AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी शनिवार शाम साढ़े 7 बजे सहारनपुर पहुंचे। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में दोबारा भाजपा की सरकार नहीं बननी चाहिए। इसके लिए मैं गठबंधन करने को तैयार हूं। अगर खुद को सेक्युलर बताते वाली पार्टियां यह कहें कि ओवैसी कमजोर हैं। उसके पास सिर्फ एक वोट है। वह चुनाव नहीं जीत सकता, तो यह उनकी गलतफहमी है। आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि अगर आप इसको तोड़ना चाहते हैं। 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करना चाहते हैं।आपका मकसद साफ है। आप नहीं चाहते कि मुसलमान पढ़ें। जनसभा जिला मुख्यालय पर चिलकाना बस अड्डे के पास 62 फुट रोड मैदान में हुई। इसमें 10 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। 3 तस्वीरें देखिए… ओवैसी की कही 3 बड़ी बातें… 1. सहारनपुर की मस्जिद तोड़ना चाहती है सरकार: सहारनपुर की मस्जिद 1955 से उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड है। आखिर किस आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार इस मस्जिद को तोड़ने का नोटिस दे रही है? क्या इन्हें यह नहीं पता कि यदि कोई स्थान पिछले 70 सालों से मस्जिद के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। लोग लगातार नमाज अदा कर रहे हैं, तो सुप्रीम कोर्ट ने ‘वक्फ बाय यूजर’ के सिद्धांत को मान्यता दी है। नए मामलों में ‘वक्फ बाय यूजर’ लागू नहीं होगा, लेकिन पुराने मामलों में यह व्यवस्था बरकरार रहेगी। इसके बावजूद मस्जिद को नोटिस दिया जा रहा है। यह देखकर अफसोस होता है कि आखिर इतना जुल्म क्यों किया जा रहा है। 2. नीट पेपर लीक के आरोपियों पर लगे देशद्रोह का मुकदमा:पिछले 12 वर्षों से भाजपा की सरकार है। हम लगातार देख रहे हैं कि एक के बाद एक पेपर लीक हो रहे हैं। जब पेपर लीक हुए, तब जिम्मेदार लोगों पर देशद्रोह जैसे आरोप नहीं लगाए गए। मुझे अफसोस के साथ कहना पड़ता है कि हजारों-लाखों गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य पर इसका असर पड़ा है। 3. राम मंदिर चढ़ावा चोरी से ध्यान भटका रहे: अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ों रुपए की चोरी और घोटालों के सवालों से जनता का ध्यान हटाने के लिए सरकार नए विवाद खड़े कर रही है। अयोध्या में स्कैनर खरीद जैसे मामलों का जवाब कौन देगा। मंदिर में लूट हुई है। अब उससे ध्यान हटाने के लिए मस्जिदों और यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया जा रहा है। असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा के पल-पल अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाएं…