नाम भी योगी जी के नाम पर रखे जाने की बात कही। गंगा स्नान से उत्तराखंड की महिमा बताई
वीडियो में एक पुरुष ने भी ज्योति अधिकारी की ओर से उत्तराखंड की विशेषताओं का जिक्र करते हुए कविता सुनाई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आने वाला गंगा में स्नान करता है, जागेश्वर धाम के दर्शन करता है और भगवान भोलेनाथ की कृपा पाता है। उन्होंने प्रदेश की कल-कल करती नदियों, झरनों और प्राकृतिक सुंदरता का जिक्र करते हुए लोगों से उत्तराखंड आकर यहां के शांत वातावरण का अनुभव करने की अपील की। अंत में ज्योति अधिकारी ने लोगों से घुसपैठियों से दूर रहने की बात कही।
ज्योति अधिकारी ने अखिलेश यादव के बयान पर पहाड़ी अंदाज में तंज कसा है। उन्होंने अखिलेश यादव को ‘जवाई’ बताते हुए कहा कहा कि यह जो अखिलेश जी छी, यू हमर जवैं छी। कै न्ह्योरो, हमर चेली मणी छ गड़बड़गो। अब जवैं क हम अब बुलौण, भली-भांति छ पुजिद्युल और शांत ह्वै जाला।
अखिलेश से माफी मांगने की कही बात
ज्योति ने व्यंग्य करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोगों को ज्यादा गंभीर होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके जवाई को वे खुद संभाल लेंगे। ज्योति अधिकारी ने अपने इस व्यंग्यात्मक अंदाज में अखिलेश यादव से अपने ‘ससुराल’ यानी उत्तराखंड के लोगों से माफी मांगने की बात भी कही। पहाड़ी बोली और रिश्तों का सहारा लेकर उन्होंने अखिलेश यादव की बयानबाजी पर कटाक्ष किया। विपक्ष की चुप्पी पर उठाए सवाल
ज्योति अधिकारी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों पर जिनकी भावनाएं आहत हो जाती हैं और जो सड़कों पर उतरकर पुतले फूंकने लगते हैं, वे आज उत्तराखंड के सम्मान के मुद्दे पर चुप क्यों हैं? उन्होंने सवाल किया कि क्या विपक्ष की भावनाएं पत्थर की हैं, जो राजनीतिक फायदा दिखने पर ही जागती हैं। ज्योति अधिकारी ने कहा कि विपक्ष को केवल राजनीति चमकाने के लिए मुद्दे नहीं उठाने चाहिए, बल्कि जब उत्तराखंड और पहाड़ के मान-सम्मान की बात आए, तब भी आगे आकर आवाज उठानी चाहिए। उत्तराखंड के वीर जवानों के योगदान की दिलाई याद
अखिलेश यादव को जवाब देते हुए ज्योति अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड बलिदानों, देवभूमि और वीर जवानों की भूमि है। प्रदेश के वीर जवानों ने देश के लिए क्या योगदान दिया है, यह पूरा इतिहास और देश जानता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सम्मान से जुड़ी बयानबाजी को प्रदेश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। ज्योति अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार और जनता अखिलेश यादव को जवाब दे रही है और आगे भी देती रहेगी। जब तक वह अपने बयान पर माफी नहीं मांगते, तब तक विरोध जारी रहेगा। उत्तराखंड योगी जी की भूमि
ज्योति अधिकारी ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उत्तराखंड योगी जी की भूमि है और आज यूपी में एक और योगी घुसपैठिया पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोग अखिलेश यादव को जवाब देना जानते हैं। ज्योति अधिकारी ने पहाड़ी अंदाज में कहा कि उत्तराखंड में भी एक ‘योगी जी’ का जन्म हुआ है और सभी को घुसपैठियों को रोकने के लिए जोर लगाना चाहिए। उन्होंने अपने ‘भौका’ का नाम भी योगी जी के नाम पर रखे जाने की बात कही। गंगा स्नान से उत्तराखंड की महिमा बताई
वीडियो में एक पुरुष ने भी ज्योति अधिकारी की ओर से उत्तराखंड की विशेषताओं का जिक्र करते हुए कविता सुनाई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आने वाला गंगा में स्नान करता है, जागेश्वर धाम के दर्शन करता है और भगवान भोलेनाथ की कृपा पाता है। उन्होंने प्रदेश की कल-कल करती नदियों, झरनों और प्राकृतिक सुंदरता का जिक्र करते हुए लोगों से उत्तराखंड आकर यहां के शांत वातावरण का अनुभव करने की अपील की। अंत में ज्योति अधिकारी ने लोगों से घुसपैठियों से दूर रहने की बात कही।