प्रयागराज में 17 साल के लड़के की पांच दोस्तों ने मिलकर हत्या कर दी। उसके सिर पर चापड़ से ताबड़तोड़ वार किए गए। लड़के ने जिन हाथों से दोस्तों को 15 हजार रुपए कर्ज दिए थे। दोस्तों ने उसी हाथ की अंगुली भी काट डाली। शांतनु सोमवार रात से ही लापता था। मंगलवार सुबह उसका शव गंगा किनारे मनसेता नाले के किनारे पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घरवालों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। हत्या के आरोपी उज्जवल समेत 4 दोस्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब पूरी घटना सिलसिलेवार पढ़िए
शांतनु दुबे (17) झूंसी के कोहना बस्ती का रहने वाला था। उसके पिता दीपक दुबे तीर्थ पुराेहित हैं। परिवारवालों के मुताबिक, शांतनु सोमवार रात करीब 9:30 बजे घर से निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। लेकिन शांतनु का कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह पुलिस को गंगा किनारे मनसेता नाले के पास झाड़ियों में एक लड़के की लाश पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो शव पर चोट के निशान मिले। सिर पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने आसपास के लोगों से शव की पहचान कराने कराने की कोशिश की। बाद में मौके पर पहुंचे घरवालों ने शांतनु की टी-शर्ट से शव को पहचान लिया। परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि घर से निकलने से पहले शांतनु के पास किसी की कॉल आई थी। उज्जवल ने 4 दोस्तों के साथ मिलकर शांतनु को मारा पुलिस अफसरों ने शांतनु की तलाश में एसीपी झूंसी अरुण पाराशर के नेतृत्व में तीन टीमें बनाईं थीं। अलग-अलग एंगल पर जांच में सामने आया कि शांतनु का झूंसी के ही रहने वाले कुछ युवकों के साथ दोस्ती थी। इनमें से एक से उसका 15 हजार रुपयों को लेकर विवाद भी चल रहा था। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि इनमें से एक युवक रात से ही लापता है। इस पर दोस्तों पर शक गहरा गया।परिवारवालों ने बताया कि जिस युवक से रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था, उसका नाम उज्जवल है। उज्जवल की तलाश में जुटी पुलिस ने मंगलवार शाम को उसे हिरासत में ले लिया। पहले वह घटना के बारे में कोई जानकारी होने से मना करता रहा। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उज्जवल ने शांतनु की हत्या की बात कबूल ली। उसने बताया कि चार दोस्तों के साथ मिलकर मैंने शांतनु को मार डाला। उधार के रुपए नहीं लौटाना था उज्जवल
उज्जवल ने पूछताछ में बताया- मैंने कई महीने पहले शांतनु से 15 हजार रुपये उधार लिए थे। मैं आइसक्रीम फैक्ट्री में काम करता हूं। मेरा और मेरे दोस्तों का शांतनु के साथ उठना-बैठना था। पैसों की तंगी थी, इसलिए रुपये नहीं लौटा पाया। शांतनु बार-बार पैसे वापस करने का दबाव बना रहा था। करीब ढाई महीने पहले अपने पिता- भाई से मुझे, मेरे दोस्त हर्ष को पिटवाया भी था। रोज तगादा करने लगा था। इससे मैं तंग आ गया था। मैंने अपने दोस्तों से यह बात बताई और फिर प्लान बनाया। तय किया कि दो-तीन हजार रुपए वापस दे देगा। अगर वह नहीं माना तो उसकी हत्या कर देगा। शराब पिलाने के बाद ताबड़तोड़ चापड़ मारे
प्लानिंग के तहत, सोमवार रात 9:30 बजे शांतनु को फोन करके बुलाया गया। इसके बाद पहले उसे शराब पिलाई गई। वहां पहले भी कई बार पीना-खाना हो चुका था, ऐसे में शांतनु ने किसी भी तरह का सवाल भी नहीं किया और वहां चला आया। उसके शराब के नशे में धुत होने के बाद मैंने उससे रुपयों को लेकर बातचीत शुरू की। दोस्तों ने दबोच लिया, मैंने वार किया
कहा कि दो-तीन हजार रुपये लेकर मामला खत्म करो। इस पर वह झगड़ने लगा और गालीगलौज करने लगा। इसके बाद ही मेरे दोस्तों ने उसे दबोच लिया और फिर मैंने चापड़ निकालकर उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। वह लहुलुहान होकर भागने लगा, लेकिन कुछ दूर जाकर ही लड़खड़ाकर गिर गया। इसके बाद फिर नहीं उठ पाया। हत्या के बाद मैं और मेरे दोस्त लाश वहीं छोड़कर भाग निकले। DCP सिटी सागर जैन ने बताया- परिवार वालों की तहरीर पर पांच लोगाें पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। इनमें से मुख्य आरोपी समेत चार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। …………………………… ये खबर भी पढ़िए- अतीक का शूटर अरमान चेहरा ढंककर कोर्ट पहुंचा:उमेश पाल की हत्या में गिरफ्तारी हुई; बिहार पुलिस वापस ले जाएगी माफिया अतीक अहमद के शूटर अरमान को पुलिस ने सोमवार शाम करीब 4:15 बजे प्रयागराज कोर्ट में पेश किया। स्पेशल जज एससी-एसटी मयंक कुमार की कोर्ट ने अरमान को 14 दिन के लिए जेल भेजने का आदेश दिया। अब प्रयागराज पुलिस कोर्ट में अरमान को रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दाखिल करेगी। दरअसल, उमेश पाल हत्याकांड में अरमान को प्रयागराज पुलिस ने सोमवार को ऑफिशियली गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर।
शांतनु दुबे (17) झूंसी के कोहना बस्ती का रहने वाला था। उसके पिता दीपक दुबे तीर्थ पुराेहित हैं। परिवारवालों के मुताबिक, शांतनु सोमवार रात करीब 9:30 बजे घर से निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। लेकिन शांतनु का कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह पुलिस को गंगा किनारे मनसेता नाले के पास झाड़ियों में एक लड़के की लाश पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो शव पर चोट के निशान मिले। सिर पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने आसपास के लोगों से शव की पहचान कराने कराने की कोशिश की। बाद में मौके पर पहुंचे घरवालों ने शांतनु की टी-शर्ट से शव को पहचान लिया। परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि घर से निकलने से पहले शांतनु के पास किसी की कॉल आई थी। उज्जवल ने 4 दोस्तों के साथ मिलकर शांतनु को मारा पुलिस अफसरों ने शांतनु की तलाश में एसीपी झूंसी अरुण पाराशर के नेतृत्व में तीन टीमें बनाईं थीं। अलग-अलग एंगल पर जांच में सामने आया कि शांतनु का झूंसी के ही रहने वाले कुछ युवकों के साथ दोस्ती थी। इनमें से एक से उसका 15 हजार रुपयों को लेकर विवाद भी चल रहा था। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि इनमें से एक युवक रात से ही लापता है। इस पर दोस्तों पर शक गहरा गया।परिवारवालों ने बताया कि जिस युवक से रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था, उसका नाम उज्जवल है। उज्जवल की तलाश में जुटी पुलिस ने मंगलवार शाम को उसे हिरासत में ले लिया। पहले वह घटना के बारे में कोई जानकारी होने से मना करता रहा। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उज्जवल ने शांतनु की हत्या की बात कबूल ली। उसने बताया कि चार दोस्तों के साथ मिलकर मैंने शांतनु को मार डाला। उधार के रुपए नहीं लौटाना था उज्जवल
उज्जवल ने पूछताछ में बताया- मैंने कई महीने पहले शांतनु से 15 हजार रुपये उधार लिए थे। मैं आइसक्रीम फैक्ट्री में काम करता हूं। मेरा और मेरे दोस्तों का शांतनु के साथ उठना-बैठना था। पैसों की तंगी थी, इसलिए रुपये नहीं लौटा पाया। शांतनु बार-बार पैसे वापस करने का दबाव बना रहा था। करीब ढाई महीने पहले अपने पिता- भाई से मुझे, मेरे दोस्त हर्ष को पिटवाया भी था। रोज तगादा करने लगा था। इससे मैं तंग आ गया था। मैंने अपने दोस्तों से यह बात बताई और फिर प्लान बनाया। तय किया कि दो-तीन हजार रुपए वापस दे देगा। अगर वह नहीं माना तो उसकी हत्या कर देगा। शराब पिलाने के बाद ताबड़तोड़ चापड़ मारे
प्लानिंग के तहत, सोमवार रात 9:30 बजे शांतनु को फोन करके बुलाया गया। इसके बाद पहले उसे शराब पिलाई गई। वहां पहले भी कई बार पीना-खाना हो चुका था, ऐसे में शांतनु ने किसी भी तरह का सवाल भी नहीं किया और वहां चला आया। उसके शराब के नशे में धुत होने के बाद मैंने उससे रुपयों को लेकर बातचीत शुरू की। दोस्तों ने दबोच लिया, मैंने वार किया
कहा कि दो-तीन हजार रुपये लेकर मामला खत्म करो। इस पर वह झगड़ने लगा और गालीगलौज करने लगा। इसके बाद ही मेरे दोस्तों ने उसे दबोच लिया और फिर मैंने चापड़ निकालकर उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। वह लहुलुहान होकर भागने लगा, लेकिन कुछ दूर जाकर ही लड़खड़ाकर गिर गया। इसके बाद फिर नहीं उठ पाया। हत्या के बाद मैं और मेरे दोस्त लाश वहीं छोड़कर भाग निकले। DCP सिटी सागर जैन ने बताया- परिवार वालों की तहरीर पर पांच लोगाें पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई। इनमें से मुख्य आरोपी समेत चार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। …………………………… ये खबर भी पढ़िए- अतीक का शूटर अरमान चेहरा ढंककर कोर्ट पहुंचा:उमेश पाल की हत्या में गिरफ्तारी हुई; बिहार पुलिस वापस ले जाएगी माफिया अतीक अहमद के शूटर अरमान को पुलिस ने सोमवार शाम करीब 4:15 बजे प्रयागराज कोर्ट में पेश किया। स्पेशल जज एससी-एसटी मयंक कुमार की कोर्ट ने अरमान को 14 दिन के लिए जेल भेजने का आदेश दिया। अब प्रयागराज पुलिस कोर्ट में अरमान को रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दाखिल करेगी। दरअसल, उमेश पाल हत्याकांड में अरमान को प्रयागराज पुलिस ने सोमवार को ऑफिशियली गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर।