जिस कांग्रेस नेता के घर कूड़ा फेंका, उसे ही जेल:मुजफ्फरनगर में बेटा बोला- दुकान के नाम पर छत मिली, 4.5 लाख किराया क्यों दें

मुजफ्फरनगर में कांग्रेस नेता जमील अंसारी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। उस पर नगर पालिका के 4.5 लाख रुपए बकाया का नोटिस को लेकर आए कर्मचारियों से अभद्रता और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) को धमकाने का आरोप है। ईओ से अभद्रता की खबर पर नगर पालिका के कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने करीब 50 क्विंटल कूड़ा गाड़ियों में भरकर जमील अंसारी के गेट के सामने डंप कर दिया। सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर वाल्मीकि, कांग्रेस नेता के परिवार और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर सफाई कर्मचारियों को खदेड़ा। इसके बाद यूनियन नेता को धक्के देकर हिरासत में ले लिया गया। करीब 10 घंटे तक हंगामा चलता रहा। लाठीचार्ज और यूनियन नेता की गिरफ्तारी से नाराज सफाई कर्मियों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी, जिससे पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया। आखिरकार, लाठीचार्ज करने वाले इंस्पेक्टर के दो दिन में तबादले का आश्वासन, कांग्रेस नेता पर एफआईआर और यूनियन नेता की रिहाई के बाद मामला शांत हुआ। पूरा मामला खतौली नगर पालिका क्षेत्र के डाकखाने वाली गली का है। अब हम आपको इस हंगामे के पीछे की इनसाइड स्टोरी पढ़वाते हैं… पहले हंगामे की तस्वीरें देखिए 20 साल पहले दुकान के नाम पर अलॉट हुई छत कांग्रेस नेता जमील अंसारी पिछले पालिका चुनाव में चेयरमैन पद का चुनाव लड़ चुके हैं। परिवार में पत्नी शहनाज और बेटे रूमान और अम्मान हैं। बड़े बेटे रूमान (24) ने बताया कि 2006 में जीटी रोड स्थित पालिका मार्केट में उन्हें 4 दुकानें अलॉट हुई थीं। लेकिन आज तक वहां न तो दुकानें बनीं और न ही कोई किराएदार है। वहां सिर्फ खुली छत पड़ी हुई है। नगर पालिका ने वहां आने-जाने का कोई रास्ता भी नहीं बनवाया। इसके बावजूद ईओ राजीव कुमार ने किराए के लिए एक-एक कर तीन नोटिस भेज दिए। रूमान के मुताबिक, इस मामले में उन्होंने एसडीएम को पत्र लिखकर छत तक पहुंचने के लिए सीढ़ी बनवाने की मांग की थी। एसडीएम के आदेश के बावजूद कई साल बीतने के बाद भी चेयरमैन ने सीढ़ी नहीं बनवाई। अप्रैल में पहला नोटिस, तीसरे नोटिस पर बिगड़ी बात रुम्मान ने बताया कि पहला नोटिस अप्रैल में आया। जिसमें हमारे ऊपर दुकानों का साढ़े 4 लाख रुपए बकाया बताया गया। पापा ने नोटिस का जवाब भेज दिया। इसके बावजूद दो नोटिस और भेजे गए। सोमवार को दो कर्मचारी तीसरा नोटिस लेकर आये तो पापा ने उनके सामने ही ईओ को कॉल करके बार–बार नोटिस भेजने की वजह पूछी। ये भी कहा कि हमने जवाब भेज दिया है। लेकिन ईओ ने कहा कि आप किराएदार हो, पैसा तो देना पड़ेगा। इस पर पापा ने कहा कि खुली छत का किराया हम क्यों देंगे? दुकानें तो बनी नहीं। इतनी बात के अलावा कोई बात नहीं हुई। इसके बाद मामला शांत हो गया। सुबह 8 बजे सफाई कर्मचारियों ने गेट पर कूड़ा डंप किया मंगलवार सुबह 8 बजे अचानक सफाई कर्मचारियों ने हमारे घर के बाहर कूड़ा डालना शुरू कर दिया। हम लोगों ने उन्हें रोकना चाहा तो वे उग्र हो गए। हमारे गेट को भी तोड़ दिया। बदबू के चलते मोहल्ले के लोगों को भी परेशानी होने लगी। हम लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन लोगों को रोकने का प्रयास किया तो सफाई कर्मचारी पुलिस से भिड़ गए। मामला तूल पकड़ता देख सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर वाल्मीकि धामा मौके पर पहुंचे तो उनके साथ पुलिस की हॉट टॉक हो गई। यूनियन लीडर ने कूड़ा घर के सामने फेंकने को कहा सुधीर वाल्मीकि का कहना है कि सोमवार को पालिका कर्मचारी नोटिस लेकर कांग्रेस नेता जमील अंसारी के आवास पर पहुंचे थे। वहां कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गई। जमील अंसारी ने ईओ राजीव कुमार से फोन पर भी अभद्रता की। यह जानकारी कर्मचारियों ने उन्हें दी। इसके बाद उन्होंने विरोध जताते हुए कांग्रेस नेता को सबक सिखाने के लिए उनके घर के सामने शहर का कचरा डालने का ऐलान किया। सुधीर वाल्मीकि का कहना है कि जमील को हमारे अधिकारी से ऐसे बात नहीं करनी चाहिए। अगर पालिका अफसर से कोई अभद्र व्यवहार करेगा तो हम उसे ऐसे ही सबक सिखाएंगे। इसलिए हमने जमील अंसारी के आवास के सामने कूड़ा करकट से भरी ट्राली पलट दी। दो घंटे का समय मांगा तो दरोगा भड़के सुधीर वाल्मीकि का आरोप है कि खतौली थाने में तैनात दरोगा सूर्य प्रताप सफाई कर्मचारियों को रोकने पहुंचे। उन्होंने दरोगा से दो घंटे का समय मांगा और कहा कि उसके बाद वे खुद ही चले जाएंगे। दरोगा नहीं माने और कूड़ा हटाने के लिए कहने लगे। इसी बात पर दरोगा और सफाई कर्मचारियों के बीच नोकझोंक हो गई। आरोप है कि दरोगा ने जातिसूचक शब्द कहे। इससे मामला भड़क गया। इसके बाद सुधीर वाल्मीकि और अन्य कर्मचारी कूड़ा फेंककर पालिका कार्यालय पहुंचे। वहां आनन-फानन में बैठक हुई और हड़ताल की योजना बनाने लगे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा इसी बीच थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र बघेल समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ने लगी। पुलिस ने बल प्रयोग किया। लाठीचार्ज कर कर्मचारियों को खदेड़ दिया। यूनियन अध्यक्ष समेत कुछ कर्मचारियों को पकड़ लिया। उन्हें धक्के मारते हुए थाने ले जाया गया। इसके बाद सफाई कर्मचारी आक्रोशित हो गए। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।
तुरंत हड़ताल की चेतावनी दे दी। 10 घंटे बाद पहुंचे अफसर करीब 10 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। शाम 6 बजे नगर पालिका अध्यक्ष शाहनवाज लालू, ईओ राजीव कुमार और थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र बघेल मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कर्मचारियों को शांत कराया। समझाकर मामला संभालने की कोशिश की। कर्मचारियों ने दरोगा पर कार्रवाई की मांग की। अफसरों ने दरोगा सूर्य प्रताप का दो दिन में तबादला करने का भरोसा दिया। साथ ही कांग्रेस नेता जमील अंसारी पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद कस्टडी में लिए गए कर्मचारी नेता को छोड़ दिया गया। पुलिस ने आनन-फानन में जमील अंसारी पर केस दर्ज किया। उन पर गाली-गलौज और ऑन ड्यूटी अफसर को धमकाने समेत कई धाराएं लगाई गईं। बुधवार सुबह उन्हें घर से गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। —————————– ये खबर भी पढ़ें गाजियाबाद में दिनदहाड़े ATM कैश वैन से 20 लाख लूटे:ड्राइवर को बंधक बनाया, फायरिंग की; 8 किमी दूर वैन छोड़कर भागे गाजियाबाद में बुधवार दोपहर 1 बजे 3 बदमाशों ने 20 लाख रुपए से भरी ATM कैश वैन लूट ली। इंडिया वन कंपनी की इस कैश वैन के ड्राइवर को बदमाशों ने बंधक बना लिया और फायरिंग भी की। इसके बाद कैश वैन लेकर एक्सप्रेस-वे के रास्ते हापुड़ की ओर भाग निकले। ड्राइवर को डरा-धमकाकर गाड़ी से नीचे उतार दिया। पूरी खबर पढ़ें