बाराबंकी में सरयू नदी में समाए 10-12 मकान:उम्मीद टूटने पर ग्रामीण खुद तोड़ रहे घर; डीएम ने कहा- मिलेगी जमीन और प्रधानमंत्री आवास

नेपाल से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा यानी सरयू नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे बाराबंकी में बाढ़ और कटान का खतरा बढ़ रहा है। रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट तहसील के सैकड़ों गांव इसकी चपेट में हैं। घाघरा नदी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। रामनगर तहसील के हेतमापुर गांव में हालात सबसे खराब हैं, जहां नदी अब गांव के अंदर तक कटान कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि हेतमापुर में 10 से 12 मकान सरयू नदी में बह चुके हैं। एक के बाद एक पक्के मकानों के नदी में बहने से ग्रामीणों में डर है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों ने अपने घर बचने की उम्मीद छोड़ दी है। मजबूरी में ग्रामीण खुद ही पक्के मकानों को तोड़कर ईंट, दरवाजे, खिड़कियां, टीन शेड और घर का जरूरी सामान निकाल रहे हैं। कटान से प्रभावित श्यामू ने बताया कि वह मंदिर के पास एक छोटी मिठाई की दुकान चलाते हैं। इससे उनके आठ लोगों के परिवार का गुजारा होता है। उनका कहना है कि अब उनके घर और रोजी-रोटी दोनों पर संकट आ गया है। नदी का कटान बढ़ने से उनका घर सुरक्षित नहीं है और परिवार को लेकर उनकी चिंता बढ़ रही है। वहीं, राजू का आरोप है कि कटान को समय रहते रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि अगर बड़े पत्थर डालकर मजबूत बचाव कार्य किया जाता तो शायद उनका मकान बच जाता। राजू के अनुसार, अधिकारी मौके पर आते रहे, लेकिन कोई ठोस इंतजाम नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रशासन की तरफ से दो वक्त का खाना मिल रहा है। डीएम ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि बाराबंकी में करीब एक महीने से बाढ़ के हालात बने हुए हैं। जिले की तीन तहसीलें इससे प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को लगातार मदद दी जा रही है। जिन लोगों के मकान नदी में बह गए हैं, उन्हें नियम के मुताबिक पट्टे की जमीन दी जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके घर भी बनवाए जाएंगे। लेकिन घर और भविष्य की चिंता बनी हुई है। घर नहीं बचा तो गृहस्थी बचाने की जद्दोजहद हेतमापुर में दिन-रात यही तस्वीर दिखाई दे रही है। कोई हथौड़े से दीवार तोड़ रहा है तो कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली में सामान लादकर सुरक्षित स्थान की ओर जा रहा है। वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी से बनाए गए घरों को अपनी आंखों के सामने टूटता देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हैं।