कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने गुरुवार को लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। यह मुलाकात शाम 4 बजे सपा मुख्यालय के नजदीक स्थित जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के कार्यालय में हुई। दोनों करीब डेढ़ घंटे बंद कमरे में रहे। मुलाकात के बाद आशुतोष रांका ट्रस्ट से बाहर निकले और मीडिया से बिना बात किए रवाना हो गए। सपा ने भी इस मुलाकात की वजहों का खुलासा नहीं किया है। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि अखिलेश यादव ने आशुतोष से छात्रों से जुड़े मुद्दे, जेन-जी और जेन अल्फा को लेकर चर्चा की है। दोनों के बीच शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाने पर सहमति बनी है। राजस्थान में बीते महीने जब स्कूल ठीक करो अभियान के दौरान आशुतोष रांका पर हमला हुआ था, उस वक्त भी अखिलेश ने मुखरता के साथ ये मुद्दा उठाया था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर से आशुतोष रांका ने यूपी सरकार को चेतावनी दी थी। प्रदर्शन खत्म होने के बाद आशुतोष रांका ने कहा था- ‘’अगर उत्तर प्रदेश में पेपर लीक की घटनाएं नहीं रुकीं, तो वहां इससे भी बड़ा आंदोलन होगा।” क्यों अहम मानी जा रही है यह मुलाकात? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच यह बैठक 3 मायनों में बेहद खास है। 1. बगरू हिंसा के बाद का घटनाक्रम- राजस्थान के जयपुर स्थित बगरू इलाके में 21 अगस्त को CJP के प्रतिनिधिमंडल पर हमला हुआ था। इस घटना पर अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हमले की निंदा की थी और राजस्थान सरकार को निशाने पर लिया था। डिम्पल यादव का समर्थन- CJP के हालिया आंदोलनों में सपा का सीधा सहयोग देखने को मिला है। 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान मैनपुरी सांसद डिम्पल यादव ना सिर्फ शामिल हुईं, बल्कि पुलिस लाठीचार्ज के समय मोर्चे पर डटी नजर आई थीं। गठबंधन व साझा मुद्दों पर अटकलें- आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इस बंद कमरे की बातचीत को युवा मुद्दों, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और जनहित के विषयों पर विपक्ष के साझा मोर्चे के रूप में देखा जा रहा है। अचानक हुई इस डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि क्या सीजेपी और समाजवादी पार्टी किसी बड़े मुद्दे पर एक साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं या यह किसी नए राजनीतिक समीकरण की शुरुआत है। अब जयपुर में हुए बगरु हिंसा में क्या हुआ था, ये जानिए आशुतोष रांका और उनके साथियों पर 21 अगस्त को जयपुर में हमला हुआ था। रांका सुबह 10 बजे सीतापुरा के राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा का निरीक्षण करने पहुंचे थे। तभी ग्रामीणों ने उन्हें पीटकर वहां से खदेड़ दिया। उनकी गाड़ियों पर भी पथराव किया गया। रांका के साथ मौजूद महिला समर्थकों पर गांव की महिलाओं ने मिट्टी फेंकी। रांका ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- हमले में गाड़ियों के शीशे और मोबाइल तोड़े गए, एक महिला से मारपीट हुई और उनकी शर्ट फाड़ दी गई। टीम के एक सदस्य का हाथ फ्रैक्चर हो गया था। जानिए कौन हैं आशुतोष रांका आशुतोष रांका CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता होने के साथ एक युवा सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। मूल रूप से जयपुर, राजस्थान के रहने वाले रांका ने IIT कानपुर से बी.टेक और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। सक्रिय राजनीति में आने से पहले वे कंसल्टिंग फर्म मैकिंज़ी एंड कंपनी में काम करते थे। बाद में उन्होंने कॉर्पोरेट करियर छोड़कर शिक्षा व्यवस्था सुधार के मुद्दों पर काम करना शुरू किया। CJP से जुड़ने से पहले वे आम आदमी पार्टी के बौद्धिक विंग से भी जुड़े रहे थे। जून 2026 में वे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए गए। वे NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए 36 दिनों के आंदोलन और राजस्थान में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का मुख्य चेहरा रहे हैं। CJI सूर्यकांत का बयान बना CJP के बनने की वजह CJP का जन्म चीफ जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं पर दिए एक बयान के बाद हुआ। दरअसल CJI सूर्यकांत ने 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान देश के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहा था। उन्होंने कहा- कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने एक वकील की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उसने सीनियर एडवोकेट का दर्जा पाने मांग की थी। बेंच ने वकील को फटकार लगाते हुए कहा- समाज में पहले से ही पैरासाइट (परजीवी) हैं, जो सिस्टम पर हमला करते हैं। इसके बाद 16 मई को अमेरिका से अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत की। एक्स-इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाया। शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के लिए 22 मई को वेबसाइट पर ऑनलाइन पिटीशन लगाई। इस पिटीशन में 8 लाख से ज्यादा लोगों ने साइन किया था। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान उग्र प्रदर्शन हुए। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद CJP ने स्कूल ठीक करो अभियान शुरू किया है, जो पूरे देश में चल रहा है। —– ये पढ़ें – ‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहली सीढ़ी’:CJP के प्रवक्ता बोले- इस्तीफे के बाद रुकेंगे नहीं, पुलिसवालों का भी हिसाब होगा 35 दिन का धरना, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, संसद मार्च, लाठीचार्ज, वांगचुक का अनशन खत्म होना और आखिर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी मांगें मनवा लीं। प्रदर्शन खत्म हुआ। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा, हम कॉकरोच हैं, एक बार घुसता है तो निकलता नहीं है।’ आगे क्या होगा, इस पर दैनिक भास्कर ने पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष राकां और सौरव दास से बात की। पढ़िए पूरी खबर…