यूपी में सियासी हलचल तेज हो गई है। मंत्री अनिल राजभर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 3 महीने में पंचायत चुनाव कराने के आदेश पर कहा, “सरकार को चुनाव कराने में कोई एतराज नहीं है। चुनाव कराने का काम चुनाव आयोग का है। आयोग जब भी फैसला करेगा, सरकार सहयोग के लिए तैयार है।” यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है। हमारी पंचायत हमारे संविधान का अंतिम पायदान है, समाज की रीढ़ है। सरकार को चुनाव कराने में क्या डर था?” इधर, मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि 2024 का लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं? 2017, 2019 और 2022 के चुनाव में सपा हारी, लेकिन 2024 में 37 सांसद जीत गए। फिर 4 में से 3 चुनाव गलत और एक सही कैसे हो सकता है? राजभर ने कहा कि जब सपा को हैसियत से ज्यादा सीटें मिल गईं, तब सब ‘ऑल इज वेल’ हो गया। लेकिन, अब नवाबी के दिन हवा हो गए हैं। 2027 में साइकिल का टायर फटने जा रहा है। रिम-फ्रेम भी टेढ़ा होने वाला है। यूपी एक्सप्लेनर पढ़िए-
क्या 2027 विधानसभा चुनाव टालने पड़ेंगे? इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- 3 महीने में पंचायत चुनाव कराएं, क्या ये संभव है…?
क्या 2027 विधानसभा चुनाव टालने पड़ेंगे? इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- 3 महीने में पंचायत चुनाव कराएं, क्या ये संभव है…?