आगरा में शुक्रवार को एक किसान डीएम ऑफिस एक किलो सब्जी लेकर पहुंच गया। डीएम से कहने लगा कि साहब आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, मेरा काम हो गया। अब आप मेरी लाई हुई ये सब्जी ले लीजिए। इसके बाद किसान ने ककोड़े से भरा झोला डीएम की मेज पर रख दिया। किसान का ये भोलापन देख डीएम मनीष बंसल मुस्कुरा उठे। उन्होंने कहा ये तो अनमोल है। मैं इसे कैसे मना कर सकता हूं। दरअसल, किसान तीन साल से अपनी जमीन की पैमाइश के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रहा था। डीएम से फरियाद के बाद उसका ये काम जल्दी हो गया। अब पूरा मामला विस्तार से… बाह तहसील के बसई अरेला के रहने वाले किसान रामप्रकाश जमीन की पैमाइश के लिए पिछले कई सालों से परेशान थे। उनका आरोप था कि कई शिकायतों के बावजूद राजस्व निरीक्षक और लेखपाल उनकी समस्या का हल निकालने के बजाय मामले को टालते रहे। बीती 6 जुलाई को समाधान दिवस के दौरान किसान ने अपनी शिकायत डीएम मनीष बंसल के सामने रखी थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही संबंधित अफसरों से जवाब-तलब किया। उनसे किसान की जमीन की पैमाइश न होने पर नाराजगी जताई थी। 3 साल से चक्कर लगा रहे थे किसान रामप्रकाश रामप्रकाश ने डीएम से शिकायत में बताया था कि 3 साल से राजस्व निरीक्षक व लेखपाल उसकी जमीन की पैमाइश नहीं कर रहे। शिकायत करने पर गलत रिपोर्ट लगाकर टालमटोल कर रहे हैं। डीएम ने मौके पर ही संबंधित राजस्व निरीक्षक से जवाब तलब किया। उनके साथ साथ लेखपाल को भी पैमाइश न करने पर फटकार लगाई। डीएम के निर्देश के बाद रामप्रकाश की जमीन की पैमाइश कराई गई। इसके बाद उनकी ये समस्या खत्म हो गई। इसी खुशी में वह शुक्रवार दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे। डीएम को धन्यवाद देने के लिए वह अपने खेत से एक किलो ककोड़े लेकर गए थे। डीएम मुस्कुराते हुए बोले- ये मेरे लिए अनमोल तोहफा किसान रामप्रकाश शुक्रवार को जनता दर्शन के दौरान डीएम के पास पहुंचे। उसने बताया कि साहब आपके सुनवाई करने से मेरी जमीन की पैमाइश हो गई है। मुझे और मेरे परिवार की बड़ी समस्या आज हल हो गई है। इसलिए वह ककोड़े लेकर आया है। डीएम मनीष बंसल ने बताया- रामप्रकाश बहुत प्यार से इतना अनमोल तोहफा लेकर आया था, उसे कैसे लौटा सकते थे। उसका यह उपहार हमने स्वीकार किया है। इसके साथ ही सभी राजस्व अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे तहसील दिवस के अलावा जनता दर्शन-जनसुनवाई में शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। अब बात उस ककोड़ा की, जो किसान डीएम के पास लेकर गया ककोड़ा नाम की सब्जी न तो किसी खेत में होती है और न ही बाजार में इसका बीज मिलता है। केवल जंगल या खेतों की बाउंड्री में जरूर लगा मिल जाता है। खास तौर से हाई ब्लडप्रेशर की बीमारी के लिए ककोड़ा बहुत कारगर दवा है। हेल्थ के लिए फायदेमंद है ककोड़ा कई बीमारियों में फायदेमंद है ककोड़ा —————- ये खबर भी पढ़ें… अतीक अहमद के 21 साल के बेटे की मौत: कार डिवाइडर से टकराई, आखिरी शब्द- मुझे बचा लो; झांसी जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान (21) की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह गुरुवार सुबह 5 बजे प्रयागराज से झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली से मिलने जा रहा था। क्रेटा कार में अबान के साथ उसके 4 दोस्त थे। यह खबर भी पढ़िए