फर्रुखाबाद के 49 गावों में बाढ़, नावें चल रहीं:स्टीमर से डीएम पहुंचे, काशी में सीढ़ियों पर जल रहीं चिताएं; 48 जिलों में बारिश का अलर्ट

पहाड़ों पर हो रही बारिश से यूपी में गंगा, यमुना और शारदा समेत 10 नदियां उफान पर हैं। काशी में घाटों की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। सभी 84 घाटों को आपस में जोड़ने वाले रास्ते जलमग्न हो गए हैं। 100 से ज्यादा छोटे मंदिर डूब गए हैं। मणिकर्णिका घाट पर 50 फीट ऊंचा रत्नेश्वर महादेव मंदिर आधे से ज्यादा डूब चुका है। सिर्फ गुंबद दिखाई दे रहा है। हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल डूब गया है। घाट की ऊपरी सीढ़ियों पर चिताएं जलाई जा रही हैं। लोगों को आधे से एक घंटे तक शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कानपुर में गंगा नदी चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई है। 5 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बच्चे नाव से स्कूल जा रहे हैं। सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। उन्नाव में गंगा का पानी कॉलोनियों में घुस गया है। छतों पर लोगों की जिंदगी बीत रही है। गलियों में नावें चल रही हैं। लखीमपुर-खीरी में शारदा नदी में अब तक 70 एकड़ जमीन समा चुकी है। रायबरेली में घर में 5 फीट लंबा घड़ियाल घुस गया। आज 48 जिलों में बारिश का अलर्ट है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में धूप निकली हुई है। बारिश और बाढ़ की तस्वीरें देखिए… लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- मध्य प्रदेश के पास बने हवा के दबाव के कारण पश्चिमी यूपी में अच्छी बारिश हुई। जबकि, मानसूनी रेखा के दक्षिण की ओर खिसकने से पूर्वी और मध्य यूपी में बारिश कम रही। हालांकि, फिलहाल आसमान से मानसूनी बादल छट गए हैं। अगले 24 से 48 घंटे बाद मानसून के फिर से एक्टिव होने की उम्मीद है।

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