नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के बाद यूपी में अलर्ट है। महराजगंज और कुशीनगर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नेपाल की ओर से करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक बैराज के 36 गेट खोल दिए गए हैं। इससे गंडक नदी में पानी तेजी से बढ़ रहा है। सीएम योगी ने अफसरों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। दोनों जिलों के डीएम और एसपी समेत अन्य अधिकारी लोगों को सतर्क कर रहे हैं। सायरन बजाकर गांव वालों से जरूरी सामान समेटने के लिए कहा जा रहा है। नदी किनारे के गांवों को खाली कराया जा रहा है। पुलिस लोगों को किनारे पर जाने से रोक रही है। इधर, लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के 19 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। बदायूं में गंगा और रामगंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। पानी बदायूं-शाहजहांपुर हाईवे के ऊपर से बह रहा है। चंदौली में मूसाखांड और लतीफशाह बांध लबालब भर गए हैं। झांसी का सुकवा-ढुकवा बांध ओवरफ्लो हो गया है। वाराणसी में गंगा और प्रयागराज में यमुना का जलस्तर फिलहाल स्थिर है, लेकिन अब भी सभी घाट डूबे हुए हैं। काशी में मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल पानी में डूब गए हैं। इसलिए गलियों और छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इधर, गुरुवार सुबह से बरेली, मुरादाबाद, संभल और बिजनौर समेत 10 शहरों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर समेत 30 से ज्यादा शहरों में बादल छाए हैं। आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इनमें से 31 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इससे पहले, बुधवार को गाजियाबाद और झांसी समेत 35 शहरों में बारिश हुई। कानपुर में करीब 12 घंटे तक रुक-रुक कर तेज बारिश हुई, जिससे सड़कें और गलियां तालाब बन गईं। लोगों के घरों तथा दुकानों में पानी भर गया और वीआईपी (VIP) रोड पर कुएं जैसा गड्ढा हो गया। बारिश और बाढ़ की तस्वीरें… लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्र और यूपी के ऊपर सक्रिय मानसूनी हवाओं के असर से अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 2-3 दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। आज किन जिलों में बारिश हो सकती है, देखिए यूपी में मौसम के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…