एक रात की कमाई ₹50 हजार…जलील भी करती हैं महिलाएं:लखनऊ-कानपुर में ट्रेंड बढ़ा, देह व्यापार करने वाले पुरुषों की अपनी दुनिया

‘लोगों को लगता है कि हमारा काम बड़ा आसान है, क्योंकि हमारी सभी क्लाइंट्स महिलाएं हैं। वह भी बड़े घरों की। एक नाइट के 20 से 50 हजार रुपए तक कमा जरूर लेते हैं, लेकिन इसमें जोखिम भी बहुत है। पुलिस का तो डर होता ही है, कई महिलाएं बेइज्जत करती हैं। कुछ तो ड्रिंक करने के बाद मारपीट तक कर देती हैं।’ यह कहना है मेल एस्कॉर्ट यानी जिगोलो (पुरुष सेक्स वर्कर) का। इनकी अपनी दुनिया है, जिसमें बने रहना इतना आसान नहीं है। कई बार जोखिम उठाना पड़ता है, लेकिन घर चलाने के लिए इन्हें सब करना पड़ता है। किस तरह के पुरुष इस पेशे में हैं, इनकी क्लाइंट्स कौन होती हैं, इन्हें किन-किन जोखिमों से गुजरना पड़ता है? इस तरह के तमाम सवालों के जवाब के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने इनकी तलाश की। सोर्स के जरिए हमारी मुलाकात लखनऊ के 2 लड़कों से हुई, जो देह व्यापार कर रहे हैं। हमने पहले इनसे पहचान बढ़ाई, फिर अच्छी क्लाइंट्स दिलाने के बहाने बातचीत कर इनकी स्याह दुनिया को समझने की कोशिश की। हमने जिनसे बात की, वे 28 और 34 साल के युवक हैं, जो 4-5 साल से ये काम कर रहे हैं। हम किसी की गोपनीयता उजागर नहीं करना चाहते, इसलिए यहां पहचान नहीं बता रहे। एंट्री कैसे : दोस्तों के जरिए इस काम में आ गए कोरोना काल खत्म होने के बाद मैंने बिजनेस शुरू किया। तब मुंबई में था। कुछ दोस्तों के जरिए यह काम मिला। पहली बार तो मैंने मजे के लिए किया। 6-7 हजार रुपए भी मिले थे। फिर धीरे-धीरे यह काम अच्छा लगने लगा। हमारी फील्ड में पर्सनालिटी, लुक और स्टैमिना चाहिए। ये 3 चीजें नहीं हैं… तो आप भूल जाइए। अगर 20 साल वाले की पर्सनालिटी अच्छी है, तभी वह आ सकता है। अगर 40 साल वाला भी पूरी तरह फिट और मेंटेन है, तो वह चल सकता है। नहीं तो कोई चांस नहीं। हमें वर्कआउट के साथ डाइट पर भी ध्यान देना होता है। हम ड्राई फ्रूट्स और प्रोटीन वाली चीजें खाते हैं। नशे वाली चीजों से दूर रहते हैं। लेकिन कई बार कुछ ऐसी क्लाइंट्स भी मिल जाती हैं, जिनके प्रेशर में ड्रिंक वगैरह हमें लेना पड़ता है। कहां मिलेंगे : लखनऊ-कानपुर में कई स्पॉट हमारी ज्यादा डिमांड तो मेट्रोपॉलिटन सिटीज में है। लेकिन, अब लखनऊ-कानपुर जैसे शहरों में यह काम शुरू हो चुका है। हमारे स्पॉट होते हैं, यह सभी को पता होता है। क्लाइंट्स को भी पता होता है कि कहां पर हम लोग मिलेंगे। लखनऊ के गोमती नगर में समिट बिल्डिंग है। फन मॉल के पास एक स्पॉट है। इसी तरह गोमतीनगर में कई ऐसे स्पॉट हैं, जहां लेट नाइट मेल एस्कॉर्ट मिल जाएंगे। लेट नाइट वहां आपको जिगोलो खड़े मिल जाएंगे। हमारे चैनल के जरिए पुलिस वालों से सेटिंग होती है। हम लोग जिस स्पॉट पर खड़े होते हैं, वहां अपने नेटवर्क के सीनियर्स को स्पॉट पर खड़े होने का पैसा देना पड़ता है। अलग-अलग स्पॉट के अलग-अलग रेट होते हैं। कहीं 2 हजार, तो कहीं 3 हजार रुपए डेली देने होते हैं। अगर हम लोग स्पॉट पर जिस दिन खड़े हुए, तो वहां के लिए हमें पैसा देना पड़ेगा। बुकिंग कैसे : एक क्लाइंट से दूसरी क्लाइंट मिलती हैं अगर ​कोई क्लाइंट खुश हो गई तो वो अपने नेटवर्क की दूसरी क्लाइंट को भी हमारे पास भेज देती हैं। इससे उन महिलाओं को भी सेफ फील होता है, जो हमें पहली बार बुलाती हैं। ज्यादातर बुकिंग हमें रिफरेंस से ही मिलती है। ज्यादातर तो बड़े ही घर की होती हैं। आम घर की क्लाइंट इतने पैसे कहां खर्च कर पाएंगी। इसके अलावा हमारा पूरा नेटवर्क है। हम लोग तो सिर्फ काम करते हैं, लेकिन बाहर की पूरी डीलिंग हमारे सीनियर्स करते हैं। पुलिस की सेटिंग से लेकर स्पॉट पर खड़े होने तक का, सब कुछ वही ​लोग देखते हैं। मेरे जैसे नए बंदे को ज्यादातर काम उन्हीं लोगों के जरिए मिलता है। कमाई कितनी : महीने में 5 से 10 लाख कमा लेते हैं मुझे यह काम करते हुए 5 साल हो गए। अगर काम ठीक मिल गया तो महीने में दो से ढाई लाख रुपए तक निकाल लेता हूं। लेकिन, मेरे साथ के ऐसे कई ऐसे लोग हैं, जो महीने में 5 से 10 लाख रुपए तक कमा लेते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि पूरे महीने कोई काम नहीं मिलता। ऐसे में फिर कोई कमाई नहीं हो पाती। अगर फुल नाइट है, तो मैं 20 हजार रुपए लेता हूं। अगर 2-4 घंटे की बात है, तो 10-12 हजार लेता हूं। लेकिन, बहुत सारे मेरे साथ वाले काफी हाई लेवल के हैं। उनके चार्ज भी काफी ज्यादा हाई होते हैं। वो लोग वन नाइट का 30-40 हजार या 50 हजार रुपए तक चार्ज लेते हैं। क्लाइंट कैसी : 35-40 साल की महिलाएं ज्यादा आती है लेडी क्लाइंट्स में 35-40 साल वाली होती हैं। कई बार तो 60 या इससे भी ज्यादा एज वाली मिल जाती हैं। खास बात यह है कि इनमें ज्यादातर क्लाइंट्स मिड-एज वाली और ओल्ड-एज वाली होती हैं। न्यूकमर काफी कम मिलती हैं। सभी एलीट क्लास की क्लाइंट्स हैं। बहुत सारे अफसरों की बीवियां भी हमारी क्लाइंट हैं। उनके जरिए भी अपने बहुत सारे पर्सनल काम हो जाते हैं। कई ऐसी क्लाइंट्स भी हैं, जिनके पति विदेश में बड़े बिजनेसमैन हैं। रिलेशन अच्छे बन जाते हैं, तो इसी में सब होता रहता है। मानकर चलिए कम से कम 10 से 12 क्लाइंट्स से मिलना पड़ता है। कितना रिस्क : अनजान क्लाइंट और HIV का खतरा सबसे बड़ा रिस्क पुलिस का है। इसके अलावा हमें अनजान क्लाइंट के साथ जाना होता है। कई बार कुछ अजीब क्लाइंट मिल जाती हैं। वो अजीब-सी हरकतें करती हैं, तो उनके साथ रिस्क भी रहता है। ड्रिंक करके कई क्लाइंट मारपीट तक करने लगती हैं। हम लोग पूरी सेफ्टी और प्रोटेक्शन के साथ रहते हैं। लेकिन कई बार ऐसी भी क्लाइंट मिल जाती हैं, जो प्रोटेक्शन यूज ही नहीं करने देती। ऐसे में पूरी तरह HIV का रिस्क होता है। शुरू के दिनों में ठीक लगता है, लेकिन सच बोलूं तो अब चीजें बुरी लग रही हैं। मन करता है, सब छोड़ दूं। कुछ क्लाइंट्स ऐसी भी मिल जाती हैं, जो अच्छा बिहेव नहीं करतीं। गाली-गलौज करके बिना पेमेंट दिए भी भगा देती हैं। बेइज्जत तक करती हैं। सब कुछ करने के ​बाद भी उनकी फैंटेसी पूरी नहीं होती। ऐसे में कहीं न कहीं अपनी सेल्फ-रिस्पेक्ट को ठेस लगती है। जिगोलो क्लब के नाम पर ठगी भी क्या कहता है कानून सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट आयुष शुक्ला बताते हैं- भारत सहित दुनिया के अधिकांश देशों में जिगोलो या पुरुष वेश्यावृत्ति के लिए कोई अलग से कानून नहीं है। भारत में वेश्यावृत्ति को सीधे तौर पर अवैध नहीं माना गया है। लेकिन, अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, ITPA (Immoral Traffic Prevention Act) के अनुसार, इसे समाज के लिए अनैतिक माना जाता है। अगर 18 साल से ज्यादा उम्र के दो लोग निजी तौर पर सहमति से मिलते हैं, तो कानूनी रूप से कोई अपराध नहीं बनता है। लेकिन, अगर इसमें पैसों का लेन-देन है तो ये अवैध है। —————————– ये स्टिंग भी पढ़ें- मौलाना बोला-आपकी बीवी से संबंध बनाऊंगा, ये अल्लाह का उसूल, यूपी में तीन तलाक को जायज बताकर खुद हलाला कर रहे यूपी के गोरखपुर का यह मौलाना रहमतुल्लाह है, जो हलाला के लिए ब्रेनवॉश कर रहा है। दरअसल, देश में तीन तलाक कानून लागू होने के साथ ही हलाला भी नहीं कराया जा सकता। लेकिन, कानून बनने के 7 साल बाद भी यूपी में चोरी-छिपे कुछ मौलाना मुस्लिम महिलाओं का शोषण कर रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मौलाना बोला- आप प्रेग्नेंट हो गई तो मैं गुनहगार नहीं:महिला रिपोर्टर से कहा- कानून मानोगे तो मुसलमान के नाम पर कलंक होगा ‘हलाला मर्द के लिए सजा है, औरत के लिए नहीं। पुलिस-कानून की बात मानेंगे, तो मुसलमान के नाम पर कलंक हो जाएंगे।’ ये मौलाना रहमतुल्लाह है, जो यूपी के गोरखपुर में दैनिक भास्कर की महिला रिपोर्टर का ब्रेनवॉश कर रहा है। जिससे वह हलाला के लिए तैयार हो जाए और मौलाना से शारीरिक संबंध बना ले। पढ़िए पूरी खबर…