औरैया से बेटे को लखनऊ NEET का पेपर दिलाने आए पिता की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। बेटा एग्जाम सेंटर के अंदर पेपर दे रहा था। एग्जाम शुरू होने के बाद पिता सेंटर से कुछ दूर ट्रेन की पटरी की तरफ चला गया। लौटते समय एक ट्रेन आ गई, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना 3 मई की शाम करीब 4:30 बजे की बीकेटी इंटर कॉलेज से 1 किलोमीटर है। मृतक की पहचान गेल में कार्यरत अरुण कुमार (46) के रूप में हुई। वह औरैया जिले के भरधना रोड, बस्ती बिधुना के निवासी थे। स्थानीय लोगों ने घटना देखते ही पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल से करीब 50 कदम की दूरी पर सीतापुर रोड स्थित इंदौरा बाग चौकी से पुलिस पहुंची। मृतक की शिनाख्त जेब में मिले आधार कार्ड से हुई। पुलिस ने मृतक के फोन से घर में किया कॉल पुलिस के अनुसार, अरुण कुमार अपने बेटे यशु को बीकेटी इंटर कॉलेज में NEET की परीक्षा दिलाने के लिए आए थे। उनके पास एक बैग मिला, जिसमें आधार कार्ड भी था। जेब में मिले मोबाइल फोन से उनके घर में कॉल किया गया। वहां परिजनों को सूचना मिली तो उन्होंने बताया कि अरुण तो बेटे को NEET की परीक्षा दिलाने ले गए हैं। 5 बजे पेपर खत्म हुआ तो बेटे को भी पुलिस ने बताया। पुलिस बोली- गेल में नौकरी करता था बीकेटी थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि शव पूरी तरह से तितर-बितर हो गया था। इस बात की जांच की जा रही है कि वह आखिर कॉलेज से 1 किलोमीटर दूर रेल की पटरी पर क्या करने गए थे। वह गेल कंपनी में नौकरी करते थे। मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मृतक के पिता हार्ट की रूटीन चेकअप के लिए नोएडा गए थे। उनको भी घटना के बारे में बता दिया गया है। छोटा भाई बोला- बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे पोस्टमॉर्टम हाउस में रात 11:30 बजे तक परिजन नहीं पहुंचे थे। मृतक अरुण के छोटे भाई कन्हैया से फोन पर दैनिक भास्कर रिपोर्टर की बात हुई। कन्हैया ने बताया- गेल औरैया में भाई तैनात थे। पिता अधिकारी के पद से रिटायर हैं। अरुण के परिवार में पत्नी सुमन देवी, बेटी युविका और बेटा यशु हैं। बेटे यशु को भाई डॉक्टर बनाना चाहते थे। हम तीन भाई थे। बड़े भाई राजीव कुमार की पहले ही मौत हो चुकी है। आज अरुण कुमार की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। ये खबर भी पढ़िए… ऑटो ड्राइवर ने पटरी पर गर्दन रखकर सुसाइड किया गोमतीनगर क्षेत्र में पानी की टंकी के पास रविवार भोर ऑटो चालक ने रेलवे लाइन पर गर्दन रखकर सुसाइड कर लिया। क्षेत्रीय लोगों ने देखा तो पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान सीतापुर के अटरिया गांव निवासी आलोक कुमार (22) के रूप में हुई। उसके परिवार में पत्नी, दो बेटे कृष्णा और कृष हैं। वह गोमतीनगर पानी की टंकी के पास झोपड़ी में रहता था। भांजे विवेक ने बताया कि दो-तीन दिन पहले किसी बात को लेकर आलोक का पत्नी से विवाद हुआ था। रविवार सुबह आलोक शौच के लिए रेलवे लाइन किनारे गया था। साबरमती एक्सप्रेस आ रही थी तभी उसने रेलवे लाइन पर गर्दन रख दी। आलोक का सिर धड़ से अलग हो गया। सुबह रेलवे लाइन किनारे लोगों ने अलोक के शव को देखा तो मौके पर भीड़ लग गई। इस बीच लोगों ने आलोक के परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी दी। आलोक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन आनन-फानन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। गोमतीनगर इंस्पेक्टर ने बताया कि युवक ने ट्रेन के आगे गर्दन रखकर अपनी जान दी है। उसकी गर्दन धड़ से अलग है। शरीर में और कीं चोट के निशान नहीं हैं। ————————- ये खबर भी पढ़िए… लखनऊ में 76 केंद्रों पर NEET-UG परीक्षा : 37000 से अधिक अभ्यर्थियों ने दिया पेपर, बोले- फिजिक्स टफ, बॉयोलॉजी लेंदी देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए NEET-UG परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई गई। लखनऊ में परीक्षा के लिए 76 केंद्र थे, जहां 37 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने पेपर दिया। जांच के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। दोपहर 1:30 बजे गेट बंद कर दिया गया। (पूरी खबर पढ़िए)