मेरठ के CMO रहे डॉ. अशोक कटारिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसके बाद उन्हें लखनऊ के स्वास्थ्य निदेशायल में अटैच कर दिया गया है। आरोप है कि डॉ. कटारिया ने नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) घोटाले में फंसे पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव की कंपनियों को अवैध तरीके से करोड़ों रुपए का फायदा पहुंचाया है। मेरठ, श्रावस्ती के अस्पतालों के रखरखाव के ठेके पूर्व विधायक के भाई की फर्म को दिए गए, फिर बिना जांचे बिल भी पास कर दिए गए। CMO ऑफिस में हुई इन गड़बड़ियों की एडिशनल डायरेक्टर (AD) लेवल पर जांच हो रही है। CMO ने पूर्व विधायक को सौंपी GeM पोर्टल आईडी 2024 में मुजफ्फरनगर में एक प्राइवेट फर्म को हेपेटाइटिस-बी के टीके लगाने का ठेका दे दिया गया। फर्म लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए 60 रुपए वसूलती थी, जबकि ये फ्री लगनी चाहिए थी। मामला सामने आने पर ठेका कैंसिल तो कर दिया, लेकिन जिम्मेदार एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर महेश चंद्रा पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि डॉ. अशोक कटारिया ने विभाग की GeM पोर्टल (भारत सरकार का एक ऑनलाइन सार्वजनिक खरीद पोर्टल) आईडी मुकेश श्रीवास्तव को सौंप दी थी। इसका इस्तेमाल मुकेश ने लखनऊ में अपने निजी ऑफिस से किया। जनवरी, 2025 में शासन स्तर से जांच हुई तो करीब 3 करोड़ रुपए की खरीद के आदेश कैंसिल कर दिए गए। बाद में पुरानी नोटशीटों के आधार पर फिर से ऑर्डर जारी कर दिए गए। फरवरी में मेरठ के भाजपा नेता अंकित चौधरी ने इसकी शिकायत सीएम योगी से की थी। NHM घोटाले के मुख्य आरोपी हैं पूर्व विधायक बहराइच के पयागपुर से कांग्रेस विधायक रहे मुकेश श्रीवास्तव (अब सपा नेता) श्रावस्ती में हुए NHM घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। उन पर जिले में 2017-22 के बीच अस्पतालों में दवाओं, मेडिकल इक्विपमेंट और गाड़ियों की खरीद में करोड़ों की हेराफेरी का आरोप है। विजिलेंस टीम ने इसी साल 30 मई को मामला दर्ज किया है। मुकेश के साथ ही श्रावस्ती के दो पूर्व CMO डॉ. दिनेश कुमार सिंह और डॉ. विपेंद्र कुमार सिंह समेत 6 लोगों पर FIR दर्ज हुई है। 25% रिश्वत लेकर नकली बिल पास किए श्रावस्ती में 2017 से 22 तक बिना मेडिकल रीइम्बर्समेंट रजिस्टर बनाए वाउचर पास किए गए। 10 से 25% तक कमीशन लेकर भुगतान किया गया। अस्पतालों के रखरखाव का काम मुकेश के भाई की कंपनी आरपी कंस्ट्रक्शन को मिला। कंपनी ने कागजों पर काम दिखाकर बिल पास करवा लिए गए। मामले में आरपी ग्रुप ऑफ कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव पर भी FIR हुई है। मुकेश श्रीवास्तव पर आय से अधिक संपत्ति का भी केस दर्ज है। विजिलेंस जांच में पाया गया कि साल 2017 से 2022 के दौरान मुकेश ने सभी वैध स्रोतों से करीब 1.12 करोड़ रुपए कमाए, जबकि करीब 1.80 करोड़ रुपए खर्च किए। कमाई और खर्च में अंतर की जांच चल रही है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… 206 पुलिस अफसरों के ट्रांसफर, स्तुति संभल CO बनीं: सूर्या के इलाके के ACP हटे, प्रियंका कानपुर भेजी गईं, इंस्टा पर 43 हजार फॉलोवर योगी सरकार ने गुरुवार को 206 प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) अफसरों के तबादले किए हैं। इनमें 20 महिला पुलिस अफसर हैं। ट्रांसफर की लिस्ट में बड़ी संख्या में वे अधिकारी हैं, जो लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात थे। इंस्पेक्टर से क्षेत्राधिकारी (CO) बने अफसरों के भी तबादले हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…