मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। दोनों को जेल से भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया। पहले साहिल को लेकर पुलिस कोर्ट पहुंची। वह सफेद टोपी और राउंड नेक की टी-शर्ट पहने था। पुलिस की गाड़ी से उतरने के बाद उसने सिर नीचे झुका लिया, सिपाहियों के इशारे पर चलता रहा। कुछ वकीलों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीछे धकेल दिया। इसके बाद साहिल को लेकर पुलिसकर्मी कोर्ट पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिस मुस्कान को लेकर पहुंची। वह पीले रंग का प्रिंटेड सूट और काला दुपट्टा पहने थी। चेहरे पर काला मास्क लगा रखा था। गोद में 5 महीने की बच्ची लिए थी। नजर झुकाए मुस्कान कोर्ट में प्रवेश कर गई। बच्ची को भी दुपट्टे से लपेट रखा था। चारों तरफ पुलिस का घेरा था, जिसने किसी को भी मुस्कान की तरफ आने नहीं दिया। 18 मार्च को मुस्कान को पति सौरभ की हत्या में गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था, तब से अब यानी करीब 13 महीने बाद वह पहली बार नजर आई है। साहिल से ठीक पहले सौरभ की मां और भाई भी कोर्ट पहुंचे थे। उन्हें पुलिसकर्मियों ने पहले ही रोक दिया। नीला ड्रम कांड के नाम से चर्चित इस मामले में अब धारा- 313 की कार्रवाई शुरू हो गई है। यानी जज अब सीधे आरोपियों से सवाल-जवाब कर रहे हैं। सुनवाई की पहली तारीख 15 अप्रैल तय थी, लेकिन विशेष कारणों से उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद 18 अप्रैल की तारीख लगी, लेकिन उस दिन भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अब इस मामले में 21 अप्रैल यानी आज सुनवाई हो रही है। पहले देखिए मुस्कान के कोर्ट आने की तस्वीरें 22 गवाहों की गवाही पूरी मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ हत्याकांड में अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इन गवाहियों के बाद अभियोजन पक्ष के साक्ष्य (एविडेंस) बंद हो गए हैं। अब कोर्ट में धारा 313 की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद अंतिम बहस (फाइनल आर्ग्युमेंट) होगी और फिर अदालत अपना फैसला सुनाएगी। खुद पर लगे आरोपों पर जवाब देंगे मुस्कान और साहिल के खिलाफ 22 गवाहों ने अदालत में कई अहम बयान दिए हैं, जिनमें दोनों पर मिलकर सौरभ की हत्या करने के आरोप लगाए गए हैं। अब इन्हीं गवाहियों के आधार पर दोनों आरोपियों से करीब 15 से 20 सवाल पूछे जाएंगे, जिनका उन्हें जवाब देना होगा।
अगर आरोपी अपने ऊपर लगे आरोपों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो यह उनके खिलाफ जा सकता है। धारा 313 की यह पूरी प्रक्रिया करीब 1 से 2 घंटे तक चल सकती है। सुरक्षा कारणों से ऑनलाइन पेशी आम तौर पर धारा 313 के तहत आरोपी को कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होता है, लेकिन मुस्कान और साहिल की सुरक्षा को देखते हुए उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाएगी। पिछली पेशी के दौरान कचहरी में वकीलों ने दोनों पर हमला कर दिया था। वहीं, अस्पताल में डिलीवरी के दौरान भी मुस्कान के आसपास भीड़ जमा हो गई थी।
अब पूरा मामला जानिए… 25 फरवरी, 2025 को मुस्कान का जन्मदिन था। ठीक एक दिन पहले 24 फरवरी को सौरभ जन्मदिन मनाने मेरठ आया था। सौरभ के वापस आने के बाद साहिल परेशान रहने लगा। तय हुआ कि 4 मार्च को सौरभ को रास्ते से हटाना है। मुस्कान ने पहले पीहू को बेडरूम के बगल वाले कमरे में सुला दिया। उस रात डिनर में नशे की दवा मिला दी। सौरभ खाने के बाद जल्दी सो गया। इसके बाद मुस्कान ने साहिल को फोन किया। साहिल के आने के बाद मुस्कान ने सौरभ के सीने में चाकू घोंप दिया। सौरभ की मौत होने के बाद उसकी लाश को घसीटकर बाथरूम में ले गए। मुस्कान और साहिल ने मिलकर लाश के 4 टुकड़े किए। उन्हें छिपाने के लिए बाजार से पानी भरने वाला एक बड़ा प्लास्टिक का ड्रम लाए। लाश के टुकड़े इसी ड्रम में भर दिए गए थे।
अब जानिए किस गवाह ने कोर्ट में क्या कहा…
‘भाई की हत्या मुस्कान और साहिल ने की’ सौरभ से लगातार हमारी बात नहीं हो रही थी। हमें चिंता हुई कि मेरी अपने भाई से बात क्यों नहीं हो रही? 17 मार्च को किसी ने बताया कि भाई की बॉडी उसके घर में पड़ी है। जब मैं गया तो वहां एक लाश थी, जो मेरे छोटे भाई सौरभ की थी। हत्या मेरे भाई की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने की थी। मुस्कान और सौरभ ने लव मैरिज की थी। सौरभ लंदन में जॉब करता था। वह मुस्कान और अपनी बेटी पीहू का बर्थडे मनाने मेरठ आया था। इसके बाद वह अचानक कहां गायब हुआ, हमें भी नहीं पता चला। सौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू को लगातार 8 बार गवाही के लिए बुलाया गया। साहिल-मुस्कान की तरफ से केस लड़ रहीं सरकारी वकील रेखा जैन ने उनसे तमाम सवाल पूछे। ‘लाश को नीले ड्रम में छिपाया गया’ केस की मैंने तहरीर लिखी थी। इसमें बताया गया था कि ब्रह्मपुरी में एक घर में नीले रंग के ड्रम में लाश मिली थी। इसके बाद मृतक सौरभ के भाई राहुल की तरफ से मैंने तहरीर लिखवाई थी। इसमें मुस्कान नामक महिला के अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या करने की बात सामने आई थी। हत्या के बाद लाश को नीले ड्रम में छिपाया गया था। मुस्कान ने प्रेमी के साथ मिलकर बेटे को मार डाला मेरे छोटे बेटे सौरभ को मोहल्ले की रहने वाली मुस्कान रस्तोगी से प्यार हो गया था। हमारे बार-बार मना करने के बावजूद सौरभ ने मुस्कान से शादी कर ली। शादी के बाद जब मुस्कान ससुराल में हमारे यहां रहती थी, उसका रवैय्या बहुत खराब था। वो सौरभ का बिल्कुल ख्याल नहीं रखती थी। वो हमारे पूरे परिवार से लड़ती थी। शादी से पहले भी मुस्कान, साहिल से मिलती-जुलती रहती थी। जब सौरभ लंदन चला गया, तब भी मुस्कान और साहिल अक्सर मिलते थे। एक बार मुस्कान घर छोड़कर चुपचाप अपने प्रेमी साहिल के साथ कहीं चली गई थी। बाद में उसे पुलिस की मदद से तलाश कराया था। तब भी सौरभ ने मुस्कान को साहिल से दूर रहने के लिए कहा था। लेकिन, वो नहीं मानी। मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर मेरे बेटे को मार डाला। ‘साहिल को सौरभ के यहां रात में जाते देखा’ मैं वहीं ब्रह्मपुरी में रहता हूं। सौरभ को मैं जानता हूं। मेरा घर भी उसी गली में है। मैंने 3 मार्च की रात आगे की गली में रहने वाले साहिल को सौरभ के यहां रात में जाते हुए देखा था। उस दिन घर पर सौरभ और मुस्कान थे। रात को साहिल भी मुस्कान के घर गया था। 17 मार्च को हमें पता चला कि साहिल-मुस्कान ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी है। उसकी डेडबॉडी उसी घर में नीले ड्रम में मिली। वहां काफी पुलिस भी आई थी। ‘पेपर में फोटो देखी तो पहचाना मेरे यहां से चाकू खरीदा था’ मेरे पास एक लड़की चाकू लेने आई थी। उसने मुझसे कहा कि मुझे सब्जी-फ्रूट काटने के लिए चाकू चाहिए। इसके बाद उस महिला ने चाकू-उस्तरा देखा और लेकर घर चली गई। बाद में अखबार में जब उस लड़की की फोटो छपी, उसमें लिखा कि इसका नाम मुस्कान है। इसने अपने पति की प्रेमी के साथ मिलकर हत्या कर दी है। मैंने वो फोटो देखा तो लड़की को पहचान गया। यह वही लड़की थी, जिसने मेरी दुकान से कुछ दिन पहले ही चाकू और उस्तरा खरीदा था। ‘मेरे यहां से नीला ड्रम खरीदकर ले गए थे’ मेरी घंटाघर के पास प्लास्टिक का ड्रम बेचने की दुकान है। ये ड्रम लोग घर में राशन की स्टोरेज के लिए खासतौर पर ले जाते हैं। इसके अलावा इन ड्रम का इस्तेमाल दूध रखने, घरों में सामान रखने के लिए किया जाता है। मुस्कान-साहिल मेरे पास ड्रम खरीदने आए थे। उन्होंने मुझसे कहा कि गेहूं रखने के लिए एक बड़ा ड्रम चाहिए। 1200 लीटर का नीले रंग का प्लास्टिक का ड्रम उन्हें पसंद आया था। जिसे वो दोनों खरीदकर ई-रिक्शे में अपने साथ ले गए थे। मैंने उन्हें ये ड्रम बेचा था। जब मैंने मीडिया चैनलों में देखा कि ब्रह्मपुरी में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ अपने पति की हत्या कर लाश नीले ड्रम में भर दी। मैंने उसकी तस्वीर देखी तो याद आया कि ये तो वही लड़का-लड़की हैं, जो मेरे यहां से नीला ड्रम खरीदकर ले गए थे। ‘मुस्कान-साहिल बालू-सीमेंट ले गए थे’ मेरी शारदा रोड पर बालू-सीमेंट बेचने की दुकान है। मेरे यहां एक लड़का-लड़की ई-रिक्शा में आए थे। उन्होंने मुझसे 1 बोरी बालू और 2 बोरी सीमेंट खरीदा। उसे रिक्शा में लेकर गए थे। मुझे नहीं पता था कि ये लोग सीमेंट-बालू क्यों ले जा रहे? नॉर्मल कस्टमर की तरह मैंने उनको सीमेंट, बालू बेचा था, जिसकी डिटेल भी मेरे पास है। बाद में जब सौरभ की हत्या की खबर मीडिया पर देखी तो मैं उस लड़की-लड़का को पहचान गया। ये मुस्कान-साहिल ही थे, जो मेरी दुकान से ही सीमेंट-बालू लेकर गए थे। ‘मैंने सिर्फ बुखार-सिरदर्द की दवाएं लिखीं’ मुस्कान मेरे पास चेकअप कराने आई थी। उसने मुझे बताया कि उसे बुखार है, मन अच्छा नहीं लग रहा। काफी वीकनेस हो रही है। तब मैंने उसे अपने पर्चे पर प्रिस्क्रिप्शन लिखकर दिया था। इसमें मैंने बुखार और सिरदर्द की दवाएं लिखी थीं। कहा था कि ये दवा खा लेना तो तबीयत सही हो जाएगी। वो मेरा ही पर्चा था। लेकिन, मैंने अपने पर्चे में कहीं भी नशे की दवा मिजोलम नहीं लिखी थी। जो मुस्कान ने दवा दुकान से खरीदा, वो दवाएं मैंने नहीं लिखी थी। मैंने मुस्कान को बुखार, कमजोरी की दवा ही अपने पर्चे पर लिखकर दी थी। ‘मेरी दुकान से दवा खरीदी’ मेरी खैरनगर में काफी पुरानी दवा की दुकान है। एक लड़की एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ हमारी दुकान पर स्कूटी से आई थी। वो बुजुर्ग आदमी दुकान के बाहर ही स्कूटी पर खड़ा रहा था। लड़की दुकान में अंदर आई। उसने मुझे डॉ. अरविंद कुमार देशवाल का एक प्रिस्क्रिप्शन दिखाया था। डॉक्टर के इस पर्चे पर मिजोलम सहित कुछ अन्य दवाएं लिखी थीं। ये एंजाइटी और न्यूरो की दवाएं थी। न्यूरो की दवाएं हम बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं देते हैं। लेकिन, उस लड़की के पास डॉक्टर के पर्चे पर ये दवाएं लिखी थीं। लड़की ने वो पर्चा मुझे अपने मोबाइल में दिखाया था। डॉक्टर का पर्चा देखकर मैंने उस लड़की को वो दवाएं, मिजोलम दे दिया। पैसे देकर वो लड़की वापस उसी बुजुर्ग आदमी के साथ स्कूटी पर लौट गई थी। बाद में मीडिया के जरिए पता चला कि सौरभ नाम के लड़के का उसकी पत्नी ने मर्डर कर दिया है। जब मैंने उस लड़की का चेहरा पेपर में देखा तो वो वही लड़की थी, जिसने मेरी दुकान से दवा खरीदी थी। उसका नाम मुस्कान था, जिसकी तस्दीक ऑनलाइन मुझसे कराई गई। ‘ड्रम में सिरकटी लाश थी’ मुझे ब्रह्मपुरी थाना पुलिस की तरफ से सूचना देकर बुलाया गया। पुलिसकर्मी मुझे लेकर मेडिकल अस्पताल की मोर्चरी पर ले गए। जहां मुझे एक नीले रंग का ड्रम दिखाया गया। कहा, इसको काटो। मैंने पहले ड्रम को ऊपर ढक्कन की तरफ से खोलने का प्रयास किया- वो नहीं खुला। ढक्कन जाम था। ड्रम काफी भारी था, पता नहीं उसमें क्या भरा था? इसके बाद मैंने ड्रम को ढक्कन की ओर से काटने का प्रयास किया, लेकिन वो कटा नहीं था। तब मैंने ड्रम को लंबाई में काटना शुरू किया। मैंने पुलिस की मौजूदगी में एक नीले ड्रम को काटा था। ड्रम के कटते ही उसके अंदर से पूरा जमा हुआ बहुत सारा सीमेंट निकला था। सीमेंट में तकिए के 2 खोल निकले थे। एक सिरकटी लाश थी। दो कलाइयां भी निकलीं। साथ में उस्तरा, चाकू भी निकला। ये लाश उसी लड़के सौरभ की थी, जिसको उसकी पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर मारा था। यह मैंने अखबार में पढ़ा था। ‘तीन टुकड़ों में मिली थी सौरभ की लाश’ ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में सौरभ नाम के युवक की हत्या का मामला सामने आया था। प्लास्टिक के नीले ड्रम के अंदर एक युवक की सीमेंट में जमी लाश मिली थी। ड्रम को लेबर से कटवाया था। जिसके अंदर 3 टुकड़ों में सौरभ की लाश मिली थी। लाश की कलाई और सिर अलग थे। लगातार सीमेंट में दबे रहने से लाश जगह-जगह से सफेद हो चुकी थी। मैंने ही उसका पंचनामा भरा था। ‘काफी ब्रूटली तरके से हत्या हुई’ नीले ड्रम के अंदर से एक सौरभ नाम के लड़के की लाश निकली थी। उसका पोस्टमॉर्टम मैंने ही किया था। लाश के हाथ कलाई और बॉडी से अलग थे। सिर भी अलग से कटा हुआ रखा था। एक तरफ धड़ था। सौरभ के शरीर पर, छाती पर दाहिने तरफ निप्पल के ऊपर चाकू से 3 बार वार किया गया था। उसके निशान थे। उसकी बॉडी में नशीला पदार्थ (कुछ खाना) निकला था। जो मरने से पहले खाया गया था। शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से वार के निशान भी थे। काफी ब्रूटली उसकी हत्या की गई थी। ‘दोनों दोबारा घूमने जाने के लिए कह रहे थे’ मुस्कान और साहिल दोनों मेरी कैब में मेरठ के दिल्ली रोड से कसोल, मनाली, मसूरी घूमने गए थे। मुझे अपनी कंपनी से ही ये बुकिंग मिली थी। मुझे नहीं पता था कि मुस्कान-साहिल दोनों कौन हैं? ये दोनों मेरे साथ कैब में घूमते रहते थे। दोनों एक दूसरे को पति-पत्नी की तरह ट्रीट करते थे। दोनों ने यात्रा के दौरान शराब भी पी थी। मुझे नहीं पता था कि ये दोनों सौरभ की हत्या करके मेरे साथ घूमने आए हैं। मैंने उनको मेरठ में वापस ड्रॉप किया था। इसके बाद 19 मार्च को मैंने अखबार में सौरभ हत्याकांड की खबर पढ़ी। मुस्कान-साहिल की तस्वीर लगी थी, तब मुझे पता चला कि ये दोनों तो वहीं हैं जो मेरी कैब में पिछले 10 दिनों तक घूमे थे। दोबारा घूमने जाने की बात भी कह रहे थे। ‘लाश को ड्रम में छिपाया था’ ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में एक घर में लाश मिलने की सूचना पर हमारी टीमें मौके पर गई। वहां पता चला कि लाश को प्लास्टिक के नीले ड्रम में छिपाया गया है। इसके बाद टीमों ने वहां जांच की थी। बाद में पता चला कि मुस्कान नाम की लड़की ने अपने पति सौरभ की प्रेमी साहिल के साथ मिलकर हत्या की है। लाश ड्रम में छिपाई थी। ‘लाश नीले ड्रम में छिपा रखा थी’ ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में एक घर में लाश मिलने की सूचना पर हमारी टीमें मौके पर गई। पता चला कि लाश को प्लास्टिक के नीले ड्रम में छिपाया गया है। इसके बाद टीमों ने वहां जांच की थी। बाद में पता चला कि मुस्कान नामक लड़की ने अपने पति सौरभ की प्रेमी साहिल के साथ मिलकर हत्या की है। लाश को ड्रम में छिपाया था। मुस्कान-साहिल की कॉल डिटेल रिपोर्ट दी थी पुलिस की तरफ से हमसे कुछ नंबरों की कॉल डिटेल मांगी गई थी। इस कॉल डिटेल की रिपोर्ट और मोबाइल लोकेशन हमने दी थी। ये बातचीत मुस्कान और साहिल के बीच की है। साथ ही सौरभ की भी कॉल डिटेल उसमें शामिल है। ‘कमरे की दीवारों पर थे खून के छींटे’ ब्रह्मपुरी में एक मकान में नीले ड्रम में लाश मिली थी। इसके बाद हमारी टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने वहां से खून के नमूने लिए थे। खून के छींटे कमरे की दीवारों से लेकर छत तक में थे। कमरे में एक नीले रंग का सूटकेस भी मिला था, जिसमें खून लगा था। बेड पर जो चादर और गद्दा था, उस पर भी खून था। पुलिस की तरफ से हमसे कुछ नंबरों की कॉल डिटेल मांगी गई थी। इस कॉल डिटेल की रिपोर्ट और मोबाइल लोकेशन हमने दी थी। ये बातचीत मुस्कान और साहिल के बीच की है। साथ ही सौरभ की भी कॉल डिटेल उसमें शामिल है। ‘खुद को हसबैंड-वाइफ बताया था’ मुस्कान साहिल दोनों हमारे होटल में आकर रुके थे। दोनों ने एक-दूसरे को पति-पत्नी बताया था। आधार कार्ड भी सबमिट किया था। इसके बाद ही रुके थे।
‘दोनों हमारे होटल में रुके थे’
मुस्कान और साहिल दोनों हमारे होटल में आकर रुके थे। दोनों ने एक दूसरे को पति-पत्नी बताया था। आधार कार्ड भी दिया था। दोनों ने हमें बताया था कि वो हसबैंड-वाइफ हैं। ‘खुद को पति-पत्नी बताया था’ मुस्कान-साहिल दोनों हमारे होटल में आकर रुके थे। दोनों ने एक-दूसरे को पति और पत्नी बताया था। आधार कार्ड भी सबमिट किया था। दोनों ने हमें बताया था कि वो हसबैंड-वाइफ हैं। इसके बाद रुके थे। ‘फोन उठाते ही कहा डिस्टर्ब मत करो’ सौरभ मेरा बचपन का दोस्त था। हम एक साथ एक स्कूल में 10वीं क्लास तक पढ़े थे। मुझे पता चला कि सौरभ लंदन से इंडिया आया है, तो मैं उससे मिलकर बात करना चाहता था। मैं सौरभ को लगातार फोन रहा था, लेकिन उससे बात नहीं हो पा रही थी। तब 8 मार्च, 2025 को मैंने दोबारा सौरभ के नंबर पर कॉल किया। फोन उसकी पत्नी मुस्कान ने रिसीव किया था। मुस्कान ने फोन उठाते ही कहा कि हमें डिस्टर्ब मत करो। सौरभ बिजी है, हम बाहर घूमने आए हैं। तुम हमें कॉल करके बार-बार डिस्टर्ब कर रहे हो। उसने मुझे गाली भी दी थी। मेरी सौरभ से बात नहीं कराई।
अगर आरोपी अपने ऊपर लगे आरोपों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो यह उनके खिलाफ जा सकता है। धारा 313 की यह पूरी प्रक्रिया करीब 1 से 2 घंटे तक चल सकती है। सुरक्षा कारणों से ऑनलाइन पेशी आम तौर पर धारा 313 के तहत आरोपी को कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देना होता है, लेकिन मुस्कान और साहिल की सुरक्षा को देखते हुए उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाएगी। पिछली पेशी के दौरान कचहरी में वकीलों ने दोनों पर हमला कर दिया था। वहीं, अस्पताल में डिलीवरी के दौरान भी मुस्कान के आसपास भीड़ जमा हो गई थी।
अब पूरा मामला जानिए… 25 फरवरी, 2025 को मुस्कान का जन्मदिन था। ठीक एक दिन पहले 24 फरवरी को सौरभ जन्मदिन मनाने मेरठ आया था। सौरभ के वापस आने के बाद साहिल परेशान रहने लगा। तय हुआ कि 4 मार्च को सौरभ को रास्ते से हटाना है। मुस्कान ने पहले पीहू को बेडरूम के बगल वाले कमरे में सुला दिया। उस रात डिनर में नशे की दवा मिला दी। सौरभ खाने के बाद जल्दी सो गया। इसके बाद मुस्कान ने साहिल को फोन किया। साहिल के आने के बाद मुस्कान ने सौरभ के सीने में चाकू घोंप दिया। सौरभ की मौत होने के बाद उसकी लाश को घसीटकर बाथरूम में ले गए। मुस्कान और साहिल ने मिलकर लाश के 4 टुकड़े किए। उन्हें छिपाने के लिए बाजार से पानी भरने वाला एक बड़ा प्लास्टिक का ड्रम लाए। लाश के टुकड़े इसी ड्रम में भर दिए गए थे।
अब जानिए किस गवाह ने कोर्ट में क्या कहा…
‘भाई की हत्या मुस्कान और साहिल ने की’ सौरभ से लगातार हमारी बात नहीं हो रही थी। हमें चिंता हुई कि मेरी अपने भाई से बात क्यों नहीं हो रही? 17 मार्च को किसी ने बताया कि भाई की बॉडी उसके घर में पड़ी है। जब मैं गया तो वहां एक लाश थी, जो मेरे छोटे भाई सौरभ की थी। हत्या मेरे भाई की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने की थी। मुस्कान और सौरभ ने लव मैरिज की थी। सौरभ लंदन में जॉब करता था। वह मुस्कान और अपनी बेटी पीहू का बर्थडे मनाने मेरठ आया था। इसके बाद वह अचानक कहां गायब हुआ, हमें भी नहीं पता चला। सौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू को लगातार 8 बार गवाही के लिए बुलाया गया। साहिल-मुस्कान की तरफ से केस लड़ रहीं सरकारी वकील रेखा जैन ने उनसे तमाम सवाल पूछे। ‘लाश को नीले ड्रम में छिपाया गया’ केस की मैंने तहरीर लिखी थी। इसमें बताया गया था कि ब्रह्मपुरी में एक घर में नीले रंग के ड्रम में लाश मिली थी। इसके बाद मृतक सौरभ के भाई राहुल की तरफ से मैंने तहरीर लिखवाई थी। इसमें मुस्कान नामक महिला के अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या करने की बात सामने आई थी। हत्या के बाद लाश को नीले ड्रम में छिपाया गया था। मुस्कान ने प्रेमी के साथ मिलकर बेटे को मार डाला मेरे छोटे बेटे सौरभ को मोहल्ले की रहने वाली मुस्कान रस्तोगी से प्यार हो गया था। हमारे बार-बार मना करने के बावजूद सौरभ ने मुस्कान से शादी कर ली। शादी के बाद जब मुस्कान ससुराल में हमारे यहां रहती थी, उसका रवैय्या बहुत खराब था। वो सौरभ का बिल्कुल ख्याल नहीं रखती थी। वो हमारे पूरे परिवार से लड़ती थी। शादी से पहले भी मुस्कान, साहिल से मिलती-जुलती रहती थी। जब सौरभ लंदन चला गया, तब भी मुस्कान और साहिल अक्सर मिलते थे। एक बार मुस्कान घर छोड़कर चुपचाप अपने प्रेमी साहिल के साथ कहीं चली गई थी। बाद में उसे पुलिस की मदद से तलाश कराया था। तब भी सौरभ ने मुस्कान को साहिल से दूर रहने के लिए कहा था। लेकिन, वो नहीं मानी। मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर मेरे बेटे को मार डाला। ‘साहिल को सौरभ के यहां रात में जाते देखा’ मैं वहीं ब्रह्मपुरी में रहता हूं। सौरभ को मैं जानता हूं। मेरा घर भी उसी गली में है। मैंने 3 मार्च की रात आगे की गली में रहने वाले साहिल को सौरभ के यहां रात में जाते हुए देखा था। उस दिन घर पर सौरभ और मुस्कान थे। रात को साहिल भी मुस्कान के घर गया था। 17 मार्च को हमें पता चला कि साहिल-मुस्कान ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी है। उसकी डेडबॉडी उसी घर में नीले ड्रम में मिली। वहां काफी पुलिस भी आई थी। ‘पेपर में फोटो देखी तो पहचाना मेरे यहां से चाकू खरीदा था’ मेरे पास एक लड़की चाकू लेने आई थी। उसने मुझसे कहा कि मुझे सब्जी-फ्रूट काटने के लिए चाकू चाहिए। इसके बाद उस महिला ने चाकू-उस्तरा देखा और लेकर घर चली गई। बाद में अखबार में जब उस लड़की की फोटो छपी, उसमें लिखा कि इसका नाम मुस्कान है। इसने अपने पति की प्रेमी के साथ मिलकर हत्या कर दी है। मैंने वो फोटो देखा तो लड़की को पहचान गया। यह वही लड़की थी, जिसने मेरी दुकान से कुछ दिन पहले ही चाकू और उस्तरा खरीदा था। ‘मेरे यहां से नीला ड्रम खरीदकर ले गए थे’ मेरी घंटाघर के पास प्लास्टिक का ड्रम बेचने की दुकान है। ये ड्रम लोग घर में राशन की स्टोरेज के लिए खासतौर पर ले जाते हैं। इसके अलावा इन ड्रम का इस्तेमाल दूध रखने, घरों में सामान रखने के लिए किया जाता है। मुस्कान-साहिल मेरे पास ड्रम खरीदने आए थे। उन्होंने मुझसे कहा कि गेहूं रखने के लिए एक बड़ा ड्रम चाहिए। 1200 लीटर का नीले रंग का प्लास्टिक का ड्रम उन्हें पसंद आया था। जिसे वो दोनों खरीदकर ई-रिक्शे में अपने साथ ले गए थे। मैंने उन्हें ये ड्रम बेचा था। जब मैंने मीडिया चैनलों में देखा कि ब्रह्मपुरी में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ अपने पति की हत्या कर लाश नीले ड्रम में भर दी। मैंने उसकी तस्वीर देखी तो याद आया कि ये तो वही लड़का-लड़की हैं, जो मेरे यहां से नीला ड्रम खरीदकर ले गए थे। ‘मुस्कान-साहिल बालू-सीमेंट ले गए थे’ मेरी शारदा रोड पर बालू-सीमेंट बेचने की दुकान है। मेरे यहां एक लड़का-लड़की ई-रिक्शा में आए थे। उन्होंने मुझसे 1 बोरी बालू और 2 बोरी सीमेंट खरीदा। उसे रिक्शा में लेकर गए थे। मुझे नहीं पता था कि ये लोग सीमेंट-बालू क्यों ले जा रहे? नॉर्मल कस्टमर की तरह मैंने उनको सीमेंट, बालू बेचा था, जिसकी डिटेल भी मेरे पास है। बाद में जब सौरभ की हत्या की खबर मीडिया पर देखी तो मैं उस लड़की-लड़का को पहचान गया। ये मुस्कान-साहिल ही थे, जो मेरी दुकान से ही सीमेंट-बालू लेकर गए थे। ‘मैंने सिर्फ बुखार-सिरदर्द की दवाएं लिखीं’ मुस्कान मेरे पास चेकअप कराने आई थी। उसने मुझे बताया कि उसे बुखार है, मन अच्छा नहीं लग रहा। काफी वीकनेस हो रही है। तब मैंने उसे अपने पर्चे पर प्रिस्क्रिप्शन लिखकर दिया था। इसमें मैंने बुखार और सिरदर्द की दवाएं लिखी थीं। कहा था कि ये दवा खा लेना तो तबीयत सही हो जाएगी। वो मेरा ही पर्चा था। लेकिन, मैंने अपने पर्चे में कहीं भी नशे की दवा मिजोलम नहीं लिखी थी। जो मुस्कान ने दवा दुकान से खरीदा, वो दवाएं मैंने नहीं लिखी थी। मैंने मुस्कान को बुखार, कमजोरी की दवा ही अपने पर्चे पर लिखकर दी थी। ‘मेरी दुकान से दवा खरीदी’ मेरी खैरनगर में काफी पुरानी दवा की दुकान है। एक लड़की एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ हमारी दुकान पर स्कूटी से आई थी। वो बुजुर्ग आदमी दुकान के बाहर ही स्कूटी पर खड़ा रहा था। लड़की दुकान में अंदर आई। उसने मुझे डॉ. अरविंद कुमार देशवाल का एक प्रिस्क्रिप्शन दिखाया था। डॉक्टर के इस पर्चे पर मिजोलम सहित कुछ अन्य दवाएं लिखी थीं। ये एंजाइटी और न्यूरो की दवाएं थी। न्यूरो की दवाएं हम बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं देते हैं। लेकिन, उस लड़की के पास डॉक्टर के पर्चे पर ये दवाएं लिखी थीं। लड़की ने वो पर्चा मुझे अपने मोबाइल में दिखाया था। डॉक्टर का पर्चा देखकर मैंने उस लड़की को वो दवाएं, मिजोलम दे दिया। पैसे देकर वो लड़की वापस उसी बुजुर्ग आदमी के साथ स्कूटी पर लौट गई थी। बाद में मीडिया के जरिए पता चला कि सौरभ नाम के लड़के का उसकी पत्नी ने मर्डर कर दिया है। जब मैंने उस लड़की का चेहरा पेपर में देखा तो वो वही लड़की थी, जिसने मेरी दुकान से दवा खरीदी थी। उसका नाम मुस्कान था, जिसकी तस्दीक ऑनलाइन मुझसे कराई गई। ‘ड्रम में सिरकटी लाश थी’ मुझे ब्रह्मपुरी थाना पुलिस की तरफ से सूचना देकर बुलाया गया। पुलिसकर्मी मुझे लेकर मेडिकल अस्पताल की मोर्चरी पर ले गए। जहां मुझे एक नीले रंग का ड्रम दिखाया गया। कहा, इसको काटो। मैंने पहले ड्रम को ऊपर ढक्कन की तरफ से खोलने का प्रयास किया- वो नहीं खुला। ढक्कन जाम था। ड्रम काफी भारी था, पता नहीं उसमें क्या भरा था? इसके बाद मैंने ड्रम को ढक्कन की ओर से काटने का प्रयास किया, लेकिन वो कटा नहीं था। तब मैंने ड्रम को लंबाई में काटना शुरू किया। मैंने पुलिस की मौजूदगी में एक नीले ड्रम को काटा था। ड्रम के कटते ही उसके अंदर से पूरा जमा हुआ बहुत सारा सीमेंट निकला था। सीमेंट में तकिए के 2 खोल निकले थे। एक सिरकटी लाश थी। दो कलाइयां भी निकलीं। साथ में उस्तरा, चाकू भी निकला। ये लाश उसी लड़के सौरभ की थी, जिसको उसकी पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर मारा था। यह मैंने अखबार में पढ़ा था। ‘तीन टुकड़ों में मिली थी सौरभ की लाश’ ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में सौरभ नाम के युवक की हत्या का मामला सामने आया था। प्लास्टिक के नीले ड्रम के अंदर एक युवक की सीमेंट में जमी लाश मिली थी। ड्रम को लेबर से कटवाया था। जिसके अंदर 3 टुकड़ों में सौरभ की लाश मिली थी। लाश की कलाई और सिर अलग थे। लगातार सीमेंट में दबे रहने से लाश जगह-जगह से सफेद हो चुकी थी। मैंने ही उसका पंचनामा भरा था। ‘काफी ब्रूटली तरके से हत्या हुई’ नीले ड्रम के अंदर से एक सौरभ नाम के लड़के की लाश निकली थी। उसका पोस्टमॉर्टम मैंने ही किया था। लाश के हाथ कलाई और बॉडी से अलग थे। सिर भी अलग से कटा हुआ रखा था। एक तरफ धड़ था। सौरभ के शरीर पर, छाती पर दाहिने तरफ निप्पल के ऊपर चाकू से 3 बार वार किया गया था। उसके निशान थे। उसकी बॉडी में नशीला पदार्थ (कुछ खाना) निकला था। जो मरने से पहले खाया गया था। शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से वार के निशान भी थे। काफी ब्रूटली उसकी हत्या की गई थी। ‘दोनों दोबारा घूमने जाने के लिए कह रहे थे’ मुस्कान और साहिल दोनों मेरी कैब में मेरठ के दिल्ली रोड से कसोल, मनाली, मसूरी घूमने गए थे। मुझे अपनी कंपनी से ही ये बुकिंग मिली थी। मुझे नहीं पता था कि मुस्कान-साहिल दोनों कौन हैं? ये दोनों मेरे साथ कैब में घूमते रहते थे। दोनों एक दूसरे को पति-पत्नी की तरह ट्रीट करते थे। दोनों ने यात्रा के दौरान शराब भी पी थी। मुझे नहीं पता था कि ये दोनों सौरभ की हत्या करके मेरे साथ घूमने आए हैं। मैंने उनको मेरठ में वापस ड्रॉप किया था। इसके बाद 19 मार्च को मैंने अखबार में सौरभ हत्याकांड की खबर पढ़ी। मुस्कान-साहिल की तस्वीर लगी थी, तब मुझे पता चला कि ये दोनों तो वहीं हैं जो मेरी कैब में पिछले 10 दिनों तक घूमे थे। दोबारा घूमने जाने की बात भी कह रहे थे। ‘लाश को ड्रम में छिपाया था’ ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में एक घर में लाश मिलने की सूचना पर हमारी टीमें मौके पर गई। वहां पता चला कि लाश को प्लास्टिक के नीले ड्रम में छिपाया गया है। इसके बाद टीमों ने वहां जांच की थी। बाद में पता चला कि मुस्कान नाम की लड़की ने अपने पति सौरभ की प्रेमी साहिल के साथ मिलकर हत्या की है। लाश ड्रम में छिपाई थी। ‘लाश नीले ड्रम में छिपा रखा थी’ ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में एक घर में लाश मिलने की सूचना पर हमारी टीमें मौके पर गई। पता चला कि लाश को प्लास्टिक के नीले ड्रम में छिपाया गया है। इसके बाद टीमों ने वहां जांच की थी। बाद में पता चला कि मुस्कान नामक लड़की ने अपने पति सौरभ की प्रेमी साहिल के साथ मिलकर हत्या की है। लाश को ड्रम में छिपाया था। मुस्कान-साहिल की कॉल डिटेल रिपोर्ट दी थी पुलिस की तरफ से हमसे कुछ नंबरों की कॉल डिटेल मांगी गई थी। इस कॉल डिटेल की रिपोर्ट और मोबाइल लोकेशन हमने दी थी। ये बातचीत मुस्कान और साहिल के बीच की है। साथ ही सौरभ की भी कॉल डिटेल उसमें शामिल है। ‘कमरे की दीवारों पर थे खून के छींटे’ ब्रह्मपुरी में एक मकान में नीले ड्रम में लाश मिली थी। इसके बाद हमारी टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने वहां से खून के नमूने लिए थे। खून के छींटे कमरे की दीवारों से लेकर छत तक में थे। कमरे में एक नीले रंग का सूटकेस भी मिला था, जिसमें खून लगा था। बेड पर जो चादर और गद्दा था, उस पर भी खून था। पुलिस की तरफ से हमसे कुछ नंबरों की कॉल डिटेल मांगी गई थी। इस कॉल डिटेल की रिपोर्ट और मोबाइल लोकेशन हमने दी थी। ये बातचीत मुस्कान और साहिल के बीच की है। साथ ही सौरभ की भी कॉल डिटेल उसमें शामिल है। ‘खुद को हसबैंड-वाइफ बताया था’ मुस्कान साहिल दोनों हमारे होटल में आकर रुके थे। दोनों ने एक-दूसरे को पति-पत्नी बताया था। आधार कार्ड भी सबमिट किया था। इसके बाद ही रुके थे।
‘दोनों हमारे होटल में रुके थे’
मुस्कान और साहिल दोनों हमारे होटल में आकर रुके थे। दोनों ने एक दूसरे को पति-पत्नी बताया था। आधार कार्ड भी दिया था। दोनों ने हमें बताया था कि वो हसबैंड-वाइफ हैं। ‘खुद को पति-पत्नी बताया था’ मुस्कान-साहिल दोनों हमारे होटल में आकर रुके थे। दोनों ने एक-दूसरे को पति और पत्नी बताया था। आधार कार्ड भी सबमिट किया था। दोनों ने हमें बताया था कि वो हसबैंड-वाइफ हैं। इसके बाद रुके थे। ‘फोन उठाते ही कहा डिस्टर्ब मत करो’ सौरभ मेरा बचपन का दोस्त था। हम एक साथ एक स्कूल में 10वीं क्लास तक पढ़े थे। मुझे पता चला कि सौरभ लंदन से इंडिया आया है, तो मैं उससे मिलकर बात करना चाहता था। मैं सौरभ को लगातार फोन रहा था, लेकिन उससे बात नहीं हो पा रही थी। तब 8 मार्च, 2025 को मैंने दोबारा सौरभ के नंबर पर कॉल किया। फोन उसकी पत्नी मुस्कान ने रिसीव किया था। मुस्कान ने फोन उठाते ही कहा कि हमें डिस्टर्ब मत करो। सौरभ बिजी है, हम बाहर घूमने आए हैं। तुम हमें कॉल करके बार-बार डिस्टर्ब कर रहे हो। उसने मुझे गाली भी दी थी। मेरी सौरभ से बात नहीं कराई।