यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय रविवार को अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने हनुमानगढ़ी में हनुमान चालीसा का पाठ किया। फिर रामलला के दर्शन किए। इसके बाद अजय राय गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र के तारुन बाजार में हुए कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए। यह हनुमानगढ़ी से करीब 38 किलोमीटर दूर है। इस सम्मेलन में मछली भोज कराया गया। यह सम्मेलन हाल ही में भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए राम निहाल निषाद ने कराया। उन्होंने कहा- संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि सावन में मछली नहीं खाई जाती। हम संविधान का पालन कर रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा- सावन महीने में करोड़ों सनातनी भगवान शिव आराधना में लीन हैं। उस समय मछली भोज करना कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता का खुला प्रदर्शन है। कांग्रेस को समझना चाहिए कि सनातन समाज की आस्था कोई राजनीतिक प्रयोगशाला नहीं है। अयोध्या आकर मंदिरों में माथा टेकना और फिर मछली भोज कराना कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। सनातन की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को जनता जवाब देगी। इससे पहले 11 अगस्त को यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने मछली को शाकाहारी बताया था। कहा था- बिना लहसुन-प्याज बनी मछली शाकाहारी है। यूपी सरकार और भारत के संविधान का निशान मछली, तीर और धनुष है। यही निषाद समाज का सिंबल है, जिस पर हमें गर्व है। राम निहाल बोले- दोनों तरह का खाना बना था राम निहाल निषाद भाजपा की कार्यसमिति के अध्यक्ष थे। 23 जून को उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। कांग्रेस में शामिल होने के बाद यह उनका यह पहला कार्यक्रम था। वह गोसाईगंज विधानसभा सीट से कांग्रेस की ओर से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। राम निहाल निषाद ने बताया कि तारुन विकासखंड स्थित अर्पित मैरिज लॉन में हुए सम्मेलन में 2 तरह का खाना बना था। इसमें मछली के अलावा शाकाहारी भोजन भी था। यूपी भाजपा अध्यक्ष बोले- सनातन का अपमान ही कांग्रेस की पहचान यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा- प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या धाम में कांग्रेस अध्यक्ष (उत्तर प्रदेश) के स्वागत समारोह में ‘मछली भोज’ का आयोजन करना अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य है। कांग्रेस का इतिहास गवाह है कि इन्होंने हमेशा हिंदू समाज की धार्मिक मान्यताओं, सांस्कृतिक मूल्यों और करोड़ों सनातनियों की आस्था पर कुठाराघात किया है। पवित्र पावन माह में धर्मनगरी की मर्यादा को तार-तार करके कांग्रेस ने सिद्ध कर दिया है कि उसे न तो रामनगरी की पवित्रता की परवाह है और न ही कांवड़ियों व संत समाज की भावनाओं की। अयोध्या के पूज्य संतों और जन-जन में इस कुकृत्य को लेकर भारी आक्रोश है। वोटबैंक और घटिया राजनीति के लिए बार-बार सनातन धर्म का अपमान करना कांग्रेस की नीयत बन चुकी है। इस अमर्यादित कृत्य के लिए कांग्रेस पार्टी को संत समाज और देशवासियों से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए। BJP महानगर अध्यक्ष बोले- कांग्रेस ने सनातन का अपमान किया भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा- कांग्रेस नेताओं को हिंदू समाज की भावनाओं की कोई चिंता नहीं है। सावन में मछली भोज का आयोजन महज भोजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान है। कांग्रेस को साफ करना चाहिए कि वह किस मानसिकता के साथ अयोध्या में ऐसे आयोजन कर रही है? सनातन का अपमान करने की कांग्रेस की राजनीति अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। कांग्रेस को तुष्टीकरण और दिखावे की राजनीति बंद करनी चाहिए। सावन में सनातन की बात करना और फिर मछली भोज कांग्रेस के पाखंड की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की जनता धार्मिक भावनाओं के साथ होने वाले इस तरह के खिलवाड़ को कभी स्वीकार नहीं करेगी। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में अजय राय अयोध्या आकर मंदिरों में दर्शन कर रहे हैं। वहीं, जिस सम्मेलन में वह पहुंचे, वहां मछली भोज का आयोजन किया गया। पूर्व मेयर बोले- हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने भी कांग्रेस पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाया। कहा- कांग्रेस हिंदुओं के त्योहार तक नहीं मानती। भगवान राम को काल्पनिक बता रहे थे, अब राम मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं। इसके बाद कांग्रेस सम्मेलन करते हैं। फिर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का काम करते हैं। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने बताया- मछली भोज का मामला मुझे नहीं पता है। हम अध्यक्ष अजय राय के साथ गए थे। उन्हीं के साथ वापस आ गए। अगर ऐसी बात है, तो राम निहाल निषाद को ऐसा नहीं करना चाहिए था। अब सम्मेलन में अजय राय की कही 5 बड़ी बातें पढ़िए ————————— यह खबर भी पढ़िए- संजय निषाद बोले- बिना प्याज-लहसुन बनी मछली शाकाहारी, हम लोगों ने भगवान राम को पार उतारा यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने मछली को शाकाहारी बताया। उन्होंने कहा- बिना लहसुन-प्याज के बनी मछली शाकाहारी है। यूपी सरकार और भारत के संविधान का निशान मछली, तीर और धनुष है। ये ही निषाद समाज का सिंबल है, जिस पर हमें गर्व है। संजय निषाद ने ये बातें मंगलवार को गोरखपुर में एक मीडिया चैनल के कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि हमें फक्र है कि बदले में गरीबी भले मिली निषादों को, लेकिन वफादारी के पुत्र हैं। गद्दार के पुत्र नहीं हैं। हमने भगवान राम को पार उतारा है। हम लोग झोपड़ी में भले हैं, लेकिन एक लेबल जरूर लगा है- लड़ाकू कौम का। पढ़ें पूरी खबर