अतीक-मुख्तार के बाद यूपी में फिर ‘गैंग्स’ एक्टिव:शंकर पांडेय-रॉबिन सिंह उभरे; पूर्व DGP बोले- योगीराज में अपराधियों का अंत तय

गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई, क्योंकि उन्होंने रंगदारी नहीं दी थी। पिछले महीने बरेली में भी एक कारोबारी की हत्या हुई थी। आरोप है कि 4 लाख रुपए की रंगदारी नहीं मिलने पर वारदात को अंजाम दिया गया। दोनों मामलों में कम उम्र के लड़कों से जुड़े गैंग के नाम सामने आए। ये नए गैंग सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं हैं, दूसरे राज्यों में जाकर भी मर्डर और रंगदारी के बड़े ठेके ले रहे हैं। कोलकाता में सीएम शुभेंदु के पीए की हत्या हो या मुंबई में बाबा सिद्दीकी का मर्डर, इन सबके तार यूपी के इन्हीं गैंग से जुड़े हैं। आज ‘संडे बिग स्टोरी’ में यूपी में पनप रहे अपराध के इस नए सिंडिकेट को समझते हैं… यूपी से जुड़े 2 बड़े केस केस 1: यूपी के लड़कों ने कोलकाता जाकर CM के पीए को मारा 6 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों वाले दिन ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। हाईप्रोफाइल मर्डर की जांच जब सीबीआई को मिली, तो इसके तार यूपी से जुड़े। सीबीआई ने मुजफ्फरनगर से राजकुमार सिंह, बलिया से नवीन सिंह, लखनऊ से विकास मिश्रा, बक्सर बॉर्डर से मयंक और विक्की को गिरफ्तार किया। सभी गिरफ्तार लड़कों की उम्र 20 से 28 साल के बीच है। ये लड़के गैंग बनाकर प्रोफेशनल तरीके से ‘सुपारी किलिंग’ करते थे। केस 2: ‘किंग ऑफ गाजीपुर’ ने कारोबारी का मर्डर किया गाजीपुर में 29 मई को 20 करोड़ के लग्जरी होटल मालिक के बेटे विनीत राय की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। विनीत से 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी जा रही थी। हत्या की साजिश रचने वाला मुख्य आरोपी शंकर पांडेय ‘कटरा गैंग’ का मुखिया है। वह स्कॉर्पियो-फॉर्च्यूनर के काफिलों की रील बनाकर इंस्टाग्राम पर डालता था। खुद को ‘किंग ऑफ गाजीपुर’ बताता था। पुलिस एनकाउंटर में इसके एक साथी कमलेश बिंद को ढेर किया जा चुका है। यूपी में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सबसे ज्यादा असर यूपी के छोटे स्थानीय गैंग्स पर सबसे ज्यादा असर इंटरनेशनल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का देखा जा रहा है। यूपी में इसको 3 मामलों से समझिए- शूटर जीतू का एनकाउंटर: यूपी एसटीएफ ने फरवरी, 2025 में लॉरेंस गैंग के शूटर जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू का नोएडा में एनकाउंटर किया। इसने गाजियाबाद के व्यापारी की हत्या की थी। वह पैरोल पर बाहर आने के बाद फरार था। बिश्नोई गैंग के रोहित गोदारा के लिए सुपारी किलिंग कर रहा था। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: मुंबई में दिग्गज नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या करने वाले दोनों शूटर शिवकुमार गौतम और धर्मराज कश्यप बहराइच के रहने वाले थे। दोनों लॉरेंस गैंग के जरिए बड़ा माफिया बनना चाहते थे। बिश्नोई गैंग के नाम पर करोड़ों की रंगदारी: अमरोहा के मशहूर ‘हाशमी दवाखाना’ के मालिक से 2 करोड़, आगरा के हॉस्पिटल संचालक से 1.17 करोड़ और मशहूर यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी से 1 करोड़ रुपए की रंगदारी बिश्नोई गैंग के नाम पर मांगी जा चुकी है। सोशल मीडिया पर हाथ-पैर तोड़ने की डील कर रहे गैंग
नई उम्र के लड़कों में वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम के जरिए माफिया बनने का ट्रेंड जोरों पर है। ऐसे कई मामले हैं, जिनमें सोशल मीडिया पर संपर्क करने वालों से ये लड़के हजार-दो हजार रुपए में हाथ-पैर तोड़ने की डील फाइनल कर रहे हैं। यूपी पुलिस ऐसे गैंग के सोशल मीडिया अकाउंट को भी ट्रेस कर रही है। पिन कोड 221715 गैंग: बलिया के बेल्थरा रोड के लड़कों ने अपने इलाके के पिन कोड के नाम पर ही गैंग बना लिया। वॉट्सएप ग्रुप पर महज 500 से 1000 रुपए लेकर किसी के भी हाथ-पैर तोड़ने की डील होने लगी। बाद में आपसी वर्चस्व में इस ग्रुप के एक लड़के आयुष यादव की हत्या हो गई। AK-47 और रेड गैंग: गोरखपुर-महराजगंज बॉर्डर पर ये गैंग्स अपनी गाड़ी-बाइक पर AK-47 का लोगो लगाकर चलती हैं। अक्टूबर, 2025 में इनके बीच हुए गैंगवार में जमकर फायरिंग हुई थी। इसके बाद पुलिस ने 28 लड़कों को दबोचा था। कन्नौज-औरैया का हाल: कन्नौज में ‘बिच्छू गैंग’ और औरैया में ‘माड़ा गैंग’ और ‘बॉस गैंग’ जैसी नई उम्र के लड़कों की टोलियां एक्टिव हैं। यह हत्या जैसी वारदात में शामिल रही हैं। अतीक अहमद की ‘इंटर स्टेट गैंग-227’ के खात्मे के बाद यूपी पुलिस और प्रशासन ने नए सिरे से गैंग्स की लिस्टिंग शुरू की है। पूर्व DGP बोले- बार-बार अपराध करने वाले ‘योगी राज’ में खत्म होते हैं इन गैंग्स को ट्रेस करके खत्म करने के लिए पुलिस क्या कर रही है? इसको लेकर यूपी के पूर्व DGP बृजलाल कहते हैं- पहले की गैंग्स ज्यादा खतरनाक थीं। अभी वाली गैंग्स सोशल मीडिया पर ज्यादा नजर आती हैं। जो जमीन पर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, पुलिस उनसे मजबूती से निपट रही है। एक अपराध के बाद दोबारा कहीं अपराध करते हुए नहीं दिखते। जो लोग बार-बार अपराध कर रहे, वो योगी राज में खत्म हो जाते हैं। ऐसे कई उदाहरण आपके सामने हैं। —————————– यह खबर भी पढ़िए… मुख्तार के बेटे अब्बास के नाम 8 हथियार, यूपी में 10 लाख लाइसेंस, 6 हजार पर क्रिमिनल केस तस्वीर 2 अक्टूबर, 2025 की है। मेज पर 200 से ज्यादा देसी-विदेशी हथियार सजे हैं। प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह विजयदशमी (दशहरा) पर शस्त्र पूजन कर रहे हैं। पूजा के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- सारे शस्त्र हमारे हैं। जो हमारा है, वो समर्थकों का है। जो समर्थकों का है, वो हमारा है। पढ़िए पूरी खबर…