कानपुर देहात में रविवार को यमुना नदी में दो लड़कियां डूबने लगीं। यह देख गांव के एक लड़के ने यमुना में छलांग लगा दी। वह एक लड़की को नदी से बाहर ले आया। लेकिन दूसरी लड़की को बचाने में खुद डूब गया। जिला प्रशासन ने SDRF को बुलाकर रेस्क्यू शुरू कराया है। लेकिन लड़की और लड़के का कुछ पता नहीं चला है। अधिकारियों का कहना है कि नदी में बहाव तेज है। इसलिए रेस्क्यू में कठिनाई आ रही है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस समय ये हादसा हुआ, लड़की की मां वहीं पर थीं। उनका कहना है कि मेरी बेटी मेरी आंखों के सामने डूब गई। वहीं, गांव के लोग लड़के की बहादुरी की प्रशंसा कर रहे हैं। 2 तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरा मामला… मूसानगर थाना क्षेत्र के नया पुरवा गांव निवासी सुनील की बेटी भूरी देवी (12) रविवार सुबह 9:30 बजे पड़ोसी ज्योति देवी (15) के साथ यमुना नदी में नहाने गई थी। इस दौरान दोनों अचानक गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। लड़कियों की चीख-पुकार सुनकर गांव के सिद्धगोपाल (17) ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। सिद्धगोपाल ने ज्योति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन जब वह भूरी देवी को बचाने के लिए दोबारा दोबारा नदी में कूदा तो तेज बहाव और गहराई के कारण वह खुद डूब गया। बचाव में उतरी महिला भी डूबनी लगी
हादसे के समय भूरी की मां यमुना नदी में भैंसों को नहला रही थीं। बेटी और लड़के को डूबता देख उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद गांव के लोग मौके पर पहुंचे। इसी दौरान बचाव के लिए नदी में उतरीं दो महिलाएं भी डूबने लगीं, जिन्हें ग्रामीणों ने रस्सी और कपड़ों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी भोगनीपुर राजीव सिरोही, एसडीएम भोगनीपुर देवेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार अभिनव चतुर्वेदी और मूसानगर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन ने तत्काल गोताखोरों की तीन टीमों को लगाया। एसडीआरएफ की टीम भी करीब 4 घंटे के बाद मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सिद्धगोपाल के पिता की भी हो चुकी है मौत
भूरी के पिता सुनील रोजगार के सिलसिले में सूरत में रहते हैं। सिद्धगोपाल ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। सिद्धगोपाल के पिता पृथ्वीराज की एक साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में उसका एक बड़ा भाई है, जो मानसिक रूप से विक्षिप्त है। घटना के बाद पूरे नया पुरवा गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोग सिद्धगोपाल की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उसने अपनी जान की परवाह किए बिना ज्योति की जान बचा ली। लेकिन खुद डूब गया। फिलहाल भूरी और सिद्धगोपाल की तलाश जारी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। घाटों पर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि यमुना नदी में डूबने की घटनाएं हर साल सामने आती हैं, लेकिन खतरनाक घाटों पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही गोताखोरों की स्थायी व्यवस्था की गई है। उनका कहना है कि कई बार हादसे के घंटों बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो पाता है। यमुना किनारे बसे दर्जनों गांवों पर बाढ़ और डूबने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग कराई जाए, होमगार्ड या बचावकर्मियों की तैनाती की जाए और किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाए। दोनों को ढूंढने का प्रयास जारी
सीओ भोगनीपुर राजीव सिरोही ने बताया कि एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। एसडीएम भोगनीपुर देवेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही गोताखोरों को मौके पर भेज दिया गया था और एसडीआरएफ को भी सूचना दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि यमुना नदी का बहाव तेज है और नदी काफी बड़ी है, जिसके चलते तलाश में कठिनाई आ रही है। फिलहाल एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और दोनों को ढूंढने का प्रयास जारी है। ………… ये खबर भी पढ़ें… यूपी की स्नेक गर्ल को घोड़ा पछाड़ सांप ने डसा, पहले सांप को जंगल में छोड़ा; फिर बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचीं लखीमपुर की फेमस सर्प मित्र नाजरून निशा को रैट स्नेक ने काट लिया। शनिवार को वह सांप को पकड़कर बैग में भर रही थी, तभी सांप ने उसके हाथ में काट लिया। स्नेक बाइट के बावजूद नाजरून ने सांप रेस्क्यू पूरा कर सांप को दुधवा के जंगलों में सुरक्षित छोड़ा। इसके बाद वह खुद बाइक चलाकर अस्पताल पहुंची और प्राथमिक उपचार लिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. भरत सिंह ने बताया- रैट स्नेक ने नाजरून को काटा था। यह सांप जहरीला नहीं होता है। फिर भी एहतियात के तौर पर उन्हें एंटी-वेनम इंजेक्शन और टिटनेस का इंजेक्शन लगाया गया। अब वह पूरी तरह ठीक हैं। पढ़ें पूरी खबर…
हादसे के समय भूरी की मां यमुना नदी में भैंसों को नहला रही थीं। बेटी और लड़के को डूबता देख उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद गांव के लोग मौके पर पहुंचे। इसी दौरान बचाव के लिए नदी में उतरीं दो महिलाएं भी डूबने लगीं, जिन्हें ग्रामीणों ने रस्सी और कपड़ों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी भोगनीपुर राजीव सिरोही, एसडीएम भोगनीपुर देवेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार अभिनव चतुर्वेदी और मूसानगर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन ने तत्काल गोताखोरों की तीन टीमों को लगाया। एसडीआरएफ की टीम भी करीब 4 घंटे के बाद मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सिद्धगोपाल के पिता की भी हो चुकी है मौत
भूरी के पिता सुनील रोजगार के सिलसिले में सूरत में रहते हैं। सिद्धगोपाल ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। सिद्धगोपाल के पिता पृथ्वीराज की एक साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार में उसका एक बड़ा भाई है, जो मानसिक रूप से विक्षिप्त है। घटना के बाद पूरे नया पुरवा गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोग सिद्धगोपाल की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उसने अपनी जान की परवाह किए बिना ज्योति की जान बचा ली। लेकिन खुद डूब गया। फिलहाल भूरी और सिद्धगोपाल की तलाश जारी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। घाटों पर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि यमुना नदी में डूबने की घटनाएं हर साल सामने आती हैं, लेकिन खतरनाक घाटों पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही गोताखोरों की स्थायी व्यवस्था की गई है। उनका कहना है कि कई बार हादसे के घंटों बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो पाता है। यमुना किनारे बसे दर्जनों गांवों पर बाढ़ और डूबने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग कराई जाए, होमगार्ड या बचावकर्मियों की तैनाती की जाए और किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाए। दोनों को ढूंढने का प्रयास जारी
सीओ भोगनीपुर राजीव सिरोही ने बताया कि एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। एसडीएम भोगनीपुर देवेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही गोताखोरों को मौके पर भेज दिया गया था और एसडीआरएफ को भी सूचना दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि यमुना नदी का बहाव तेज है और नदी काफी बड़ी है, जिसके चलते तलाश में कठिनाई आ रही है। फिलहाल एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और दोनों को ढूंढने का प्रयास जारी है। ………… ये खबर भी पढ़ें… यूपी की स्नेक गर्ल को घोड़ा पछाड़ सांप ने डसा, पहले सांप को जंगल में छोड़ा; फिर बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचीं लखीमपुर की फेमस सर्प मित्र नाजरून निशा को रैट स्नेक ने काट लिया। शनिवार को वह सांप को पकड़कर बैग में भर रही थी, तभी सांप ने उसके हाथ में काट लिया। स्नेक बाइट के बावजूद नाजरून ने सांप रेस्क्यू पूरा कर सांप को दुधवा के जंगलों में सुरक्षित छोड़ा। इसके बाद वह खुद बाइक चलाकर अस्पताल पहुंची और प्राथमिक उपचार लिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. भरत सिंह ने बताया- रैट स्नेक ने नाजरून को काटा था। यह सांप जहरीला नहीं होता है। फिर भी एहतियात के तौर पर उन्हें एंटी-वेनम इंजेक्शन और टिटनेस का इंजेक्शन लगाया गया। अब वह पूरी तरह ठीक हैं। पढ़ें पूरी खबर…