ब्रिटिश मौलाना के मदरसे पर 13 घंटे चला बुलडोजर:संतकबीरनगर में 25-30 कमरे, कीमत-5 करोड़ रुपए

संतकबीरनगर में ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान के मदरसे पर रविवार सुबह 10 बजे से रात 11 बजे तक बुलडोजर चला। इस दौरान मदरसे के पिछले हिस्से को करीब 15 फीट तक तोड़ा गया। इसके बाद कार्रवाई रोक दी गई। अब सोमवार सुबह फिर से ध्वस्तीकरण होगा। मदरसे को गिराने के लिए 6 बुलडोजर और 2 पोकलैंड मशीनें लगाई गईं। अब तक मदरसे की चारदीवारी और 10 से अधिक पिलर टूट चुके हैं। पिलर बेहद मजबूत थे, जिससे दो बुलडोजर के ब्लेड टूट गए। एक बुलडोजर खराब हो गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर 30 महिला पुलिसकर्मियों समेत करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे। पीएसी की दो कंपनियां भी बुलाई गईं। एसडीएम हृदय नारायण त्रिपाठी, सीओ प्रियम राजशेखर, आनंद ओझा और कोतवाली प्रभारी जयप्रकाश दुबे सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन के मुताबिक, शमसुल ने 8 साल पहले सरकारी जमीन पर 640 वर्गमीटर (करीब 7 हजार वर्गफीट) में तीन मंजिला मदरसे का निर्माण कराया था। इसमें कुल 25 कमरे हैं। इसको बनाने में 5 करोड़ रुपए की लागत आई थी। आरोप है कि इसका निर्माण विदेशी फंडिंग के जरिए किया गया था। मदरसा साल-2024 से बंद है। उस समय मदरसे में करीब 400 बच्चे पढ़ते थे। शमसुल हुदा खान फिलहाल ब्रिटेन में रह रहा है। उसने ब्रिटिश नागरिकता ले रखी है। हालांकि, उसकी पत्नी सकलैन खातून, बेटा तौसीफ रजा, बहू नसरीन खलीलाबाद में रहते हैं। मौलाना 2017 में देश छोड़कर गया था। इसके बावजूद वह 10 साल तक आजमगढ़ के एक मदरसे से वेतन लेता रहा। बाद में अधिकारियों की मिलीभगत से उसने वीआरएस ले लिया। करीब पांच महीने पहले मामला सामने आने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। बुलडोजर एक्शन की तस्वीरें देखिए- क्यों हो रही कार्रवाई, पढ़िए बुलडोजर एक्शन से जुड़े अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…