सहारनपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की ‘स्वाभिमान रैली’ में जयंत चौधरी से ज्यादा चर्चा उनकी पत्नी चारु चौधरी के भाषण की हो रही है। चारु ने सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान का सीधे जवाब दिया, जिसमें उन्होंने जयंत चौधरी को ‘चवन्नी’ कहा था। चारु ने कहा- किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वो आपका अपमान करें या आपको सिखाएं और समझाएं। उन्होंने कहा- इस तरह की बयानबाजी सामने वाले की मानसिकता और अहंकार दिखाती है। लोकतंत्र में सरकार किसकी बनेगी और कौन सत्ता में आएगा-जाएगा, इसका फैसला जनता करती है। चारु के इस तेवर के बाद सियासी गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में जयंत अपनी पत्नी चारु चौधरी को प्रत्याशी बना सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो चारु चौधरी अपने परिवार की चुनावी राजनीति में कदम रखने वाली दूसरी महिला होंगी। इससे पहले जयंत की दादी यानी पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पत्नी गायत्री देवी सक्रिय राजनीति में थीं। गायत्री देवी 1969 में इगलास और 1974 में गोकुल सीट से विधायक रहीं। 1980 में कैराना से सांसद चुनी गई थीं। 2009 से रैलियों में सक्रिय चारु को क्या 2027 में मैदान में उतारेंगे जयंत? चारु के पास तीन चीजें हैं, राजनीतिक परिवार की विरासत, लंबे समय से चुनाव प्रचार का अनुभव और खुलकर राजनीतिक भाषण देने की क्षमता। चारु मथुरा और बागपत की चौपालों पर ग्रामीण महिलाओं के बीच बेहद सहजता से अपनी बात रखती रही हैं। चारु का राजनीति से जुड़ाव नया नहीं है। वह 2009 से चुनावी प्रचार और RLD की गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। पति जयंत चौधरी की चुनावी रैलियों में वह लगातार नजर आती रही हैं। उनके दिवंगत ससुर और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह ने भी उनकी राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए उन्हें पार्टी का स्टार प्रचारक बनाया था। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान चारु ने बागपत के छपरौली में जयंत चौधरी के लिए रोड शो किया। ये करीब छह घंटे चलने वाला था, लेकिन लोगों की भीड़ और उत्साह इतना बढ़ा कि कार्यक्रम रात करीब एक बजे तक चलता रहा। 2021 में वह दिल्ली में किसान आंदोलन में भी शामिल हुई थीं। महिला किसानों के समर्थन में नजर आई थीं। पश्चिमी यूपी के ग्रामीण इलाकों में उनकी पहुंच है। 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी वह बागपत और बड़ौत की रैलियों में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मंच साझा कर चुकी हैं। अब अगर RLD 2027 में उन्हें किसी जाट बहुल सीट से चुनाव लड़ाती है तो यह सिर्फ एक उम्मीदवार उतारने का फैसला नहीं होगा। इसके पीछे पश्चिमी यूपी में महिला वोट, जाट स्वाभिमान और चौधरी परिवार की राजनीतिक विरासत तीनों को एक साथ साधने की रणनीति हो सकती है। सहारनपुर में दिखा चारु चौधरी का अक्रामक अंदाज 3 सितंबर, 2026 की सहारनपुर में हुई ‘स्वाभिमान रैली’ चारु के राजनीतिक सफर में इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि इस बार उनका भाषण सीधे विपक्ष पर राजनीतिक हमला था। जयंत चौधरी के बोलने से पहले चारु को मंच पर बुलाया गया। उनका परिचय भी राजनीतिक अंदाज में कराया गया। इसके बाद चारु बिना लिखित भाषण पढ़े सीधे जनता से संवाद करती नजर आईं। उन्होंने कहा कि किसी को जनता का अपमान करने का अधिकार नहीं है। चुनाव आते-जाते रहते हैं। पार्टी सत्ता में रहे या विपक्ष में, इससे फर्क नहीं पड़ता। जनता के प्रति समर्पण हमेशा बना रहेगा। उन्होंने पश्चिमी यूपी की क्षेत्रीय पहचान और ‘चौधराहट’ को चुनावी मुद्दे से जोड़ते हुए RLD और उसके गठबंधन प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताकर लखनऊ भेजने की अपील की। ‘चवन्नी’ वाले बयान ने बढ़ाई पश्चिमी यूपी की गर्मी दरअसल, पश्चिमी यूपी की राजनीति में यह विवाद अखिलेश यादव के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने जयंत चौधरी पर तंज कसते हुए कहा था कि “चवन्नी से रुपया बना दिया, फिर भी छोड़कर चले गए।” जयंत के खिलाफ इस बयान को RLD ने पश्चिमी यूपी में राजनीतिक और सामाजिक सम्मान से जोड़कर उठाया। जाट बहुल इलाकों में इसे लेकर प्रतिक्रिया सामने आई। इसी माहौल में सहारनपुर में ‘स्वाभिमान रैली’ आयोजित की गई। रैली में जयंत के साथ चारु और उनकी दोनों बेटियां भी मंच पर मौजूद थीं। जयंत भी दे चुके हैं जवाब: ‘G और J में फंसा देंगे’ इस राजनीतिक टकराव के बीच जयंत चौधरी भी अखिलेश यादव को जवाब दे चुके हैं। जयंत ने कहा कि उनकी कोशिश रहती है कि कोई दुश्मन न बने। उन्होंने कहा कि मैंने अखिलेश को छेड़ा भी नहीं, लेकिन वह बार-बार बयान दे रहे हैं। जयंत ने मंच से सपा नेताओं के वीडियो चलवाए और राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि ABCD की राजनीति छोड़िए, हम आपको G यानी गन्ना और J यानी जाट में फंसा देंगे, फिर SP नहीं आएगी। पंजाबी फैमिली से आने वाली चारु की जयंत से लव मैरिज चारु चौधरी का मायका कारोबारी परिवार है। वह मूल रूप से दिल्ली के एक पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके परिवार का साउथ दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन इलाके में ‘जूकी’ नाम से फैशन और ज्वेलरी का कारोबार रहा है। चारु और जयंत दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में क्लासमेट थे। दोनों की दोस्ती आगे चलकर रिश्ते में बदली। 14 अगस्त 2003 को दोनों की शादी हुई। शादी के बाद भी चारु ने अपना प्रोफेशनल करियर जारी रखा। उन्होंने करीब ढाई साल कॉरपोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद फैशन डिजाइनिंग और ज्वेलरी के अपने सपने को आगे बढ़ाने के लिए नौकरी छोड़ दी। उन्होंने दिल्ली के ज्वेलरी प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर यानी JPDC से शिक्षा ली और जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका से भी पढ़ाई की। फैशन डिजाइनर से उद्यमी तक का सफर चारु चौधरी ‘ज़ूकी’ नाम से मल्टी-ब्रांड और मल्टी-प्रोडक्ट स्टोर चलाती हैं। इसमें ज्वेलरी, कपड़े और डिजाइनिंग से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। चारु के मुताबिक, मल्टी-ब्रांड स्टोर का विचार उनके दिमाग में कई साल पहले आया था, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उसे जमीन पर उतारने में समय लगा। बाद में उन्होंने इस सपने को कारोबार का रूप दिया। अक्टूबर 2019 में उन्होंने टोरंटो फैशन वीक में अपना डिजाइनर फैशन कलेक्शन भी प्रदर्शित किया था। चारु जिम और फिटनेस के प्रति सजग रहती हैं। उन्हें जासूसी शोज देखना बहुत पसंद है। वह कई पत्रिकाओं की कवर पेज पर भी छप चुकी हैं। चारु और जयंत की दो बेटियां साहिरा और एलिशा हैं। ————————- ये भी पढ़ें – UP में चुनाव से पहले 70 हजार नई नौकरियां: 1 लाख युवाओं को मिलेगा जॉइनिंग लेटर, जेन-जी को अपने पक्ष में करने की कोशिश में सरकार 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार करीब 70 हजार नई भर्तियां निकालने की तैयारी में है। इनका विज्ञापन कभी भी जारी हो सकता है। वहीं, सरकार ने अगले 4 महीनों में 1 लाख से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) देने का लक्ष्य रखा है। मुख्य सचिव एसपी गोयल खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने विभागों को खाली पदों की जानकारी जल्द से जल्द संबंधित चयन आयोग को भेजने के निर्देश दिए हैं। पढ़िए पूरी खबर…