छोटे भाई प्रतीक यादव की मौत के बाद अखिलेश यादव लखनऊ में KGMU के पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। कहा- प्रतीक से मेरी 2 महीने पहले मुलाकात हुई थी। उस समय मैंने यही कहा था कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो। अपने कारोबार को आगे बढ़ाओ। कभी-कभी कारोबार में जो नुकसान होता है, उससे कई बार आदमी बहुत टूट जाता है। अखिलेश ने भावुक होकर जिस कारोबार के नुकसान की बात की, वो क्या है? यह सवाल हमने सपा और यादव परिवार के बेहद करीबी लोगों से पूछा। इसमें सामने आया कि प्रतीक रियल स्टेट और फिटनेस इंडस्ट्री में कारोबार कर रहे थे। उनकी कंपनियों में पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट पार्टनर थे। लेकिन, पिछले 1 साल में अलग-अलग इन्वेस्टमेंट से काफी नुकसान हुआ था। इसके चलते प्रतीक अमन से बहुत ज्यादा नाराज हो गए थे। उन्हें अपने जिम ‘आयरन कोर फिट’ के ऑफिस को खाली करने तक के लिए कह दिया था। यह जिम गोमतीनगर के मनोज पांडेय चौराहे पर स्थित है। इसके बाद से प्रतीक थोड़ा परेशान रहने लगे थे। हालांकि, अमन बिष्ट सिविल अस्पताल में प्रतीक के साथ एंबुलेंस में दिखे। साथ ही वह पोस्टमॉर्टम हाउस में भी मौजूद रहे। पहले प्रतीक का कारोबार समझिए… अपर्णा के भाई की मदद से रियल स्टेट का कारोबार चलाते थे
प्रतीक दो सेक्टर में कारोबार करते थे। पहला- रियल स्टेट। दूसरा- फिटनेस इंडस्ट्री। रियल स्टेट कारोबार को संभालने के लिए प्रतीक पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट की मदद लेते थे। 2012 में यूपी में सपा की सरकार बनने के बाद अमन ने 17 कंपनियां रजिस्टर कराईं। इनमें 12 जुलाई, 2012 से लेकर 29 अप्रैल, 2016 तक कुल 16 कंपनियों में अमन डायरेक्टर या डिजिग्नेटेड डायरेक्टर (नामित निदेशक) नियुक्त हुए थे। एक अन्य कंपनी में अमन 1 मई, 2018 में बतौर डायरेक्टर नियुक्त हुए थे। इनमें ज्यादातर कंपनियां रियल स्टेट से जुड़े कारोबार के तौर पर रजिस्टर थीं। हालांकि, अमन भले ही डायरेक्टर थे, लेकिन पूरे कारोबार की बागडोर प्रतीक यादव के हाथ में रहती थी। अब कारोबार के विवाद जानिए… कारोबारी पर FIR कराई, प्रतीक का आरोप- 5 करोड़ रंगदारी मांग रहा
प्रतीक के एक करीबी दोस्त ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया- 2017 में सपा की सत्ता से विदाई हो गई। इसके बाद से अमन और प्रतीक के बीच कारोबार के नफा-नुकसान को लेकर कहासुनी शुरू हो गई थी। यह नुकसान कितना बड़ा था, इसे लेकर कभी कोई जिक्र नहीं हुआ। रियल स्टेट कारोबार के साथी कृष्णानंद से भी प्रतीक का विवाद हुआ था। कृष्णानंद के साथ प्रतीक ने कई करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया था। प्रतीक ने पैसे वापस मांगे, तो कृष्णानंद उन्हें फर्जी केस में फंसाने की धमकी देने लगा। बीते साल विवाद इतना बढ़ा कि कृष्णानंद ने पुलिस में प्रतीक के खिलाफ शिकायत कर दी थी। पुलिस ने जांच की, तो मामला ठीक उलट सामने आया। फिर प्रतीक की ओर से 13 जुलाई, 2025 को लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में FIR दर्ज कराई गई। इसमें कृष्णानंद पांडेय, उसकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय के खिलाफ 4-5 करोड़ ठगी करने और 5 करोड़ रंगदारी मांगने की शिकायत थी। इस मामले में पुलिस की जांच अभी भी चल रही है। अपर्णा के भाई के खिलाफ भी FIR हुई थी
20 सितंबर, 2025 को अमन बिष्ट के खिलाफ ठाकुर सिंह ने भी धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। इसमें 14 करोड़ रुपए का हेर-फेर करने के आरोप लगाए गए थे। यह मुकदमा कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया था। अमन पर आरोप लगा था कि उन्होंने 2019 में कारोबारी ठाकुर सिंह को सराेजनीनगर के सरसावा और अहमऊ गांव में करीब 22 बीघा जमीन बेचने का दावा करके पैसे लिए। लेकिन, सौदा पूरा नहीं किया। रुपए अमन सिंह बिष्ट की कंपनी मोनाल इंफ्राहाइट्स के खाते में ट्रांसफर हुए थे। इसकी जांच भी चल रही है। नोएडा में भी डूबी रकम, प्रतीक डिप्रेशन में चले गए
सूत्र बताते हैं कि प्रतीक ने नोएडा के भी एक कारोबारी के साथ कई करोड़ का इंवेस्टमेंट किया था। जिस कारोबारी के साथ पैसे इंवेस्ट किए थे, उसकी नीयत खराब हो गई। उसने प्रतीक के पैसे वापस करने से इनकार कर दिया। इसके बाद से प्रतीक लगातार डिप्रेशन में रहने लगे थे। सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रतीक ने अपनी दोनों बेटियों के साथ इंग्लैंड शिफ्ट होने का भी प्लान बनाया था। लेकिन, इससे पहले वह कारोबार में लगे पैसों को इकट्ठा करने लगे थे। ————————- ये खबरें भी पढ़ें – अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक का निधन, पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर लाया गया, अपर्णा भी पहुंचीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 38 साल थी। सुबह 6 बजे पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पढ़िए पूरी खबर… लग्जरी कारें, बॉडी बिल्डिंग और तन्हाई, ऐसे थे प्रतीक यादव:राजनीति से दूरी, अपर्णा से लव मैरिज, फिर विवाद; मौत की वजह भी रहस्य सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। महज 38 साल की उम्र में उनकी मौत की खबर से लोग हैरान हैं। प्रतीक की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही है। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। पढ़िए पूरी खबर…
प्रतीक दो सेक्टर में कारोबार करते थे। पहला- रियल स्टेट। दूसरा- फिटनेस इंडस्ट्री। रियल स्टेट कारोबार को संभालने के लिए प्रतीक पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट की मदद लेते थे। 2012 में यूपी में सपा की सरकार बनने के बाद अमन ने 17 कंपनियां रजिस्टर कराईं। इनमें 12 जुलाई, 2012 से लेकर 29 अप्रैल, 2016 तक कुल 16 कंपनियों में अमन डायरेक्टर या डिजिग्नेटेड डायरेक्टर (नामित निदेशक) नियुक्त हुए थे। एक अन्य कंपनी में अमन 1 मई, 2018 में बतौर डायरेक्टर नियुक्त हुए थे। इनमें ज्यादातर कंपनियां रियल स्टेट से जुड़े कारोबार के तौर पर रजिस्टर थीं। हालांकि, अमन भले ही डायरेक्टर थे, लेकिन पूरे कारोबार की बागडोर प्रतीक यादव के हाथ में रहती थी। अब कारोबार के विवाद जानिए… कारोबारी पर FIR कराई, प्रतीक का आरोप- 5 करोड़ रंगदारी मांग रहा
प्रतीक के एक करीबी दोस्त ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया- 2017 में सपा की सत्ता से विदाई हो गई। इसके बाद से अमन और प्रतीक के बीच कारोबार के नफा-नुकसान को लेकर कहासुनी शुरू हो गई थी। यह नुकसान कितना बड़ा था, इसे लेकर कभी कोई जिक्र नहीं हुआ। रियल स्टेट कारोबार के साथी कृष्णानंद से भी प्रतीक का विवाद हुआ था। कृष्णानंद के साथ प्रतीक ने कई करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया था। प्रतीक ने पैसे वापस मांगे, तो कृष्णानंद उन्हें फर्जी केस में फंसाने की धमकी देने लगा। बीते साल विवाद इतना बढ़ा कि कृष्णानंद ने पुलिस में प्रतीक के खिलाफ शिकायत कर दी थी। पुलिस ने जांच की, तो मामला ठीक उलट सामने आया। फिर प्रतीक की ओर से 13 जुलाई, 2025 को लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में FIR दर्ज कराई गई। इसमें कृष्णानंद पांडेय, उसकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय के खिलाफ 4-5 करोड़ ठगी करने और 5 करोड़ रंगदारी मांगने की शिकायत थी। इस मामले में पुलिस की जांच अभी भी चल रही है। अपर्णा के भाई के खिलाफ भी FIR हुई थी
20 सितंबर, 2025 को अमन बिष्ट के खिलाफ ठाकुर सिंह ने भी धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। इसमें 14 करोड़ रुपए का हेर-फेर करने के आरोप लगाए गए थे। यह मुकदमा कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया था। अमन पर आरोप लगा था कि उन्होंने 2019 में कारोबारी ठाकुर सिंह को सराेजनीनगर के सरसावा और अहमऊ गांव में करीब 22 बीघा जमीन बेचने का दावा करके पैसे लिए। लेकिन, सौदा पूरा नहीं किया। रुपए अमन सिंह बिष्ट की कंपनी मोनाल इंफ्राहाइट्स के खाते में ट्रांसफर हुए थे। इसकी जांच भी चल रही है। नोएडा में भी डूबी रकम, प्रतीक डिप्रेशन में चले गए
सूत्र बताते हैं कि प्रतीक ने नोएडा के भी एक कारोबारी के साथ कई करोड़ का इंवेस्टमेंट किया था। जिस कारोबारी के साथ पैसे इंवेस्ट किए थे, उसकी नीयत खराब हो गई। उसने प्रतीक के पैसे वापस करने से इनकार कर दिया। इसके बाद से प्रतीक लगातार डिप्रेशन में रहने लगे थे। सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रतीक ने अपनी दोनों बेटियों के साथ इंग्लैंड शिफ्ट होने का भी प्लान बनाया था। लेकिन, इससे पहले वह कारोबार में लगे पैसों को इकट्ठा करने लगे थे। ————————- ये खबरें भी पढ़ें – अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक का निधन, पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर लाया गया, अपर्णा भी पहुंचीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 38 साल थी। सुबह 6 बजे पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पढ़िए पूरी खबर… लग्जरी कारें, बॉडी बिल्डिंग और तन्हाई, ऐसे थे प्रतीक यादव:राजनीति से दूरी, अपर्णा से लव मैरिज, फिर विवाद; मौत की वजह भी रहस्य सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। महज 38 साल की उम्र में उनकी मौत की खबर से लोग हैरान हैं। प्रतीक की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही है। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। पढ़िए पूरी खबर…