पिता बोले- पायलट बनकर आने वाला था बेटा:सफलता की दहलीज पर जिंदगी ने धोखा दिया; कानपुर विमान क्रैश में हुई थी मौत

‘पूरे परिवार को इंतजार था कि 5 दिन बाद बेटा पायलट बनकर आएगा। मौत की खबर ने हमें झकझोर कर रख दिया। बेटे से एक दिन पहले ही बात हुई थी। उसने कहा था कि बस 2 सितंबर को वापस आ रहा हूं। 190 घंटे की ट्रेनिंग पूरी हो गई है, सिर्फ 10 घंटे की बची है। परिवार में बहुत खुशी थी कि बेटा पायलट बनकर लौट रहा है। लेकिन, गुरुवार दोपहर हुए हादसे में सब कुछ बिखर गया। सफलता की दहलीज पर जिंदगी ने दगा दे दिया।’ ये बातें कानपुर में क्रैश हुए ट्रेनिंग विमान में जान गंवाने वाले अभिषेक पुजारी के पिता प्रभाकर राजू पुजारी ने दैनिक भास्कर से कहीं। अभिषेक की दोस्त प्रियंका के भी आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे। कहने लगी- इस तरह से कोई छोड़कर जाता है क्या? प्रभाकर राजू पुजारी पत्नी शशिकला, छोटे बेटे इलेक्ट्रिक इंजीनियर अभिनव, सास शंकरी और अभिषेक की दोस्त प्रियंका के साथ शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे महाराष्ट्र से कानपुर पहुंचे। परिवारवाले शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद अभिषेक का शव लेकर जाएंगे। उधर, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की टीम ने भी शुक्रवार सुबह 11 बजे जांच शुरू की। हादसे की वजह जानने के लिए टीम ने विमान में ब्लैकबॉक्स की तरह काम करने वाले रिकॉर्डर समेत अन्य उपकरण को सुरक्षित कर लिया है। लोग बोले- पिता के कंधे पर अर्थी ही जिंदगी का सबसे बड़ा बोझ कानपुर के स्वरूप नगर स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस में अभिषेक के परिवारवालों को रोता-बिलखता देखकर पुलिसवालों की आंखें भी नम हो गईं। पिता प्रभाकर राजू पुजारी, मां शशिकला और नानी शंकरी अभिषेक का शव देखते ही बदहवास हो गईं। परिवार के सभी लोग पोस्टमॉर्टम हाउस में फफक पड़े। हर किसी की जुबान पर था कि पिता के कंधे पर अर्थी ही जिंदगी का सबसे बड़ा बोझ होता है। भगवान यह दिन किसी को नहीं दिखाए। वहीं, अभिषेक पुजारी के घरवालों ने शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि बेटे का शव महाराष्ट्र ले जाएंगे। शनिवार शाम 6:30 बजे की फ्लाइट है। इस पर पोस्टमॉर्टम प्रभारी विपुल चुतर्वेदी ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया। पायलट सचिन भाटिया के सिर की हडि्डयां चकनाचूर मिलीं हादसे में जान गंवाने वाले दूसरे पायलट सचिन भाटिया का शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम किया गया। शरीर में कुल 22 चोटें मिलीं। ज्यादा खून बहने से उनकी मौत हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर की हडि्डयां चकनाचूर मिलीं। सीने, हाथ-पैर समेत 7 हडि्डयां टूटी हैं। शनिवार देर शाम बड़ोदरा (गुजरात) से सचिन के घरवाले कानपुर में भैरवघाट पहुंचे। यहीं उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अगर विमान दीवार से नहीं टकराता तो बच सकती थी जान जांच टीम में शामिल अफसरों ने बताया कि हादसे की वजह तो जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अगर यह विमान दीवार से नहीं टकराता, तो शायद दोनों की जान बच सकती थी। विमान ट्रांसगंगा सिटी के ऊपर अनियंत्रित हुआ था। पायलट ने सूझबूझ से विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए गंगा किनारे बाग को चुना। लेकिन, फॉर्म हाउस की सीमेंटेड बाउंड्री से टकराने की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया और दोनों की मौत हो गई। इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। धमाके के साथ 200-250 फीट से नीचे गिरा था विमान कानपुर कैंट स्थित गर्ग एविएशन लिमिटेड का चार सीटर ट्रेनी विमान टेकनम P-2006T गुरुवार दोपहर 12.10 बजे क्रैश हुआ। गंगा बैराज के पास 5 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल से टकराकर खेत में गिरा था। विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। खून से लथपथ गुजरात के पायलट सचिन भाटिया (29) और महाराष्ट्र के पनवेल के रहने वाले ट्रेनी अभिषेक पुजारी (28) को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान करीब 200-250 फीट ऊपर था। तभी अचानक हवा में डगमगाया और धमाके की आवाज के साथ जमीन पर गिरा। गिरते ही पूरा विमान टूटकर बिखर गया। पुर्जे दूर तक बिखर गए। हालांकि, विमान में आग नहीं लगी। एक पायलट कॉकपिट के पास फंसा था। दूसरा गंभीर हालत में विमान से थोड़ी दूर खून से लथपथ पड़ा था। विमान की एक सीट भी टूटकर बाहर आ गई। जहां गिरा, वहां से 1 किमी की दूरी पर है रिहायशी बस्ती जहां हादसा हुआ था, वहां से रिहायशी बस्ती करीब एक किमी दूर है। ग्रामीणों ने बताया कि विमान करीब 4-5 मिनट तक हवा में उड़ता रहा। फिर अचानक गिरा। अगर बस्ती के ऊपर विमान गिरता, तो घरों और पब्लिक को नुकसान पहुंच सकता था। विमान कानपुर की कंपनी गर्ग एविएशन फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी का था। 1995 में इसकी स्थापना हुई थी। 100 से ज्यादा लोग पायलट की ट्रेनिंग ले रहे हैं। विमान ने फ्लाइंग एकेडमी से ही उड़ान भरी थी। 39 किमी दूर क्रैश हो गया। —————————– ये खबर भी पढ़िए- घर का आंगन 25 फीट धंसा, गिरकर लड़की की मौत, 7 घंटे फंसी रही, 60 जवानों ने गड्ढा खोदकर निकाला कानपुर में घर का आंगन अचानक धंसने से 25 फीट गहरे गड्‌ढे में गिरी लड़की को 7 घंटे के ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया। लेकिन अस्पताल में उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसा शुक्रवार सुबह 6:40 बजे हुआ। रक्षाबंधन पर 18 साल की यशी सविता नहाकर बाथरूम से बाहर निकली थी। पढ़ें पूरी खबर…